मीडिया बलदेव भाई शर्मा होने का मतलब

बलदेव भाई शर्मा होने का मतलब

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नए कुलपति का चयन क्यों है महत्त्वपूर्ण -प्रो.संजय द्विवेदी        हिंदी पत्रकारिता के विनम्र सेवकों की सूची जब भी बनेगी…

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राजनीति दिल्ली के न्यूज चैनल्स दिल्लीवासियों की सोच से कोसों दूर .

दिल्ली के न्यूज चैनल्स दिल्लीवासियों की सोच से कोसों दूर .

याद कीजिए जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और दिल्ली के न्यूज चैनल्स उनके खिलाफ एकतरफा रिपोर्ट दिखाते थे। गुजरात में हर चुनाव के…

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कविता यही तो इश्क है।

यही तो इश्क है।

दुनिया में उसको छोड़ ना परवाह किसी की आ जाये बिना बुलाये कभी याद किसी की तस्वीर गर जो आंखों में बस जाय किसी की…

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दोहे तर कभी कृष्ण की कृपा जाते !

तर कभी कृष्ण की कृपा जाते !

तर कभी कृष्ण की कृपा जाते, वर कभी बोध व्यथा से पाते; पाण्डव धीरे धीरे जग पाते, सुषुप्ति युगों की रहे होते! स्वार्थ में सने…

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लेख राम रावण युद्ध से मनुष्यों को परस्पर व्यवहार की शिक्षा मिलती है

राम रावण युद्ध से मनुष्यों को परस्पर व्यवहार की शिक्षा मिलती है

-मनमोहन कुमार आर्य                वैदिक धर्म व सनातन धर्म दोनों पर्यायवाची शब्द हैं। सृष्टि का आरम्भ 1,96,08,53,120 वर्ष पूर्व हुआ था। त्रेता युग में राम…

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पर्व - त्यौहार आस्था का एक ही नाम है ओरछा

आस्था का एक ही नाम है ओरछा

मनोज कुमारओरछा मध्यप्रदेश का गौरव है. धार्मिक दृष्टि से यह जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही पर्यटन और पुरातत्व की दृष्टि से इस स्थान की साख…

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विश्ववार्ता हमारी सूरत ही नहीं, सीरत भी बदलें

हमारी सूरत ही नहीं, सीरत भी बदलें

ललित गर्ग इंसान बदल रहा है, अभी तक यह एक तरह का जुमला था जिसे आध्यात्मिक मुलम्मे में यह कहकर प्रस्तुत किया जाता था कि…

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लेख आईपीएस अफीसर एसोसिएशन में बजने लगे बर्तन!

आईपीएस अफीसर एसोसिएशन में बजने लगे बर्तन!

लिमटी खरे भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का संघ मध्य प्रदेश में काफी ताकतवर माना जाता है। इस संघ की एकता और संगठनात्मक क्षमता को…

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राजनीति नागरिकता पर सवाल उठा क्या!

नागरिकता पर सवाल उठा क्या!

भारत के में  मुसलमानों का इतिहास खोजना मेरा मक़सद नहीं हैं, लेकिन जब से इस प्रायद्वीप में मुसलमान आये तब से ही उनके प्रेम सौहार्द्य…

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दोहे प्रकोपों के हर प्रकम्पन !

प्रकोपों के हर प्रकम्पन !

प्रकोपों के हर प्रकम्पन, रहा वह प्रहरी सजग; प्रहर हर प्रश्वास दुर्लभ, दिया था वो चित चमन! चुभाया जब शूल कोई, निकाला वे ही किए;…

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दोहे चर अचर कबहु चिन्मय संग !

चर अचर कबहु चिन्मय संग !

चर अचर कबहु चिन्मय संग, रागन डोली; खेलन चहत हैं होली, हिया वरवश खोली ! खिल जात कला पात, अखिल अपने पुकारे; पुचकार भुवन देत…

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दोहे आज कुछ आभास उनका !

आज कुछ आभास उनका !

आज कुछ आभास उनका, आत्म उर में हो गया; विश्व के इन चराचर बिच, उन्हीं का नाटक हुआ ! रूप रंग आए सजे सब, रंग…

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