प्रवक्ता न्यूज़ वक्त बदलता दे रहा, कैसे-कैसे घाव॥

वक्त बदलता दे रहा, कैसे-कैसे घाव॥

वक्त बदलता दे रहा, कैसे-कैसे घाव,माली बाग़ उजाड़ते, मांझी खोए नाव॥ अपनों से अपने नहीं, रखते आज लगाव,रिश्तों की हर डाल पर, सूख गया अब…

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समाज अनुशासन जुल्म न बन जाए: बच्चों को  तोड़ती है कठोर पेरेंटिंग

अनुशासन जुल्म न बन जाए: बच्चों को  तोड़ती है कठोर पेरेंटिंग

यह वाक्य सिर्फ एक बेटे की अंतिम पीड़ा नहीं बल्कि उस परवरिश मॉडल पर सवाल है जिसमें अनुशासन के नाम पर अपमान, नियंत्रण और डर को सामान्य मान लिया जाता है। यह घटना हमें मजबूर करती है कि हम पूछें

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आर्थिकी तकनीक का जाल या उपभोक्ता की मजबूरी?

तकनीक का जाल या उपभोक्ता की मजबूरी?

मोबाइल कंपनियाँ हर वर्ष नए-नए मॉडल बाजार में उतारती हैं, जिनमें बेहतर कैमरा, तेज़ प्रोसेसर और आकर्षक डिज़ाइन का वादा किया जाता है। इसके साथ…

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शख्सियत विश्व योग आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी सत्यानंद सरस्वती का पदार्पण महोत्सव और तिरूपति बालाजी का आगमन

विश्व योग आंदोलन के प्रवर्तक स्वामी सत्यानंद सरस्वती का पदार्पण महोत्सव और तिरूपति बालाजी का आगमन

सबसे बड़ा संयोग है कि इस अवसर पर आंध्र प्रदेश से सड़क मार्ग से चल कर भगवान श्री तिरुपति बालाजी की उत्सव मूर्ति मुंगेर पहुंच…

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राजनीति सत्याग्रह : आज की चुनौतियाँ

सत्याग्रह : आज की चुनौतियाँ

सत्याग्रह केवल एक रणनीति नहीं  यह संघर्ष का एक नया दर्शन था जो दक्षिण अफ्रीका की धूलभरी सड़कों पर जन्मा और भारत की गर्म मिट्टी…

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राजनीति बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, राजनीतिक मायने और विपक्ष का संकट

बंगाल में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत, राजनीतिक मायने और विपक्ष का संकट

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की ऐतिहासिक जीत ने न केवल ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 वर्षीय…

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समाज शहर और शहरी होने की दौड़ में गाँव और ग्रामीण : कितना सही, कितना गलत

शहर और शहरी होने की दौड़ में गाँव और ग्रामीण : कितना सही, कितना गलत

जब हम किसी व्यक्ति के जीवन का मूल्यांकन इस आधार पर करने लगते हैं कि वह शहर में रहता है या गाँव में, कि वह अंग्रेज़ी बोलता है या भोजपुरी, कि वह सूट पहनता है या धोती — तो हम दरअसल उस व्यक्ति की मनुष्यता को एक सांस्कृतिक पदानुक्रम की सीढ़ियों पर तोलने की कोशिश कर रहे होते हैं। और इस तोल में, अनिवार्य रूप से, गाँव और ग्रामीण हमेशा नीचे पाए जाते हैं — कम विकसित, कम आधुनिक, कम सभ्य।

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खान-पान हीटवेव की मार से हरियाणा–पंजाब की खेती और किसानों की आय दोनों संकट में

हीटवेव की मार से हरियाणा–पंजाब की खेती और किसानों की आय दोनों संकट में

चरम तापमान का सबसे प्रत्यक्ष और स्पष्ट प्रभाव फसलों पर पड़ता है। यह स्थापित तथ्य है कि 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर का तापमान गेहूं,…

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लेख भीषण गर्मी और मानसिक स्वास्थ्य

भीषण गर्मी और मानसिक स्वास्थ्य

मुख्य मानसिक समस्याएं जो गर्मी में बढ़ती हैं :- तनाव- छोटी-छोटी बातों पर चिंता ,सिरदर्द – धूप और पानी की कमी से, चिड़चिड़ापन और गुस्सा-…

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मनोरंजन लोकतंत्र की सांस है आजाद मीडिया

लोकतंत्र की सांस है आजाद मीडिया

विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की घोषणा संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 1993 में की थी। इसका उद्देश्य दुनिया भर में प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित…

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मनोरंजन दुनिया भर में पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियां

दुनिया भर में पत्रकारिता के समक्ष चुनौतियां

अगर सच बोलने वालों को हतोत्साहित किया जाता रहा तो सच भी धीरे-धीरे हाशिए पर चला जाएगा। यह स्थिति न तो किसी समाज के लिए शुभ कही जा सकती है और न ही किसी देश या दुनिया के लिए। तय हमें ही करना है कि हम क्या चाहते हैं?

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मनोरंजन कलम का कालजयी कारवां: हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की कालजयी कीर्ति

कलम का कालजयी कारवां: हिंदी पत्रकारिता की 200 वर्षों की कालजयी कीर्ति

 पेड न्यूज और प्रायोजित सामग्री ने विश्वसनीयता के जिस बुनियादी ढांचे को नष्ट किया है, उसकी भरपाई करना आज के दौर में सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। हम एक ऐसे सूचना-समाज में जी रहे हैं जहाँ जानकारी का अंबार तो है, पर ज्ञान का अभाव है, और इस भीषण कोलाहल में सत्य की धीमी आवाज अनसुनी रह जाती है।

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