पुस्तक समीक्षा सच में अनोखा है ‘जीव जंतुओं का अनोखा संसार’

सच में अनोखा है ‘जीव जंतुओं का अनोखा संसार’

पुस्तक समीक्षापुस्तक: जीव जंतुओं का अनोखा संसारलेखक: योगेश कुमार गोयलपृष्ठ संख्या: 104मूल्य: 245 रुपयेसंस्करण: 2020प्रकाशक: मीडिया केयर नेटवर्क, 114, गली नं. 6, गोपाल नगर, नजफगढ़,…

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कविता तेरी कविताओं को काली स्याह सड़कें नहीं पढ़ती

तेरी कविताओं को काली स्याह सड़कें नहीं पढ़ती

—विनय कुमार विनायकबार-बार जिसके खिलाफ लिखते कवितावे पढ़ते नहीं,मरती नहीं उनकी मानसिकताहर बार मर जाती तेरी कविता! जिसे रोज-रोज ही नोनिआए ईंट के माफिकएक-एक सड़े…

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राजनीति सरकार बनाम किसान में नोटिस की इंट्री!

सरकार बनाम किसान में नोटिस की इंट्री!

किसान बिल के विरोध में लगातार दिल्ली की सीमा डटे हुए हैं। जिनकी कई बार सरकार से चर्चा भी हो चुकी लेकिन परिणाम जस के…

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धर्म-अध्यात्म स्वाध्याय से ईश्वर तथा जीवात्मा सहित अनेक विषयों का ज्ञान होता है

स्वाध्याय से ईश्वर तथा जीवात्मा सहित अनेक विषयों का ज्ञान होता है

-मनमोहन कुमार आर्यमनुष्य जीवन को उत्तम व श्रेष्ठ बनाने के लिये आत्मा को ज्ञान से युक्त करने सहित श्रेष्ठ कर्मों व आचरणों का धारण व…

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राजनीति मोदी जी!.. संभल के रहना रे बाबा तुझपे नजर है

मोदी जी!.. संभल के रहना रे बाबा तुझपे नजर है

देश में कुछ ऐसे चेहरे हैं जो अपने किसी न किसी उल्टे सीधे बयान के द्वारा छपने को लालायित रहते हैं। इन्हीं में से एक…

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कविता तुम कब ठहरोगे अंगुलीमाल

तुम कब ठहरोगे अंगुलीमाल

—विनय कुमार विनायकअंगुलीमाल अंगुली काटता थाजिसके पास माल होता था! अंगुलीमाल सिर्फ नहीं था डाकूबल्कि पाप-पुण्य बोधवाला थाबाल-बच्चेदार सामाजिक प्राणी! जिसकी तादाद आज भी समाज…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर सृष्टि उत्पत्ति सहित सभी अपौरुषेय कार्य जीवों के कल्याणार्थ करता है

ईश्वर सृष्टि उत्पत्ति सहित सभी अपौरुषेय कार्य जीवों के कल्याणार्थ करता है

-मनमोहन कुमार आर्य                 संसार में तीन मूल सत्तायें हैं जिन्हें हम ईश्वर, जीव तथा प्रकृति के नाम से जानते हैं। आकाश का भी अस्तित्व…

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कविता मोबाईल में है अब जिंदगी

मोबाईल में है अब जिंदगी

सारे रिश्ते सिमट गए हैं आज मोबाइल मे,सारे सम्बन्ध चिपट गए हैं आज मोबाईल मे,कितना बदल गया है इंसान इस ज़माने मेंसारा दिन चिपटा रहता…

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पर्यावरण भुगतना होगा जलवायु निष्क्रियता का खामियाज़ा

भुगतना होगा जलवायु निष्क्रियता का खामियाज़ा

जहां एक ओर फ्रांस ने 2030 तक अपने उत्सर्जन को 40 प्रतिशत तक कम करने का वादा किया है, वहीं दूसरी ओर जलवायु विशेषज्ञों का कहना है कि फ्रांस अपने कार्बन बजट…

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लेख दमघोटू प्रदूषण की चादर में लिपटी दिल्ली

दमघोटू प्रदूषण की चादर में लिपटी दिल्ली

-ललित गर्ग- कहते हैं जान है तो जहान है, लेकिन दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के कारण जान और जहान दोनों ही खतरे में हैं। दिल्ली…

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कविता भाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धा

भाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धा

—–विनय कुमार विनायकभाषाई गुलामी का मुक्तियोद्धनिपट अकेला समर भूमि मेंसिर में सिरस्त्रान नहीं, कर में कृपाण नहींकवच-कुण्ड़ल विहीन कर्ण सा!निपट अकेला मृतवजूदधारी लड़ रहाघोषित अज्ञात…

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कविता कुरुक्षेत्र तब भी था और अब भी

कुरुक्षेत्र तब भी था और अब भी

—–विनय कुमार विनायकयुद्ध लड़े और जीते जाते हैंहथियार नहीं विचार सेकुरुक्षेत्र तब भी था और अब भीयुद्धोन्मादी दुर्योधन होतेसौ-सौ की सैशे मेंतेरह अक्षौहिणी सेना से…

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