कविता जिंदगी

जिंदगी

डॉ. शंकर सुवन सिंह सुबह होती है रात होती है|हर दिन यूँ ही खुली किताब होती है|किताब के हर पन्ने पे,वही अध्याय होता है|हर अध्याय…

Read more
राजनीति देश में स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने हेतु किए जा रहे हैं विशेष प्रयास

देश में स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने हेतु किए जा रहे हैं विशेष प्रयास

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश के अस्पतालों पर स्पष्ट रूप से अधिक दबाव देखा गया था। कई शहरों के अस्पतालों में कोरोना…

Read more
विश्ववार्ता शह-मात के खेल में जीता नेपाली संविधान

शह-मात के खेल में जीता नेपाली संविधान

श्याम सुंदर भाटिया पड़ोसी मुल्क में डेढ़ बरस की नूरा कुश्ती के बाद अंततः एक बार फिर नेपाल मिड टर्म पोल के मुहाने पर आ…

Read more
राजनीति भारत के मार्क्सवादी इतिहासकारों के बौद्धिक घोटाले अर्थात इतिहास की हत्या, भाग – 3

भारत के मार्क्सवादी इतिहासकारों के बौद्धिक घोटाले अर्थात इतिहास की हत्या, भाग – 3

हिंदू लोग, विशेषकर हिंदू बुद्धिजीवी वर्ग, अपने पर हो रहे चहुंमुखी बौद्धिक हमलों के विरुद्ध किसी ठोस वैचारिक अभियान चलाने या बौद्धिक हमलों का बौद्धिक…

Read more
विश्ववार्ता सुलगता पश्चिमी एशिया, क्यों मौन है दुनिया?

सुलगता पश्चिमी एशिया, क्यों मौन है दुनिया?

पश्चिमी एशिया में फिलिस्तीन और इजराइल के बीच संघर्ष एक बार फिर सुर्खियों में है। ख़बरें आ रही हैं कि इजराइल के हमले में फिलिस्तीन…

Read more
लेख ईसाई मुस्लिम की सर्वश्रेष्ठता की लड़ाई में स्वास्तिक पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया जाना जरूरी

ईसाई मुस्लिम की सर्वश्रेष्ठता की लड़ाई में स्वास्तिक पर प्रतिबंध लगाने का विरोध किया जाना जरूरी

हिन्दुत्व की कसौटी पर आधुनिक इतिहास बईमान है, हर हिन्दुत्व की कसौटी को इतिहास में घृणा और हिंसा तथा सामाजिक लांक्षणा को प्रत्यारोपित किया गया…

Read more
टेलिविज़न तबियत से उछलते समाचार

तबियत से उछलते समाचार

आत्माराम यादव पीवपहले प्रिन्ट मीड़िया होती थी जिसकी खबर दूसरे दिन अखबार में पढ़ने को मिलती थी, अब इलेक्टानिक मीड़िया हो गयी, घटना घटी, स्पाट…

Read more
राजनीति भारत के मार्क्सवादी इतिहासकारों के बौद्धिक घोटाले अर्थात इतिहास की हत्या , भाग -2

भारत के मार्क्सवादी इतिहासकारों के बौद्धिक घोटाले अर्थात इतिहास की हत्या , भाग -2

रोमिला थापर vs. सीताराम गोयल: भारत के मार्क्सवादी इतिहासकार दो हथियारों (तकनिकों) से हंमेशा लैस रहते है: उनका पहला हथियार होता है अपने इतिहास लेखन…

Read more
कविता मुर्दे सवाल करते हैं…!

मुर्दे सवाल करते हैं…!

प्रभुनाथ शुक्ल मुर्दे सवाल करते हैं… ?वे कहते हैंबेमतलब बवाल करते हैंइंसानों हम तो मुर्दे हैंक्योंकि…हमारे जिस्म में साँसे हैं न आशेंलेकिन…इंसानों, तुम तो मुर्दे…

Read more
लेख कोरोना कालः मानसिक स्वास्थ्य का रखें खास ख्याल

कोरोना कालः मानसिक स्वास्थ्य का रखें खास ख्याल

प्रो. संजय द्विवेदी वक्त का काम है बदलना, यह भी बदल जाएगा कोविड-19 के इस दौर ने हर किसी को किसी न किसी रूप में…

Read more
कविता गंगा मैया की पुकार

गंगा मैया की पुकार

अस्थियां प्रवाहित होती थी मुझमें,अब लाशे निरंतर बहती है मुझमें।और अब कितने पाप धोऊ सबके,ये गंगा मैया कह रही है हम सबको। जिस देश में…

Read more
लेख स्वच्छ जल से आज भी वंचित हैं आदिवासी

स्वच्छ जल से आज भी वंचित हैं आदिवासी

सूर्यकांत देवांगन रायपुर, छत्तीसगढ़ आधुनिकता के इस दौर में जब शहर के तकरीबन हर दूसरे-तीसरे घर के लोग आरओ का फिल्टर पानी पीते हैं तो…

Read more