मीडिया मीडिया में रिया चालीसा का ही जाप क्यों?

मीडिया में रिया चालीसा का ही जाप क्यों?

-ः ललित गर्ग:-भारत में एक नई आर्थिक सभ्यता और एक नई जीवन संस्कृति करवट ले रही है, तब उसके निर्माण में प्रभावी एवं सशक्त भूमिका…

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कविता बूढा पीपल हैं कहाँ,गई कहाँ चौपाल !!

बूढा पीपल हैं कहाँ,गई कहाँ चौपाल !!

— डॉo सत्यवान सौरभ, अपने प्यारे गाँव से, बस है यही सवाल !बूढा पीपल हैं कहाँ,गई कहाँ चौपाल !! रही नहीं चौपाल में, पहले जैसी…

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लेख भारतीय भाषाएँ : दशा, दिशा और भविष्य

भारतीय भाषाएँ : दशा, दिशा और भविष्य

राहुल देव सारी भारतीय भाषाएं अपने जीवन के सबसे गंभीर संकट के मुहाने पर खड़ी हैं। यह संकट अस्तित्व का है, महत्व का है, भविष्य…

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धर्म-अध्यात्म वेदाध्ययन व वेद प्रचार से अविद्या दूर होकर विद्या वृद्धि होती है

वेदाध्ययन व वेद प्रचार से अविद्या दूर होकर विद्या वृद्धि होती है

-मनमोहन कुमार आर्य                 मनुष्य एक ज्ञानवान प्राणी होता है। मनुष्य के पास जो ज्ञान होता है वह सभी ज्ञान स्वाभाविक ज्ञान नहीं होता। उसका…

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लेख धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की शरण

धर्मनिरपेक्ष शब्द को हटाने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की शरण

–अशोक “प्रवृद्ध” भारत विभाजन के पश्चात आज तक के काल में केंद्र की सता में सतासीन सरकारों के आचरण के अवलोकन से यह सिद्ध होता…

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लेख बताइए सरकार, क्या जरूरी है, परीक्षा या जिंदगी?

बताइए सरकार, क्या जरूरी है, परीक्षा या जिंदगी?

सरकार के अपने तर्क हैं, विपक्ष के अपने तेवर और छात्रों की अपनी परेशानियां। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह तय कौन करेगा कि…

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मनोरंजन मृत संवेदनाओं के बीच शांत सुशांत

मृत संवेदनाओं के बीच शांत सुशांत

बात दिल्ली के रिक्से, ऑटो, बस चालक से शुरू करें तो,इनका भी अपना एक संगठन है, नही, नही, सबका घाल मेंल नहीं, वह विशेषज्ञता की…

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कविता हे सांड़ देवता नमस्कार!

हे सांड़ देवता नमस्कार!

हे सांड़ देवता नमस्कार !हे सांड़ देवता नमस्कार!नित दर्शन दे करते उद्धार, हे सांड़ देवता नमस्कार! खेतों में रात भर पड़े रहे, सब लाठी लेकर…

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व्यंग्य अब कुंआरों का ब्याह भी कराएंगे गुरुजन !

अब कुंआरों का ब्याह भी कराएंगे गुरुजन !

सुशील कुमार ‘नवीन’ गांव में एक रांडे(कुंआरे)  का ब्याह नहीं हो पा रहा था। एक दिन सुबह-सुबह आत्महत्या की सोच रस्सी लेकर वह खेत की…

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व्यंग्य मुखड़ा देख ले प्राणी जरा दर्पण में

मुखड़ा देख ले प्राणी जरा दर्पण में

आत्माराम यादव पीवजगत को रचनेवाला विधाता बड़ा जादूगर है। जब विधाता ने रचने का वर्कशाप खोला तो पहले उसने जगत की रचना की। समुद्र से…

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मनोरंजन जानिए वास्तु के अनुसार सेप्टिक टैंक कहाँ होना चाहिए ?

जानिए वास्तु के अनुसार सेप्टिक टैंक कहाँ होना चाहिए ?

वर्तमान परिवेश में सेप्टिक टैंक वास्तु के अनुसार घर में होना बहुत जरुरी है। आज की इस पोस्ट में हम चर्चा करेंगे की वास्तु के…

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मनोरंजन बावफ़ा है

बावफ़ा है

“अक्ल को तन्कीद से फुर्सत नहीं  इश्क पर आमाल की बुनियाद रख” हाल ही में एक फ़िल्म आयी है चमनबहार जिसमें नायक अपनी जीतोड़ मेहनत…

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