टेलिविज़न प्रेस की स्वतंत्रता और मूल्यवादी पत्रकारिता

प्रेस की स्वतंत्रता और मूल्यवादी पत्रकारिता

अरविंद जयतिलकआज दुनिया भर में विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। यह दिवस मीडिया की आजादी पर हमलों से मीडिया की रक्षा तथा…

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राजनीति यह सिर्फ ममता की जीत नहीं, भाजपा के लिए भी है आशावादी परिणाम

यह सिर्फ ममता की जीत नहीं, भाजपा के लिए भी है आशावादी परिणाम

डॉ. निवेदिता शर्मापश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों ने एक बार फिर से तय कर दिया है कि राज्यों के चुनाव के लिए स्थानीय स्तर का…

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राजनीति कृष्णनगर से सांसद बनकर राष्ट्रीय राजनीति में आएंगी ममता?

कृष्णनगर से सांसद बनकर राष्ट्रीय राजनीति में आएंगी ममता?

उत्तम मुखर्जी कोलकाता । सुनने में कुछ अटपटा सा लग रहा है लेकिन देश की राजनीति के अंदरखाने में यह बात शुरू हो गई है…

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टेलिविज़न बेमानी है प्रेस फ्रीडम की बातें

बेमानी है प्रेस फ्रीडम की बातें

मनोज कुमारतीन दशक पहले संयुक्त राष्ट्र संघ ने 3 मई को विश्व प्रेस फ्रीडम डे मनाने का ऐलान किया था. तब से लेकर आज तक…

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कविता हे ब्राह्मण! तुम अपना सत्कर्म करो

हे ब्राह्मण! तुम अपना सत्कर्म करो

—विनय कुमार विनायकहे ब्राह्मण! तुम अपना सत्कर्म करोतुम्हारे ही कर्म के अनुसरण सेअन्य वर्ण अपने-अपने कर्म करते,तुम अगर बली विरोधी शाकाहारी बनोगेतो यजमान भी क्यों…

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राजनीति तुष्टिकरण की राजधानी में अब भाजपा सशक्त विपक्ष

तुष्टिकरण की राजधानी में अब भाजपा सशक्त विपक्ष

पिछले वर्षों में संपूर्ण भारत में तुष्टिकरण की राजनीति की राजधानी बनकर कोई राज्य उभरकर आया है तो वह राज्य है पश्चिम बंगाल! तुष्टिकरण की…

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व्यंग्य फेला होबे’ की नहीं चली गुगली, ‘खेला होबे’ डबल सैंचुरी पार…

फेला होबे’ की नहीं चली गुगली, ‘खेला होबे’ डबल सैंचुरी पार…

सुशील कुमार ‘नवीन’ भाजपा के लिए बंगाल फतेह स्वप्न ही रहा। वो ‘फैला होबे, फैला होबे’ कहते रह गए, उधर दीदी ‘खेला होबे’ बोलती-बोलती हैट्रिक…

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टेलिविज़न निर्भीक-निड़र-बेबाक पत्रकार ‘रोहित सरदाना’ के यूं चले जाने पर विश्वास नहीं होता!

निर्भीक-निड़र-बेबाक पत्रकार ‘रोहित सरदाना’ के यूं चले जाने पर विश्वास नहीं होता!

दीपक कुमार त्यागी जिसने प्रथ्वी पर किसी भी रूप में जन्म लिया है, उसका एक दिन जाना तय है, यह सर्वशक्तिमान ईश्वर का बनाया हुआ…

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कविता बन्द है दरवाजे,कभी तो खुलेंगे

बन्द है दरवाजे,कभी तो खुलेंगे

बन्द हैं दरवाजे,कभी तो खुलेंगे,कभी तो हम अपनो से मिलेंगे।उम्मीद रखो,अच्छा वक्त आयेगा,जो बिछड़े है,वे जल्दी ही मिलेंगे।। सूरज छिपता है,तो निकलता भी है,बीज बोते…

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कविता हैहय क्षत्रिय वंश: किसी जाति को मिटाना है तो इतिहास बिगाड़ दो

हैहय क्षत्रिय वंश: किसी जाति को मिटाना है तो इतिहास बिगाड़ दो

—विनय कुमार विनायककिसी वंश या जाति को मिटाना हैतो उसका इतिहास बिगाड़ दो! ऐसा ही किया गया है हैहयवंशी क्षत्रियों के साथ,हैहय क्षत्रिय चंद्रकुल के…

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लेख महावीर है कोरोना मुक्ति के सक्षम माध्यम

महावीर है कोरोना मुक्ति के सक्षम माध्यम

ललित गर्ग – कोरोना वायरस को लेकर बुरी खबरों का सिलसिला बना हुआ है, इससे मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भारत में…

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कविता बामियान में बुद्ध

बामियान में बुद्ध

—विनय कुमार विनायकईसा पूर्व पांच सौ तिरसठ मेंलुम्बिनी वन नेपाल में जन्मे थे गौतम! ईसा पूर्व पांच सौ अठाईस मेंगया बिहार में गौतम बने थे…

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