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विस्थापित हुए तो बिखर जाएंगे ख्वाब

-आशीष महर्षि अब खबर आई है कि अफ्रीकी चीते को बसाने के लिए मध्यप्रदेश के नौरादेही अभयारण्य से 23 गांवों को उजाड़े जाने की पूरी…

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खेल जगत भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल

भ्रष्टमंडल खेल बना राष्ट्र की प्रतिष्ठा का सवाल

-अवनीश सिंह जैसे-जैसे राष्ट्रमंडल खेलों की घडियां नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे खेल से जुडी परियोजनाओं के आयोजकों की परेशानी बढती जा रही हैं।…

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विविधा ममता की रेल: सुविधा की प्रतीक या असुविधा की

ममता की रेल: सुविधा की प्रतीक या असुविधा की

-निर्मल रानी भारतीय रेल निश्चित रूप से विश्व के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में एक प्रमुख है। परंतु जिस प्रकार दिन-प्रतिदिन यह भारतीय रेल नेटवर्क…

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राजनीति ये कैसा गांधीवाद है स्वामी अग्निवेशजी

ये कैसा गांधीवाद है स्वामी अग्निवेशजी

कहलाते हैं शांति के दूत और वकालत करते हैं तोप से उड़ाने की -दानसिंह देवांगन स्वामी अग्निवेश जी प्रखर गांधीवादी, अमन व शांति के दूत…

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धर्म-अध्यात्म राममंदिर पर मुसलमानों की रहस्यमयी चुप्पी

राममंदिर पर मुसलमानों की रहस्यमयी चुप्पी

-अनिल सौमित्र रामजन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद पर फैसला आने ही वाला है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बहुप्रतीक्षित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के मुकदमे में…

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कश्मीर-स्वायत्तता बनाम विस्थापितों की समस्या?

-डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ इस बात से कोई भी इनकार नहीं कर सकता कि कश्मीर का अन्तर्राष्ट्रीयकरण करने के लिये बहुत कुछ तत्कालीन प्रधानमन्त्री जवाहर…

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कंधमाल में चैन, दिल्ली बेचैन

-समन्वय नंद आगामी 22 से 24 अगस्त तक नई दिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में एक कंधमाल को लेकर कार्यक्रम का आय़ोजन किया जा रहा है।…

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विविधा खाद्यान्न महंगाई और विषम होती परिस्तिथियाँ

खाद्यान्न महंगाई और विषम होती परिस्तिथियाँ

-पंकज चतुर्वेदी सन २००८ में आयी आर्थिक मंदी के बाद से विश्व भर में तमाम देशों की आर्थिक सेहत खराब बनी हुई है, कभी ऐसा…

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राजनीति भोपाल गैस कांड में अर्जुन सिंह आखिर साबित क्या करना चाहते हैं?

भोपाल गैस कांड में अर्जुन सिंह आखिर साबित क्या करना चाहते हैं?

-लिमटी खरे बीसवीं सदी के अंतिम तीन दशकों में कांग्रेस की राजनीति के चाणक्या का अघोषित तमगा मिल चुका है पूर्व केंद्रीय मंत्री कुंवर अर्जुन…

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परिचर्चा एलेक्‍सा एक लाख क्लब में ‘प्रवक्‍ता’ शामिल

एलेक्‍सा एक लाख क्लब में ‘प्रवक्‍ता’ शामिल

‘प्रवक्‍ता डॉट कॉम’ के सुधी पाठकों और लेखकों के लिए एक शुभ समाचार है। ‘प्रवक्‍ता’ एलेक्‍सा सुपरहिट एक लाख क्‍लब में कल शामिल हो गया।…

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राजनीति मंहगाई पर साध लेते हैं चुप्पी पर वेतन भत्तों पर अड़े रहते हैं माननीय

मंहगाई पर साध लेते हैं चुप्पी पर वेतन भत्तों पर अड़े रहते हैं माननीय

-लिमटी खरे 14 और 15 अगस्त की दरम्यानी रात को जब डेढ़ सौ साल की ब्रितानी हुकूमत से देश को आजादी मिल रही थी तब…

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छोटे नोटों की व्यथा-कथा

-विजय कुमार परसों मैं किसी काम से बैंक गया था। वापसी पर कोषागार के पास से निकला, तो लगा मानो वहां कुछ लोग बैठे बात…

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