लेख राधेश्याम शर्मा होने का मतलब

राधेश्याम शर्मा होने का मतलब

एक ध्येयनिष्ठ पत्रकार, संवेदनशील मनुष्य के रूप में याद किया जाएगा उन्हें -प्रो. संजय द्विवेदी      इस साल का दिसंबर महीना जाते-जाते एक ऐसा आघात…

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कविता कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष

कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष

शिक्षा से रहे ना कोई वंचित संग सभी के व्यवहार उचित रहे ना किसी से कोई कर्ष कुछ ऐसा करो इस नूतन वर्ष भले भरत…

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कविता क्यों हुये डाक्टर लुटेरा एक समान

क्यों हुये डाक्टर लुटेरा एक समान

ओ नाच जमूरे छमा-छम, सुना बात पते की एकदम हाथपैर में हड़कन होती है, सर में गोले फूटे धमा-धम आं छी जुकाम हुआ या सीने…

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विश्ववार्ता नये वर्ष में भारत को नया रंग दें

नये वर्ष में भारत को नया रंग दें

ललित गर्ग जीवन में मौसम ही नहीं बदलता माहौल, मकसद, मूल्य और मूड सभी कुछ परिस्थिति और परिवेश के परिप्रेक्ष्य में बदलता है। और ये बदलते…

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व्यंग्य ब्रज नही बचो कान्हा के समय जैसों

ब्रज नही बचो कान्हा के समय जैसों

(ब्रजदर्शन के बाद ) जे वृन्दावन धाम नहीं है वैसो, कान्हा के समय रहो थो जैसो समय बदलते सब बदले हाल वृन्दावन हुओ अब बेहाल।…

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कविता काल व्यूह से लड़ना होगा !

काल व्यूह से लड़ना होगा !

यह पुण्य भूमि है ऋषियों की,जहां अभूतपूर्व वीरता त्याग की धारखंडित भारत आज खंड खंड ,दे रही चुनौती कर सहर्ष स्वीकार !दग्ध ज्वाल विकराल फैला,कर…

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कविता कब होगी सुख की भोर

कब होगी सुख की भोर

कह रहे है माता-पिता अब जीवन कितना बाकी है कब तक धड़केगा यह दिल और कितनी साॅसें बाकी है। बेटा बहू पोता नहीं आते ममता…

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राजनीति कुर्सी की राजनीति में उलझी पत्रकारिता का हुआ चीरहरण

कुर्सी की राजनीति में उलझी पत्रकारिता का हुआ चीरहरण

कौरवों की राजसभा में द्रौपदी को उसकी इच्छा के विरूद्घ लाया गया था जबकि वह रजस्वला थी और उसे परपुरूष द्वारा हाथ लगाना ही अपने…

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कविता ये पत्रकार बड़े है

ये पत्रकार बड़े है

शहर में इनकी खूब चर्चा है अतिक्रमण हटाने वाली टीम के अधिकारियों से चलता खर्चा है। ये शौकीनमिजाज है सभी जगह खबू चरते-फिरते है सांडों…

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कविता हम जो छले, छलते ही गये

हम जो छले, छलते ही गये

15 अगस्त की वह सुबह तो आयी थी जब विदेशी आंक्रान्ताओं से हमें शेष भारत की बागड़ोर मिली हम गुलाम थे, आजाद हुये आजादी के…

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राजनीति परिवारवाद और तुष्टीकरण तक सिमटी कांग्रेस

परिवारवाद और तुष्टीकरण तक सिमटी कांग्रेस

दुलीचंद कालीरमन भारतीय लोकतंत्र की सबसे प्राचीन पार्टी कांग्रेस में नेतृत्व की समृद्ध परंपरा रही है. लेकिन आज जब 2019 में कांग्रेस की 135 साल…

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लेख संजीवनी की तलाश में दिख रही भारतीय रेल!

संजीवनी की तलाश में दिख रही भारतीय रेल!

लिमटी खरे सरकारी व्यवस्थाओं का निजिकरण करना हुक्मरानों के लिए बहुत ही आसान काम है। इससे अपने किसी चहेते को लाभ पहुंचाने के मार्ग आसानी…

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