कला-संस्कृति लेख सहस्त्रों साल की विरासत पर गर्व करने का क्षण May 30, 2020 / May 30, 2020 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment दक्षिण पूर्व एशिया के देश वियतनाम में खुदाई के दौरान बलुआ पत्थर का एक शिवलिंग मिलना ना सिर्फ पुरातात्विक शोध की दृष्टि से एक अद्भुत घटना हैअपितु भारत के सनातन धर्म की सनातनता और उसकी व्यापकता का एक अहम प्रमाणभी है। यह शिवलिंग 9 वीं शताब्दी का बताया जा रहा है। जिस परिसर में यह शिवलिंग मिला है, इससे पहले […] Read more » proud hindu proud of being hindu भारत के सनातन धर्म की सनातनता सहस्त्रों साल की विरासत
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म मनोरंजन यज्ञ में मन्त्रों से आहुति क्यों? May 25, 2020 / May 25, 2020 by शिवदेव आर्य | Leave a Comment – शिवदेव आर्य ‘यज्ञ’ शब्द यज देवपूजासंगतिकरणदानेषु धातु से नङ्प्रत्यय करने से निष्पन्न हुआ है। जिस कर्म में परमेश्वर का पूजन, विद्वानों का सत्कार, संगतिकरण अर्थात् मेल और हवि आदि का दान किया जाता है, उसे यज्ञ कहते हैं। यज्ञ शब्द के कहने से नानाविध अर्थों का ग्रहण किया जाता है किन्तु यहाँ पर […] Read more » Why the chanting of mantras in the yajna यज्ञ में मन्त्रों से आहुति क्यों
कला-संस्कृति मनोरंजन पश्चिम से पुनः पूर्व की ओर…। May 25, 2020 / May 25, 2020 by शकुन्तला बहादुर | 1 Comment on पश्चिम से पुनः पूर्व की ओर…। स्वर्ग में सभा जुटी थी। महर्षि पतंजलि उदास बैठे थे । योगिराज श्रीकृष्ण और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम भी सभा में थे। तभी नारद मुनि आ पहुँचे । सबने अभिवादन किया। मुनि बोले , महर्षि पतंजलि ! आप इतने उदास क्यों हैं ? ऋषि ने कहा – “क्या बताऊँ तुमको ? मैंने अपना योगदर्शन का ग्रन्थ देववाणी […] Read more » पश्चिम से पुनः पूर्व की ओर
कला-संस्कृति गाय ओर पशुओ के रक्षक लोक देवता-कारस देव May 19, 2020 / May 19, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीव भारत के लोकजीवन की अवधारणा ब्रह्मांड को संचालित करने वाली परमात्मा की मायाशक्तियों से आच्छन है। लोक में देव या देवता शब्द का प्रयोग मनुष्य के आत्मसाक्षात्कार से आर्भिभूत अहर्निश दिव्यता को उपलब्ध होने पर तथा पवित्र आत्माओं एवं जड़ चेतन प्रकृति ओर सूर्य, चंद्र, ग्रह नक्षत्रों व जगत के कर्ता- धर्ता […] Read more » गाय ओर पशुओ के रक्षक लोक देवता-कारस देव देवता-कारस देव
कला-संस्कृति पान-बताशे से प्रसन्न होने वाले विवाहों के देवता-हरदौल लाला May 19, 2020 / May 19, 2020 by आत्माराम यादव पीव | Leave a Comment आत्माराम यादव पीवलोक कथाओं में नियतिप्रधान, व्यक्तिप्रधान, समाजप्रधान एवं जातिप्रदान विशेषणों का आधिक्य देखने को मिलता है। कुछ रचनायें व्यक्तिविशेष के माध्यम से उत्पन्न होती है तो कुछेक रचनाओं को जनसमुदाय द्वारा यथावत प्रस्तुत करने का चलन रहा है।व्यक्तिप्रधान रचनाओं का जन्म किसी कवि,लेखक की कृतियों-रचनाओं को आधार माना गया है।लोककथायें किसी समाज-जाति विशेष के व्यक्तित्व के […] Read more » विवाहों के देवता-हरदौल लाला
कला-संस्कृति वर्त-त्यौहार करवा चौथ October 12, 2019 / October 12, 2019 by बीनू भटनागर | Leave a Comment आजकल त्यौहारों का मौसम है। एक के बाद एक त्यौहार… इस कड़ी में अब करवा चौथ आने वाली है। हर त्यौहार की तरह इस त्यौहार का भी बाज़ारीकरण बहुत हुआ है।इस त्यौहार के लिये नये कपड़े गहने से लेकर, पति क्या उपहार दें इसकी चर्चा भी होती है और विज्ञापन भी भर भर कर देखे […] Read more »
