राधेश्याम शर्मा होने का मतलब
Updated: January 2, 2020
एक ध्येयनिष्ठ पत्रकार, संवेदनशील मनुष्य के रूप में याद किया जाएगा उन्हें -प्रो. संजय द्विवेदी इस साल का दिसंबर महीना जाते-जाते एक ऐसा आघात…
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कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष
Updated: January 2, 2020
शिक्षा से रहे ना कोई वंचित संग सभी के व्यवहार उचित रहे ना किसी से कोई कर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष भले भरत…
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क्यों हुये डाक्टर लुटेरा एक समान
Updated: January 2, 2020
ओ नाच जमूरे छमा-छम, सुना बात पते की एकदम हाथपैर में हड़कन होती है, सर में गोले फूटे धमा-धम आं छी जुकाम हुआ या सीने…
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नये वर्ष में भारत को नया रंग दें
Updated: January 2, 2020
ललित गर्ग जीवन में मौसम ही नहीं बदलता माहौल, मकसद, मूल्य और मूड सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में बदलता है। और ये बदलते…
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ब्रज नही बचो कान्हा के समय जैसों
Updated: January 2, 2020
(ब्रजदर्शन के बाद ) जे वृन्दावन धाम नहीं है वैसो, कान्हा के समय रहो थो जैसो समय बदलते सब बदले हाल वृन्दावन हुओ अब बेहाल।…
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काल व्यूह से लड़ना होगा !
Updated: December 31, 2019
यह पुण्य भूमि है ऋषियों की,जहां अभूतपूर्व वीरता त्याग की धारखंडित भारत आज खंड खंड ,दे रही चुनौती कर सहर्ष स्वीकार !दग्ध ज्वाल विकराल फैला,कर…
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कब होगी सुख की भोर
Updated: December 31, 2019
कह रहे है माता-पिता अब जीवन कितना बाकी है कब तक धड़केगा यह दिल और कितनी साॅसें बाकी है। बेटा बहू पोता नहीं आते ममता…
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कुर्सी की राजनीति में उलझी पत्रकारिता का हुआ चीरहरण
Updated: December 31, 2019
कौरवों की राजसभा में द्रौपदी को उसकी इच्छा के विरूद्घ लाया गया था जबकि वह रजस्वला थी और उसे परपुरूष द्वारा हाथ लगाना ही अपने…
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ये पत्रकार बड़े है
Updated: December 31, 2019
शहर में इनकी खूब चर्चा है अतिक्रमण हटाने वाली टीम के अधिकारियों से चलता खर्चा है। ये शौकीनमिजाज है सभी जगह खबू चरते-फिरते है सांडों…
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हम जो छले, छलते ही गये
Updated: December 30, 2019
15 अगस्त की वह सुबह तो आयी थी जब विदेशी आंक्रान्ताओं से हमें शेष भारत की बागड़ोर मिली हम गुलाम थे, आजाद हुये आजादी के…
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परिवारवाद और तुष्टीकरण तक सिमटी कांग्रेस
Updated: December 30, 2019
दुलीचंद कालीरमन भारतीय लोकतंत्र की सबसे प्राचीन पार्टी कांग्रेस में नेतृत्व की समृद्ध परंपरा रही है. लेकिन आज जब 2019 में कांग्रेस की 135 साल…
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संजीवनी की तलाश में दिख रही भारतीय रेल!
Updated: December 30, 2019
लिमटी खरे सरकारी व्यवस्थाओं का निजिकरण करना हुक्मरानों के लिए बहुत ही आसान काम है। इससे अपने किसी चहेते को लाभ पहुंचाने के मार्ग आसानी…
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