राजनीति ध्रुवीकरण के कारण पश्चिम बंगाल में हिंसा हो रही है, लोग मारे जा रहे हैं, महिलाएँ बलात्कार की शिकार हो रही हैं

ध्रुवीकरण के कारण पश्चिम बंगाल में हिंसा हो रही है, लोग मारे जा रहे हैं, महिलाएँ बलात्कार की शिकार हो रही हैं

ऐसा विश्लेषण करने वालों से मेरा सीधा सवाल है कि यदि आपकी बहन-बेटी-पत्नी को सामूहिक बलात्कार जैसी नारकीय यातनाओं से गुज़रना पड़ता, यदि आपके किसी…

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लेख रवींद्रनाथ टैगोर : जिसने तीन देशों को दिए राष्ट्रगान व भारत को पहला नोबेल पुरस्कार

रवींद्रनाथ टैगोर : जिसने तीन देशों को दिए राष्ट्रगान व भारत को पहला नोबेल पुरस्कार

भारतीय इतिहास गौरवशाली गाथाओं से भरा हुआ है | इस पावन धरा पर विश्वविजेताओं की संख्या का भी कोई हिसाब नही | किन्तु इतिहास के…

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कविता हिन्दी उर्दू एक सिर दो धड़ है

हिन्दी उर्दू एक सिर दो धड़ है

—विनय कुमार विनायकजवाहरलाल नेहरू का कहना है,हिन्दी उर्दू एक सिर दो धड़ है! इससे सटीक परिभाषा हो नहींसकती हिन्दी व उर्दू भाषा की! हिन्दी वाक्य…

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शख्सियत सोनू सूद: सेवा को तत्पर सिनेमा का नायक

सोनू सूद: सेवा को तत्पर सिनेमा का नायक

वो बेटे के एक ट्वीट पर उसकी मां को आॅक्सीजन पहुंचा रह है। एक अनुरोध पर जीवनदायिनी दवा का इंतजाम कराता है। लाॅकडाउन में फसे…

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कविता कोरोना त्रासदी(अपनों को खोने का गम )

कोरोना त्रासदी(अपनों को खोने का गम )

अंधेरे में डूबा है यादों का गुलशनकहीं टूट जाता है जैसे कोई दर्पणकई दर्द सीने में अब जग रहे हैंहमारे अपने ,हमसे बिछड़ रहे हैंन…

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लेख बदहाली के दलदल में धंसते श्रमिक

बदहाली के दलदल में धंसते श्रमिक

-अरविंद जयतिलकयह विडंबना है कि एक ओर वैश्विक समुदाय कल्याणकारी योजनाओं के जरिए श्रमिकों की दशा में सुधार के लिए प्रयासरत है वहीं श्रमिक उबरने…

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व्यंग्य सैंया भये कोतवाल

सैंया भये कोतवाल

“हर आम -ओ- खास को इत्तला दी जाती है कि फेसबुक और व्हाट्सएप्प ग्रुप की महारानी हवाखोरी के लिये नैनीताल गयी हैं ,उनकी रियाया जो…

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कविता मिथक से यथार्थ बनी ययाति कन्या माधवी की गाथा

मिथक से यथार्थ बनी ययाति कन्या माधवी की गाथा

—–विनय कुमार विनायकहे माधवी!जिन आठ सौ अश्वमेधी/श्यामकर्णीश्वेतवर्णी घोड़े के लिए तुम बेच दी गईचार-चार पुरुषों के हाथों में,वे महज घोड़े नहीं औकात के पैमाने थेएक…

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लेख मानवीयता की छीजत का परिणाम है कोरोना

मानवीयता की छीजत का परिणाम है कोरोना

– ललित गर्ग- हिंदुस्तान में आज लाखों लोगों को कोरोना नहीं मार रहा, इंसान इंसान को मार रहा है, इंसान का लोभ एवं लालच इंसान…

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लेख हमारी हिन्दी के शिखर पुरुष का जाना

हमारी हिन्दी के शिखर पुरुष का जाना

 ललित गर्ग  हिंदी का एक मौन साधक, महर्षि, मनीषी, जिसके आगे हर हिंदी प्रेमी नतमस्तक है, जिसके कर्म से हिन्दी भाषा समृद्ध बनी,…

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कविता आशा की किरण

आशा की किरण

आज अंधेरा है,कल उजाला भी आयेगा,आज किसी का है,कल हमारा भी आयेगा।उम्मीद पर है दुनिया कायम ए मेरे दोस्तो,ये अंधेरा इस संसार का कल मिट…

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लेख लबादों में लिपटी मौत!

लबादों में लिपटी मौत!

अंतिम संस्कार में स्वाहा होते संस्कार हमारे अपनों के शव ही अब अछूत गठरियां हैं। अत्यंत आत्मीय की अकाल मृत्यु पर भी बेजान पुतला बने…

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