धर्म-अध्यात्म वेद एवं वैदिक साहित्य के स्वाध्याय से मनुष्य श्रेष्ठ मनुष्य बनता है

वेद एवं वैदिक साहित्य के स्वाध्याय से मनुष्य श्रेष्ठ मनुष्य बनता है

–मनमोहन कुमार आर्य                 वेद सृष्टि की आदि में परमात्मा द्वारा अमैथुनी सृष्टि में उत्पन्न चार ऋषियों को दिया गया ईश्वरीय सत्य व निर्दोष ज्ञान…

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हिंदी दिवस भारत के हृदय की भाषा है हिन्दी

भारत के हृदय की भाषा है हिन्दी

डॉ. वंदना सेन यह सर्वकालिक सत्य है कि कोई भी देश अपनी भाषा में ही अपने मूल स्वत्व को प्रकट कर सकता है। निज भाषा…

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शख्सियत धर्म, न्याय और बन्धुतत्व की बात करने वाले स्वामी अग्निवेश

धर्म, न्याय और बन्धुतत्व की बात करने वाले स्वामी अग्निवेश

जावेद अनीस आर्य समाज के नेता स्वामी अग्निवेश जी का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. वे ऐसे धार्मिक नेता थे जो…

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राजनीति भेड़तंत्र

भेड़तंत्र

प्राचीनकाल में चंपतपुर नामक एक राज्य था I जनता की मांग पर वहाँ भेड़तंत्र की स्थापना की गई I भेड़तंत्र अर्थात भेड़ों के लिए भेड़ियानुमा…

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आलोचना वक्त है, सम्भल जाइए क्योंकि ‘हिन्दी’ आधार है…

वक्त है, सम्भल जाइए क्योंकि ‘हिन्दी’ आधार है…

आज के डिजिटल युग में ‘हिन्दी दिवस’ के अवसर पर आपको तमाम लेख, रचनाएं, टिप्पणियां पढ़ने, सुनने और देखने को मिल जाएंगी। हर कोई यह…

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व्यंग्य भ्रष्टाचार अमर रहे …..

भ्रष्टाचार अमर रहे …..

वीरेंद्र परमार आजकल सभी लोग भ्रष्टाचार का उन्मूलन करने के लिए प्राणपण से जुटे हुए हैं I देश की एक सौ तीस करोड़ जनता भ्रष्टाचार…

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शख्सियत स्वामी अग्निवेश के  निधन से देश के एक क्रांतिकारी पक्ष का अंत

स्वामी अग्निवेश के निधन से देश के एक क्रांतिकारी पक्ष का अंत

–अशोक “प्रवृद्ध” सामाजिक कार्यकर्ता इकासी वर्षीय स्वामी अग्निवेश का शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलिअरी साइंसेस (आईएलबीएस) में निधन हो जाने…

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शख्सियत हिंदी के कोहिनूर- बाबा कामिल बुल्के

हिंदी के कोहिनूर- बाबा कामिल बुल्के

     श्याम सुंदर भाटिया बेल्जियम में जन्मे फादर कामिल बुल्के की जीवनभर कर्मभूमि हिंदुस्तान की माटी रही। हिंदी के पुजारी बुल्के मृत्युपर्यंत हिंदी, तुलसीदास और…

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आर्थिकी डरा रहे हैं आर्थिक गिरावट के आंकड़े

डरा रहे हैं आर्थिक गिरावट के आंकड़े

-ललित गर्ग-कोरोना महामारी के कारण न केवल भारत बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा गयी है।   भारत में लॉकडाउन के बाद अर्थव्यवस्था की स्थिति न…

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राजनीति ग्लोबल टाइम्स, चीन और भारत

ग्लोबल टाइम्स, चीन और भारत

डॉ. मयंक चतुर्वेदी चीन और भारत का सीमा विवाद कोई नया नहीं है। 1962 में चीन-भारत के बीच हुए युद्ध में जिस तरह से चीन…

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कविता कंगना के मन की पीड़ा

कंगना के मन की पीड़ा

तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे,हां,तुम मुझे भुला ना पाओगे।पंगा लिया है तुमने मुझसेउसका खामियाजा तो उठाओगे। यह देश है सभी वासियों काअकेला नहीं हैं…

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कविता है हिंदी यूं हीन ।।

है हिंदी यूं हीन ।।

बोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल ।परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल ।। जल में रहकर ज्यों सदा, प्यासी रहती मीन ।होकर भाषा राज…

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