कविता छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने

छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने

छीन लिए है जब हक़ सारे तुमने,फिर बार बार क्यों तुम आते हो।दरवाजे सारे बंद हो चुके है अब,फिर बार बार क्यों खटकाते हो।। होता…

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कला-संस्कृति मनुष्य जीवन की उन्नति में पालन करने योग्य कुछ आवश्यक कर्तव्य

मनुष्य जीवन की उन्नति में पालन करने योग्य कुछ आवश्यक कर्तव्य

-मनमोहन कुमार आर्यहम मनुष्य कहलाते हैं। इसका कारण यह है कि परमात्मा ने हमें सत्य व असत्य का विचार करने के लिए बुद्धि दी है।…

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कविता चाहे किसी धर्म की हो माता सबकी मुखाकृति मां श्रद्धा सरीखी

चाहे किसी धर्म की हो माता सबकी मुखाकृति मां श्रद्धा सरीखी

—विनय कुमार विनायकजीवों का जन्म माता से होता,पिता बीजों का विसर्जन करता,मां से मैं को अस्तित्व मिलता,जीवों को पहचान देता है पिता! माता से ममत्व…

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गजल जवानी में तो तुमने भी गज़ब ढाया होगा।

जवानी में तो तुमने भी गज़ब ढाया होगा।

जवानी में तो तुमने भी गज़ब ढाया होगा।एक से नही,दासियों से इश्क लड़ाया होगा।। चेहरे पर गेसू फैलाकर,सबको बहकाया होगा।अपने खूबसूरत चेहरे को जरूर छिपाया…

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राजनीति आक्रांता टीपू ने कोडावा हिन्दू नरसंहार कर कावेरी नदी को रक्तरंजित किया था

आक्रांता टीपू ने कोडावा हिन्दू नरसंहार कर कावेरी नदी को रक्तरंजित किया था

– दिव्य अग्रवाल कोडागु/कोडावा/ कर्नाटक का एक पहाड़ी क्षेत्र है,जिसे कावेरी नदी का जन्म स्थान भी कहा जाता है । भारत की सेना में कोडागु…

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लेख नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम

नृत्य है अपूर्व शांति का माध्यम

विश्व नृत्य दिवस- 29 अप्रैल 2022-ललित गर्ग – अंतर्राष्ट्रीय नृत्य दिवस पूरे विश्व में 29 अप्रैल मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस की शुरुआत 29…

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प्रवक्ता न्यूज़ पनघट और मरघट सदैव जग में चलती रहती

पनघट और मरघट सदैव जग में चलती रहती

पनघट पर प्यास है बुझती,मरघट पर लाशे है जलती।देखो यह जीवन की धारा,सदैव जग में चलती रहती।। पनघट पर सब पानी है पीते,मरघट पर सब…

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लेख गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है

गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं हुआ है

कुमारी प्रेमालमचूला, गरुड़उत्तराखंड आज़ादी के बाद हमारे देश ने कई मुद्दों पर तेज़ी से तरक्की किया है. कम समय में हम जहां अनाज के क्षेत्र…

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राजनीति क्या बिहार की सियासत लेगी करवट, दिखेगा नया रूप…?

क्या बिहार की सियासत लेगी करवट, दिखेगा नया रूप…?

जी हां कहते हैं कि सियासत में सबकुछ संभव होता है। ऐसा एक बार फिर से पटल पर दिखाई दे रहा है। ऐसा इसलिए कि…

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गजल आदमी अगर दुःखी है तो स्वविचार व मन से

आदमी अगर दुःखी है तो स्वविचार व मन से

—विनय कुमार विनायकभारत में जातिवाद का जहर भरा है,अपनी जाति का दुष्ट व अत्याचारी भी प्यारा है,मगर ये भी सोलहों आने है सहीस्वजाति विरादरी से…

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राजनीति साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक?

साम्प्रदायिक भाइचारे से खिलवाड़ कब तक?

-ललित गर्ग – देश लम्बे समय से शांत था, एकाएक एक वर्ग-विशेष एवं कतिपय राजनीतिक दलों को यह शांति, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं अमन-चैन की स्थितियां…

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गजल बेवफाओ के शहर में कुछ वफ़ा कर जाऊं।

बेवफाओ के शहर में कुछ वफ़ा कर जाऊं।

वेवफाओ के शहर में कुछ वफ़ा कर जाऊं।जो दिल में है रंजीशे,उन्हे बाहर कर जाऊं।। मिलता नही कोई ठिकाना,जहा आकर बताऊं।अपने आप में ही घुलता…

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