लेख गांधी की अहिंसा पर टिकी है दुनिया की नजरें

गांधी की अहिंसा पर टिकी है दुनिया की नजरें

अन्तर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस -2 अक्टूबर 2020 पर विशेष-ललित गर्ग – यह हमारे लिये गौरव  की बात है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का जन्मदिन 2 अक्टूबर  अब…

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लेख गांधी जी का रामराज्य और भारत

गांधी जी का रामराज्य और भारत

सुरेश हिंदुस्थानी भारत के बारे हमारे देश के महापुरुषों की स्पष्ट कल्पना थी। भारत की जड़ों से बहुत गहरे तक जुड़े हुए थे। आज भारत…

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लेख नैतिकता की मिसाल थे लाल बहादुर शास्त्री

नैतिकता की मिसाल थे लाल बहादुर शास्त्री

शास्त्री जयंती (2 अक्तूबर) पर विशेष– श्वेता गोयललाल बहादुर शास्त्री प्रधानमंत्री बनने से पहले विदेश मंत्री, गृहमंत्री और रेल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके…

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कविता गुदड़ी के लाल : लाल बहादुर शास्त्री

गुदड़ी के लाल : लाल बहादुर शास्त्री

छोटा कद पर सोच बड़ी थी,तेज सूर्य सा चमके था भाल।भारत मां के गौरव वे थे,कहलाए वे गुदड़ी के लाल।। देश के प्रति थी पूरी…

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राजनीति मथुरा में कृष्ण जन्मस्थली से मस्जिद हटाने के लिए याचिका दायर

मथुरा में कृष्ण जन्मस्थली से मस्जिद हटाने के लिए याचिका दायर

–अशोक “प्रवृद्ध” राम लला को सर्वोच्च न्यायालय से न्याय मिलने और अयोध्या में श्रीराम मन्दिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त होने के पश्चात श्रीकृष्ण विराजमान भी…

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कविता बेटियों पर अत्याचार !

बेटियों पर अत्याचार !

करें जितनी निंदा ।पड़ते शब्द कम ।।बेटियां पर अत्याचार ।होतीं आंखें नम ।।जा चुका है गर्त में ।अपना ये समाज ।।है व्यभिचार अनवरत ।तज कर…

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लेख लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में कुछ रोचक जानकारियां

लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे में कुछ रोचक जानकारियां

वैसे तो सभी को लाल बहादुर शास्त्री जी के बारे काफी कुछ पता है परन्तु कुछ जानकारियाँ ऐसी है जो सभी के संज्ञान में न हो | …

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राजनीति गाँधी दर्शन और भाषा समस्या

गाँधी दर्शन और भाषा समस्या

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल‘ विचारों की परिपक्वता, विस्तार का आभामंडल, सत्य के लिए संघर्ष, सत्य कहने के कारण नकारे जाने का भी जहाँ भय नहीं, अहिंसावादी दृष्टिकोण, उदारवादी रवैय्या, आर्थिक सुधारों के पक्षधर और…

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कविता लोकतंत्री भाषा से दूरी क्यों करते

लोकतंत्री भाषा से दूरी क्यों करते

—विनय कुमार विनायकमत भेदभाव करो स्वभाषा के नाम पेभाषा बदल जाती इंसान बदलता नहींनाम बदल जाता ईमान बदलता नहींस्थान बदल जाता किंतु भगवान नहींमत उमेठो…

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कविता नारी क्या है एक दिन बन के देखो

नारी क्या है एक दिन बन के देखो

—विनय कुमार विनायकनारी क्या है?एक दिन बन के देखोसुबह उठ किचन देखोनाश्ता टिफीन के साथकार्यालय विदाकर देखोजाने से उसके आनेतकप्रतीक्षा करके तो देखो! नारी क्या…

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लेख सशस्त्र बलों में महिलाएं: नए पंख, आकाश को छूने के लिए

सशस्त्र बलों में महिलाएं: नए पंख, आकाश को छूने के लिए

—-प्रियंका सौरभ हाल ही में भारतीय नौसेना ने हेलीकॉप्टर पर्यवेक्षकों के रूप में दो महिला अधिकारियों सब लेफ्टिनेंट कुमुदिनी त्यागी और सब लेफ्टिनेंट रीति सिंह…

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कविता मैं हाथरस की बेटी हूँ

मैं हाथरस की बेटी हूँ

कोख में मरती और , हाथरस का परिहास हूँ !जिस्म नोचते भेडियों, का मै एक अवसाद हूँ ! ! सत्ता के नारों की बस ,…

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