बच्चो व दादी में वार्तालाप
Updated: May 19, 2020
बच्चे बोले दादी से,दादा बाहर क्यो नहीं जातेहमे घुमाने क्यो नहीं जाते ।दादी बोली,बाहर कोरोना बैठा हैदरवाजे पर ताला लगाए बैठा हैइसलिए दादा बाहर नहीं…
Read more
कोरोना से बचाव में कितना जरूरी है आरोग्य सेतु एप?
Updated: May 19, 2020
– योगेश कुमार गोयल एक तरफ भारत में कोरोना से जंग लड़ने के लिए हर स्मार्टफोन में ‘आरोग्य सेतु’ एप डाउनलोड कराने के लिए…
Read more
कोरोना महामारी और भारत
Updated: May 19, 2020
आज कोरोना के कहर से सम्पूर्ण विश्व त्राहि त्राहि कर रहा है| यह एक अभूतपूर्व संकट है क्योंकि इससे पहले किसी भी महामारी ने एक…
Read more
कोरोना महामारी: चुनौतियाँ और अवसर
Updated: May 19, 2020
आज विश्व के लगभग सभी देश कोविड-19 वायरस की चपेट में हैं | कोरोना वायरस भयंकर महामारी बन चुका है | वर्तमान चिकित्सा जगत के…
Read more
देशप्रेम की साकार और व्यावहारिक अभिव्यक्ति है स्वदेशी
Updated: May 19, 2020
– लोकेन्द्र सिंह मुझे आज तक एक बात समझ नहीं आई कि कुछ लोगों को स्वदेशी जैसे अनुकरणीय, उदात्त और वृहद विचार का विरोध क्यों…
Read more
बिन खोदे, कुरेदे औ कसे!
Updated: May 19, 2020
बिन खोदे, कुरेदे औ कसे, वे ही तो रहे; आशा औ निराशा की फसल, वे ही थे बोए! हर सतह परत पर्दा किए, प्राण पखारे; प्रणिपात किए शून्य रखे, स्वर्णिम धारे! दहका औ महका अस्मिता की, डोर सँभाले; डर स्वान्त: सुशान्त किए, द्वारे निहारे! बीमारी कोई कहाँ रही, तयारी रही; मानव के मन की प्रीति श्रीति, खुमारी रही! ‘मधु’ वाद्य यंत्र तार तरासे औ तराजे; उर उसासों में वे थे रहे, राग रसाए! ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’
Read more
पान-बताशे से प्रसन्न होने वाले विवाहों के देवता-हरदौल लाला
Updated: May 19, 2020
आत्माराम यादव पीवलोक कथाओं में नियतिप्रधान, व्यक्तिप्रधान, समाजप्रधान एवं जातिप्रदान विशेषणों का आधिक्य देखने को मिलता है। कुछ रचनायें व्यक्तिविशेष के माध्यम से उत्पन्न होती है तो…
Read more
मंगलायतन विश्वविद्यालय और उषा मार्टिन विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में “महामारी के समय मीडिया की भूमिका” विषय पर वेबिनार का सफल आयोजन
Updated: May 17, 2020
A webinar on the Topic “Role of Media in the times of Epidemic” successfully organised by Mangalayatan University, Aligarh & Usha Martin University, Ranchi on…
Read more
21वीं सदी में ‘बचपन’
Updated: May 17, 2020
डा. प्रदीप श्याम रंजन 21वीं सदी अपनी पूरी शक्ति से गतिमान है और इस वेग के बहाव में कई चीजें चाहे-अनचाहे अपना स्वरुप परिवर्तित कर…
Read more
प्रायश्चित
Updated: May 17, 2020
मानव रचना का महत् कार्य कर, सृष्टि निरख हो कर प्रसन्न ,अति तुष्टमना सृष्टा ने मायामयि सहचरि के साथ मग्न.देखा कि मनुज हो सहज तृप्त…
Read more
शराब के ठेके: नशा मुक्त भारत के सुनहरे अवसर का चूकना
Updated: May 17, 2020
आज पूरी दुनिया कोरोने नामक महामारी से जूझ रही हैं, और इसी की वजह से पूरी दुनिया में मौतों का सिलसिला थमने का नाम…
Read more
प्रकृति की ओर एक कदम
Updated: May 17, 2020
प्रकृति सदियों से ही मनुष्य के आध्यात्मिक व सांसारिक जीवन के लिए ही एक प्रेरणा साबित हुई है हमारी विचारधारा, हमारी जीवन-शैली में बदलाव हो…
Read more