गजल वत्स ! क्या अब तुम वह नहीं!

वत्स ! क्या अब तुम वह नहीं!

वत्स ! क्या अब तुम वह नहीं, जो पहले थे? निर्गुण की पहेली, अहसास की अठखेली; गुणों का धीरे धीरे प्रविष्ट होना सुमिष्ट लगना, पल पल की चादर में निखर सज सँवर कर आना! महत- तत्व से जैसे प्रकट होता सगुण का आविर्भाव, हर सत्ता का रिश्ता रख आत्मीय अवलोकन; पूर्व जन्मों के भावों का प्रष्फुरीकरण, वाल हास में लसी मधुरिमा का आलिंगन! अब वह कहाँ गया, माँ को शिशु समझ निहारना, चाहना दुग्ध माँगना निकट रख नेह करना; हर किसी की गोद आ आनन्द लेना, नानी नाना को नयनों से आत्मीय दुलार देना! व्यस्त होगये हो अब अपने खेलों में, हाथी घोड़ों गाड़ियों के खिलौनों में; यू-ट्यूव पर चलचित्र देखने में, माँ को ‘ना’ करने औ दौड़ाने में! अहं का यह अवतरण, चित्त का विचरण, है तो आत्म विस्तार का व्याप्तिकरण; पर ‘मधु’ के प्रभु की उसमें छिपी चितवन, कहती है, वे वे ही हैं, जो अतीत से अपने थे! ✍? गोपाल बघेल ‘मधु’

Read more
राजनीति दलित वोटरों की ‘पीठ’ पर चढ़़ मुस्लिम तुष्टिकरण की सियासत करती माया और भीम आर्मी

दलित वोटरों की ‘पीठ’ पर चढ़़ मुस्लिम तुष्टिकरण की सियासत करती माया और भीम आर्मी

संजय सक्सेना    उत्तर प्रदेश में दलित वोटर हमेशा से निर्णायक भूमिका में रहे हैं। दलितों के सहारे कांगे्रस ने दशकों तक यूपी पर राज…

Read more
लेख देवीभक्त लांगुरा का उपहास करते लांगुरिया गीत

देवीभक्त लांगुरा का उपहास करते लांगुरिया गीत

                 आत्माराम यादव पीव        जहां-जहां मानव का अस्तित्व है वहाँ-वहाँ उसके विकास ओर प्रस्फुटन से अनेक मार्ग बनते गए है जो अनादि भी है…

Read more
राजनीति इमरान खान का बेतुका बयान

इमरान खान का बेतुका बयान

डॉ. वेदप्रताप वैदिक एक तरफ दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम ने कुछ दिनों के लिए मस्जिद बंद कर दी, इसके बावजूद कि सरकार ने…

Read more
राजनीति हिंदुओं ! मेवात दिखा रहा है तुम्हें आईना

हिंदुओं ! मेवात दिखा रहा है तुम्हें आईना

इस देश के तथाकथित सनातनी हिंदू ने अभी अपनी परंपरागत नींद को त्यागा नहीं है । इसने सोते-सोते अफगानिस्तान , पाकिस्तान , बांग्लादेश , ईरान…

Read more
राजनीति राज्यसभा चुनाव से जुड़ी अलोकतांत्रिक उठापटक

राज्यसभा चुनाव से जुड़ी अलोकतांत्रिक उठापटक

– ललित गर्ग-राज्यसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में जो राजनैतिक तोड़फोड़ और उठापटक देखने को मिल रही है, उसे एक आदर्श एवं स्वस्थ लोकतन्त्र के लिए…

Read more
लेख जिंदगी में रखना ध्यान रक्त की कमी से न जाये किसी व्यक्ति की जान

जिंदगी में रखना ध्यान रक्त की कमी से न जाये किसी व्यक्ति की जान

विश्व रक्तदान दिवस 14 जून पर विशेष –दीपक कुमार त्यागी 14 जून के दिन को ‘विश्व रक्तदान दिवस’ के रूप में विश्व के बहुत सारे…

Read more
कविता यह कैसा बुरा वक़्त आया है।

यह कैसा बुरा वक़्त आया है।

जिंदा थे जब अस्तपताल नहीं,मरने के बाद अब श्मशान नहीं।यह कैसा बुरा वक़्त आया है,मरने के बाद भी आराम नहीं।। जब काम था आराम नहीं,अब…

Read more
लेख रक्तदान बचाए अनमोल जान

रक्तदान बचाए अनमोल जान

विश्व रक्तदान दिवस 14 जून पर विशेष – योगेश कुमार गोयल             रक्तदान को समस्त विश्व में सबसे बड़ा दान माना गया है क्योंकि रक्तदान…

Read more
कविता सुनो ए सखी

सुनो ए सखी

सुनो ए सखी,चलो रास रचाए हम!थोड़ा रंग जमाओ तुम,थोड़ा रंग जमाये हम!सुनो ए सखी,चलो रास रचाए हम! ये चाँदनी रात है,दूधिया ये नज़ारा है!तुम जल्दी…

Read more
राजनीति 72 साल के ‘लालू प्रसाद’ : क्या यह शख़्स आज भी प्रासंगिक है ?

72 साल के ‘लालू प्रसाद’ : क्या यह शख़्स आज भी प्रासंगिक है ?

■ डॉ. सदानंद पॉल श्री लालू प्रसाद एक व्यक्ति है या एक संस्था है या एक सज़ायाफ्ता अपराधी है या साजिश के शिकार हैं या…

Read more
राजनीति भारत में मंदिरों की लूट : नेहरू की धर्मनिरपेक्षता पर आंसू बहता अनंतनाग का सूर्य मंदिर

भारत में मंदिरों की लूट : नेहरू की धर्मनिरपेक्षता पर आंसू बहता अनंतनाग का सूर्य मंदिर

भारत में ही नहीं सारे विश्व में भी इस्लाम को मानने वाले लुटेरे बादशाह , सुल्तान या आक्रमणकारी जहाँ जहाँ भी गए , वहाँ –…

Read more