इस्लाम और दूसरे मज़हबों में ईद का दिन
Updated: December 22, 2011
ईद 10 सितंबर पर विशेष -सरफ़राज़ ख़ान मुसलमानों का त्योहार ईद उल-फ़ित्र इसलाम के उपवास के महीने रमज़ान के ख़त्म होने के बाद मनाया जाता…
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अनाज नहीं, लोकतंत्र सड़ रहा है प्रधान मंत्री जी
Updated: December 22, 2011
– पंकज झा सामान्यतः जब कोई शालीन माना जाने वाला व्यक्ति अपना आपा खो दे तो समझिए कि उसके मर्म पर कोई जबरदस्त चोट पहुची…
Read moreशक्कर के विनियंत्रण से मँहगाई के तेवर और भी तीखे होंगे
Updated: December 22, 2011
-सतीश सिंह एक बार फिर खाद्य व कृषि मंत्री श्री शरद पवार चर्चा में हैं। अब श्री पवार शक्कर के क्षेत्र को विनियंत्रित करने की…
Read moreहिरासत में यातना के विरुद्ध आवाज की कसौटी
Updated: December 22, 2011
-सतीश सिंह भारत में पुलिस का आतंक इस हद तक नकारात्मक है कि आम आदमी हमेशा पुलिस से बचने की कोशिश करता है। पुलिस की…
Read moreव्यंग्य/ गॉड फादर नियरे राखिए….
Updated: December 22, 2011
-अशोक गौतम फिर एक और मोर्चे पर से असफल हो लौटे बीवी को मुंह बताने को मन ही नहीं कर रहा था। क्या मुंह बताता…
Read moreव्यंग्य/ लोकार्पणों के दौर में
Updated: December 22, 2011
-अशोक गौतम शहर के मेन बस स्टैंड के पास बड़े दिनों से महिला षौचालय बनकर तैयार था पर कमेटी के प्रधान बड़ी दौड़ धूप के…
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बिहार चुनाव: लोकतंत्र में ‘बाहुबली’ बनाम भारतीय मतदाता
Updated: December 22, 2011
-निर्मल रानी भारतीय लोकतंत्र वैसे तो कई बार किसी न किसी घटना को लेकर शर्मसार होता ही रहा है। कभी देश की संसद अथवा कई…
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और अब देश के भावी कर्णधारों ने चलाई ‘महंगाई विरोधी मिसाईल’
Updated: December 22, 2011
-निर्मल रानी केवल हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में महंगाई को लेकर किया जाने वाला विरोध तथा शोर-शराबा कोई नई बात नहीं…
Read moreबारात में बसिऔरा
Updated: December 22, 2011
-आशीष तिवारी मैं ये दावा तो नहीं करता कि इस शीर्षक को पढ़ने वालों की बड़ी तादात शायद इस शीर्षक का मतलब ना समझ पाए…
Read moreबड़ा लेखक बनने के गुर
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार छुटपन से ही मेरी इच्छा थी कि मैं बड़ा लेखक बनूं। बड़े प्रयास किये; पर रहा छोटा ही। कभी पढ़ा था कि चोटी…
Read moreशठे शाठ्यम समाचरेत्
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार ममता बनर्जी बंगाल में सत्ता पाने को इतनी आतुर हैं कि उन्होंने अपनी बुद्धि और विवेक खो दिया है। ज्ञानेश्वरी रेल दुर्घटना के…
Read moreहम कितने मूर्ख हैं?
Updated: December 22, 2011
-विजय कुमार पाकिस्तान इस समय भीषण बाढ़ के संकट से जूझ रहा है। भारत ने मानवता के नाते उसे अरबों रुपये की सहायता दी है;…
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