कला-संस्कृति लुप्तप्राय हो रहे हैं पुरातन संसाधन July 2, 2019 / July 2, 2019 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment अनिल अनूप लोकजीवन में देसी परिवहन के साधनों में ‘बैलगाड़ी’ हमारी परम्परा एवं किसानी संस्कृति का ऐसा मजबूत आधार रही है, जिसके बिना किसान के जीवन की परिकल्पना नहीं की जा सकती। पहर के तड़के बैलगाड़ियों के पहियों से चूं-चूं चर्र-चर्र व बैलों के गले में बजने वाले घुंघरूओं से संगीत की जो स्वर लहरियां […] Read more »
कला-संस्कृति धन्य हुआ महाकुम्भ February 27, 2019 / February 27, 2019 by शिव शरण त्रिपाठी | 1 Comment on धन्य हुआ महाकुम्भ शिवशरण त्रिपाठी नियमित अंतराल पर देश के चार तीर्थ स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन एवं नासिक में आयोजित होने वाले महाकुम्भ की महत्ता जगजाहिर है। खासकर हर सनातनी हिन्दु मोक्ष की कामना से इन अवसरों पर अमृतपान करने की लालसा से खिंचा चला आता है। न लम्बी यात्रा की चिंता, न भारी भीड़ से किसी अनहोनी […] Read more » mahakumbh modi in kumbh महाकुम्भ
कला-संस्कृति टॉप स्टोरी मनोरंजन राजनीति लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप के शादी से लेकर , आडवाणी युग से जवानी युग में लौट रहे कुमार विश्वास May 28, 2018 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment तेजप्रताप के शादी के बाद तेजस्वी के शादी में क्या मिलेगा बारातियों को ? केजरीवाल के बेवफाई के बाद कुमार को मिला भाजपा का विश्वास। लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप के शादी से लेकर , आडवाणी युग से जवानी युग में लौट रहे कुमार विश्वास की पूरी कहानी जानने के लिए क्लिक करें दिए […] Read more » आडवाणी युग केजरीवाल तेजप्रताप तेजस्वी भाजपा लालू यादव
कला-संस्कृति विविधा वर्ष का नया प्रथम दिन नव-संवत्सर इतिहास का एक गौरवपूर्ण दिन March 18, 2018 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on वर्ष का नया प्रथम दिन नव-संवत्सर इतिहास का एक गौरवपूर्ण दिन -मनमोहन कुमार आर्य चैत्र शुक्ल प्रतिपदा अर्थात् 18 मार्च, सन् 2018 से नव सृष्टिसंवत एवं विक्रमी संवत्सर का आरम्भ हो रहा है। हमारे पास काल वा समय की अवधि की जो गणनायें हैं वह मुख्यतः दिन, सप्ताह, माह व वर्ष में होती हैं। यदि सृष्टि की उत्पत्ति, मानवोत्पत्ति अथवा वेदोत्पत्ति का काल जानना हो तो […] Read more » Featured Hindu new year New day of the year a glorious day नव संवत्सर
कला-संस्कृति महत्वपूर्ण लेख समाज डार्विन का सिद्धांत और दशावतारों की अवधारणा January 30, 2018 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on डार्विन का सिद्धांत और दशावतारों की अवधारणा संदर्भः केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह का डार्विन के सिद्धांत पर दिया बयान- प्रमोद भार्गव दुनिया बदल रही है और बदलती दुनिया में अपने आप को बनाए रखने के लिए परिवर्तन आवश्यक है। दुनिया के इस बदलते स्वभाव की विडंबना है कि दुनिया तो स्थिर है, किंतु परिवर्तन अस्थाई हैं। इसी परिवर्तनशील आचरण […] Read more » Darwin's theory Featured the concept of spectroscopic डार्विन का सिद्धांत डार्विन के सिद्धांत पर दिया बयान दशावतारों की अवधारणा संदर्भः केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह
कला-संस्कृति विविधा संगीत समय के दो पाट: कहां ये और कहां वो October 25, 2017 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment समय के दो पाटों में से एक पाट पर हैं शास्त्रीय संगीत की पुरोधा गिरिजा देवी की प्रस्तुतियां और दूसरे पाट पर हैं ढिंचक पूजा जैसी रैपर की अतुकबंदी वाली रैपर-शो’ज (जिसे प्रस्तुति नहीं कहा जा सकता)। समय बदला है, नई पीढ़ी हमारे सामने नए नए प्रयोग कर रही है, अच्छे भी और वाहियात भी, […] Read more » Featured ढिंचक पूजा शास्त्रीय संगीत की पुरोधा गिरिजा देवी