राजनीति ‘गीता’ बने राष्ट्रीय ग्रंथ

‘गीता’ बने राष्ट्रीय ग्रंथ

प्रमोद भार्गवदुनिया के अनेक देशों में राष्ट्रीय झंडा, चिन्ह, पक्षी और पशु की तरह राष्ट्रीय ग्रंथ भी हैं। अलबत्ता हमारे यहां ‘धर्मनिरपेक्ष’ एक ऐसा विचित्र…

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जन-जागरण तकनीक के व्यवसायीकरण की ओर बढ़ता भारत

तकनीक के व्यवसायीकरण की ओर बढ़ता भारत

प्रमोद भार्गवभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित तकनीकें अब निजी क्षेत्र की भारतीय कंपनियों के लिए ही नहीं, देशी कंपनियों को भी…

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ज्योतिष अंग्रेजी नववर्ष की भेंडचाल और हिन्दू- ‘काल-गणना’ का कमाल

अंग्रेजी नववर्ष की भेंडचाल और हिन्दू- ‘काल-गणना’ का कमाल

                                          मनोज ज्वाला     …

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धर्म-अध्यात्म मानव जाति की सबसे उत्तम सम्पत्ति ईश्वर एवं वेद

मानव जाति की सबसे उत्तम सम्पत्ति ईश्वर एवं वेद

–मनमोहन कुमार आर्य                 वर्तमान समय में मनुष्य का उद्देश्य धन सम्पत्ति का अर्जन व उससे सुख व सुविधाओं का भोग बन गया है। इसी…

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कविता हिन्दू ऐसे होते जो शत्रु को पूर्वजन्म के स्वजन समझते

हिन्दू ऐसे होते जो शत्रु को पूर्वजन्म के स्वजन समझते

—विनय कुमार विनायकहिन्दू ऐसे होतेजो सबको शुभकामना देते! हिन्दू मन का ताना-बाना,हिन्दू का संपूर्ण आशियाना,हिन्दुत्व से ही बना! हिन्दू वेद पढ़ें ना पढ़ें,हिन्दू वेदांत में…

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राजनीति खुलने लगे स्कूल, हो न जाये भूल |

खुलने लगे स्कूल, हो न जाये भूल |

1 जनवरी से केरल, कर्नाटक और असम के स्‍कूलों को दोबारा से खोला गया है। बिहार सरकार के आदेशानुसार 4 जनवरी 2021 से राज्य भर…

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राजनीति पश्चिम बंगाल में ‘कुछ बड़ा’ होने वाला है

पश्चिम बंगाल में ‘कुछ बड़ा’ होने वाला है

कहते हैं कि जब जहाज डूबने लगता है तो चूहे डूबते जहाज को छोड़कर भागने लगते हैं । बस, यही बात इस समय पश्चिम बंगाल…

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ज्योतिष भारत की प्राचीनतम काल गणना की आधुनिकता और वैज्ञानिकता का संबंध

भारत की प्राचीनतम काल गणना की आधुनिकता और वैज्ञानिकता का संबंध

कालगणना की युगपद्धति अथवा कल्पपद्धति हमारे देश के व्यावहारिक जगत् में बहुप्रचलित एवं सर्वमान्य थी। तब प्रश्न यह उठता है कि मानव के पृथ्वी पर…

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धर्म-अध्यात्म वेद वर्णित ईश्वर की न्याय-व्यवस्था आज भी सर्वत्र प्रभावी है

वेद वर्णित ईश्वर की न्याय-व्यवस्था आज भी सर्वत्र प्रभावी है

-मनमोहन कुमार आर्यहमारा यह संसार स्वयं नहीं बना अपितु एक सच्चिदानन्दस्वरूप, निराकार, सर्वशक्तिमान, सर्वज्ञ, अनादि, नित्य, न्यायकारी तथा दयालु सत्ता जिसे ईश्वर कहते हैं, के…

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कविता क्या कहें सन दो हजार बीस का हाल

क्या कहें सन दो हजार बीस का हाल

—विनय कुमार विनायकक्या कहें सन दो हजार बीस का हाल,कम हंसाया,खूब रुलाया, जीना मुहाल! नव वर्ष कर रहा हमसे पुराना सवाल,मानवीय मूल्यों को अब रखो…

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राजनीति किसान-सरकार: शुभ संवाद

किसान-सरकार: शुभ संवाद

डॉ. वेदप्रताप वैदिकजैसी कि मुझे आशा थी, सरकार और किसानों की बातचीत थोड़ी आगे जरुर बढ़ी है। दोनों पहले से नरम तो पड़े हैं। इस…

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लेख भारत और भारतवासियों की अपराजेय दृढ़ता, जीवटता एवं संघर्षशीलता का वर्ष- 2020

भारत और भारतवासियों की अपराजेय दृढ़ता, जीवटता एवं संघर्षशीलता का वर्ष- 2020

प्रणय कुमारप्रकृति अपने ढंग से संतुलन साधती है और निरंकुश, स्वेच्छाचारी, भौतिकवादी सभ्यता को समय-समय पर सचेत करती हुई अविस्मरणीय सीख भी देती रहती है।…

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