वाद-विवाद-संवाद और मामा माणिकचंद्र वाजपेयी
Updated: December 28, 2020
डॉ. मयंक चतुर्वेदी वाद का अपना एक विवाद हो सकता है। कई बार वाद को लेकर छिड़ी बहसों ने संसद और विधानसभाओं में विवाद को…
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फतवा बनाम फसाद,वैक्सीन पर विवाद!
Updated: December 28, 2020
पूरे विश्व में एक भारी संकट है जिसे कोरोना अथवा कोविड 19 के नाम से जाना जाता है। जिससे पूरा विश्व त्रस्त है। दुनिया के…
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नीतीश का अहम फैसला, आरसीपी को जदयू राष्ट्रीय अध्यक्ष की सर्वसम्मती से कमान
Updated: December 27, 2020
– मुरली मनोहर श्रीवास्तवजदयू की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि एक साथ दो…
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सरकार बनाम किसान
Updated: December 27, 2020
भारत में मिश्रित अर्थव्यवस्था है|इस व्यवस्था में सरकारी और निजी क्षेत्र की सहभागिता होती है|मिश्रित अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होता है|किसान भारत…
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आए कहाँ हैं आफ़ताब !
Updated: December 27, 2020
आए कहाँ हैं आफ़ताब, रोशनी लिए;रूहों की कोशिका के दिये, झिलमिले किए! मेघों की मंजु माला, अभी गगन है गुथी;दायरे दौर कितने अभी, आँधियाँ मखी!मन…
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विश्वास में बसा है यहाँ!
Updated: December 27, 2020
विश्वास में बसा है यहाँ, सारा सिलसिला; मिट जाता जो भी आता, जगती जड़ का ज़लज़ला! चैतन्य सत्ता सतत रहती, शून्य समाई; अवलोके लोक लुप्त भाव, ललित लुभाई! लावण्य हरेक गति में रहा, हर लय छाई; लोरी लिए ही लखते रहो, उनकी खुदाई! खेलो खिलाओ वाल सरिस, बुधि न लगाओ; कान्हा की श्यामा श्याम रंग, घुल मिल जाओ! वसुधा हुई है ध्यान मग्न, काल भुलाईं; ‘मधु’ कोंपलों में परागों का, प्राण है ढला! ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’
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जिस प्रयोजन के लिये परमात्मा ने जीवन दिया है उसे करना ही धर्म एवं कर्तव्य है
Updated: December 27, 2020
-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जन्म लेता है परन्तु उसे यह पता नहीं होता कि उसके जन्म लेने व परमात्मा के जन्म देने का प्रयोजन किया है?…
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क्या ट्रंप की हार ने लिखी नेतन्याहू की विदाई…?
Updated: December 27, 2020
सियासत एक ऐसा खेल है जिसकी रूप रेखा सदैव ही पर्दे के पीछे से तय की जाती है। पर्दे के बाहर खुले आसमान के नीचे…
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बन सौरभ तू बुद्ध !!
Updated: December 27, 2020
मतलबी संसार का, कैसा मुख विकराल !अपने पाँवों मारते, सौरभ आज कुदाल !! सिमटा धागा हो सही, अच्छे है कम बोल !सौरभ दोनों उलझते, अगर…
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इन दिनों।।
Updated: December 27, 2020
सुनते हैं आ गया है नया साल इन दिनोंकुछ की बदल गयी है देखो चाल इन दिनोंजो हाथ मिलाते थे अदब से करें आदाबअब पूछते…
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नारी तुम नारायणी हो नर का सृजनहार
Updated: December 27, 2020
—–विनय कुमार विनायकनारी के ह्रदय में अमृत, मन में प्यार,नारी तुम्हारे सामने,बौना है ये संसार! तुम असीम,अतुलनीय ईश्वरीय शक्ति,तुलना तुम्हारी नर से करना है बेकार!…
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सत्यार्थप्रकाश ग्रंथ अविद्या दूर करने के लिये लिखा गया ग्रंथ है
Updated: December 27, 2020
–मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द सरस्वती जी का सत्यार्थप्रकाश ग्रन्थ देश देशान्तर में प्रसिद्ध ग्रन्थ है। ऋषि दयानन्द ने इस ग्रन्थ को क्यों लिखा?…
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