कविता मैं भगतसिंह बोल रहा हूं, मैं नास्तिक क्यों हूं?

मैं भगतसिंह बोल रहा हूं, मैं नास्तिक क्यों हूं?

—विनय कुमार विनायकमैं भगतसिंह बोल रहा हूंमैं नास्तिक क्यों हूं?मुझे नास्तिक कहनेवालेतुम आस्तिक कितने हो?किसी खास किस्म की लिबास पहने,किसी खास दिशा के ईश में…

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धर्म-अध्यात्म मनुष्य जीवन व उसके लक्ष्य पर विचार

मनुष्य जीवन व उसके लक्ष्य पर विचार

हमारा यह जन्म मनुष्य योनि मे हुआ था और हम अपनी जीवन यात्रा पर आगे बढ़ रहे हैं। हमें पता है कि कालान्तर में हमारी…

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लेख नव वर्ष 2021 को भारतीय परम्पराओं के अनुरूप मनाना उचित

नव वर्ष 2021 को भारतीय परम्पराओं के अनुरूप मनाना उचित

-मनमोहन कुमार आर्यआगामी 1 जनवरी, 2021 को हम नये आंग्ल वर्ष सन् 2021 में प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसर पर लोग अपनी प्रसन्नता व्यक्त…

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राजनीति अनुराग ठाकुर के राजनीतिक हौसलों की उड़ान

अनुराग ठाकुर के राजनीतिक हौसलों की उड़ान

ललित गर्ग-जम्मू-कश्मीर में जिला विकास परिषद के चुनाव नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने न केवल शानदार जीत हासिल की बल्कि घाटी के लोगों का…

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कविता बुरे समय की आंधियां !

बुरे समय की आंधियां !

तेज प्रभाकर का ढले, जब आती है शाम !रहा सिकन्दर का कहाँ, सदा एक सा नाम !! उगते सूरज को करे, दुनिया सदा सलाम !नया…

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राजनीति आसाम सरकार का अनुकरणीय साहसिक फैसला

आसाम सरकार का अनुकरणीय साहसिक फैसला

असम सरकार ने देश के पंथनिरपेक्ष लोकतांत्रिक स्वरूप को बचाए रखने के लिए फिर एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है ।अभी तक की कांग्रेसी और सेकुलर…

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राजनीति संघ प्रवाह के समग्र साक्ष्य: मा. गो. वैद्य

संघ प्रवाह के समग्र साक्ष्य: मा. गो. वैद्य

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रथम सरसंघचालक से लेकर अब तक के सभी यानि छहों संघ प्रमुखों के साथ जिन्होंने न केवल कार्य किया हो…

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कविता नारी नहीं बंटेगी

नारी नहीं बंटेगी

—विनय कुमार विनायकसृष्टिकर्ता ब्रह्मा या खुदाबिना पचड़े में पड़े नारीगीता-बाइबल-कुरान मेंपढ़ती रही एक ही बात संतान की सुरक्षा, करुणा,दया, ममता प्रेम, अहिंसाऔर सृष्टि की हिफाजत!…

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कविता आओ सब मिलकर नव वर्ष मनाएं

आओ सब मिलकर नव वर्ष मनाएं

आओ सब मिलकर नव वर्ष मनाएंसुखद हो जीवन हम सबकाक्लेश पीड़ा दूर हो जाएस्वप्न हों साकार सभी केहर्ष से भरपूर हो जाएंमिलन के सुरों से…

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मनोरंजन अगवानी करें नये वर्ष, नये जीवन एवं नई दिशाओं कीं

अगवानी करें नये वर्ष, नये जीवन एवं नई दिशाओं कीं

– ललित गर्ग- जाते हुए वर्ष को विदा करना एवं नये वर्ष की अगवानी करना-एक ऐसी संधिबेला है जहां जीवन एक नई करवट लेता है।…

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कविता नारी तुम नारायणी नर है तुम्हारा अंश

नारी तुम नारायणी नर है तुम्हारा अंश

—विनय कुमार विनायकनारी तुम्हारी सुंदरता है स्वर्ग से सुन्दर,नारी तुम्हारी आस्था है सृष्टि के ऊपर! नारी तुम्हारी इच्छा से ही उपजा अक्षर,कवि की लेखनी औ’…

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टेलिविज़न ख़बरों के पीछे दौड़ती पत्रकारिता को थोड़ी रैड लाइट की जरूरत है।

ख़बरों के पीछे दौड़ती पत्रकारिता को थोड़ी रैड लाइट की जरूरत है।

आज  के दौर में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच मीडिया के लिए विश्वसनियता की अहमियत पहले से ज्यादा बढ़ गई है। आज देश…

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