कविता सम्मान तिरंगा

सम्मान तिरंगा

तिरंगा तो ,हमारी आन बान हैयह दुनिया में रखता ,अजब शान हैयह राष्ट्र का ईमान है ,गर्व और सम्मान हैस्वतन्त्रता और अस्मिता की ,यह एक…

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व्यंग्य गणतंत्र दिवस पर स्वर्णिम अध्याय लिखने की तैयारी में शांति-संयम का गठजोड़…

गणतंत्र दिवस पर स्वर्णिम अध्याय लिखने की तैयारी में शांति-संयम का गठजोड़…

सुशील कुमार ‘नवीन’ ‘एको अहं, द्वितीयो नास्ति, न भूतो न भविष्यति!’ अर्थात् एक मैं ही हूं दूसरा सब मिथ्या है। न मेरे जैसा कभी कोई…

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शख्सियत काल चिंतन के चितेरे : राजेंद्र अवस्थी

काल चिंतन के चितेरे : राजेंद्र अवस्थी

अनिल अनूप वर्ष 2009 के आखिरी महीने के लगभग आखिरी दिन, 30 दिसंबर को कैसे भुलाया जा सकता है, जब देश के अत्यंत लोकप्रिय एवं…

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राजनीति नेताजी सुभाष चंद्र बोस और कांग्रेस का संस्कार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस और कांग्रेस का संस्कार

यह अच्छी बात है कि देश के क्रांतिकारी आंदोलन के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को केंद्र सरकार ने ‘राष्ट्रीय पराक्रम दिवस’ के…

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कविता दादाजी

दादाजी

मुझे अपने पुत्र से इतना प्रेम नहींजितना अपने पोते से हैऐसा मेरे दादाजी कहते थे माँगते थे वो किसी से कुछ नहीं कभीदेकर सर्वस्व सबकोस्वयं…

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लेख भारतीय संविधान से जुड़े रोचक तथ्य

भारतीय संविधान से जुड़े रोचक तथ्य

– श्वेता गोयलभारतीय संविधान को वैसे तो 26 नवम्बर 1949 को स्वीकृत कर लिया गया था किन्तु संविधान लागू हुआ था 26 जनवरी 1950 को।…

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राजनीति रामलला की अनन्य भक्त राजमाता विजयाराजे सिंधिया

रामलला की अनन्य भक्त राजमाता विजयाराजे सिंधिया

आज जब अयोध्या में हिन्दू आस्था और स्वाभिमान के प्रतीक राममंदिर निर्माण की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है, देश भर में आम और खास सभी…

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कविता सुभाष कटक के बेटे उड़िसा की शान

सुभाष कटक के बेटे उड़िसा की शान

—विनय कुमार विनायकसुभाष कटक के बेटे उड़िसा की शान,भारत के बलिदानी सपूत तुम महान! तुम गए बर्लिन, जर्मनी और जापान,देश की आजादी के लिए दे…

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कविता कायर, धोखेबाज जने, जने नहीं क्यों बोस !!

कायर, धोखेबाज जने, जने नहीं क्यों बोस !!

कैसे भूले बोस को, सौरभ हिन्दुस्तान !कतरा-कतरा खून का, उनका यहाँ कुर्बान !! बच्चा-बच्चा बोस का, ऐसा हुआ मुरीद !शामिल होकर फ़ौज में, होने चला…

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धर्म-अध्यात्म ऋषि दयानन्द ने ऋषि परम्परा का निर्वहन करते हुए वेद परम्पराओं को पुनर्जीवित किया

ऋषि दयानन्द ने ऋषि परम्परा का निर्वहन करते हुए वेद परम्पराओं को पुनर्जीवित किया

-मनमोहन कुमार आर्यआदि काल से महाभारत काल तक देश देशान्तर में ईश्वरीय ज्ञान वेदों का प्रचार था। वेद सृष्टि की आदि में ईश्वर द्वारा मनुष्यों…

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कविता कविता जन्म लेती सहृदय अंत:करण में

कविता जन्म लेती सहृदय अंत:करण में

—विनय कुमार विनायकरोज-रोज न जानेकितनी कविताएं मर जाती! तुम वैनतेय बनकरउड़ेल दो दसियों अमृत कलशपर दूर्वा बन लहलहा नहीं पाती कविताएं! ढेर अंकुरित हो चुके…

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लेख साहस, स्वाभिमान एवं स्वानुशासन के जीवंत प्रतीक थे- नेताजी सुभाष चंद्र बोस

साहस, स्वाभिमान एवं स्वानुशासन के जीवंत प्रतीक थे- नेताजी सुभाष चंद्र बोस

महापुरुष या स्वतंत्रता सेनानी किसी जाति, प्रांत या मज़हब के नहीं होते। वे सबके होते हैं और सब उनके। उन पर गौरव-बोध रखना स्वाभाविक है।…

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