कला-संस्कृति विविधा महान आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि October 28, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment महान आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि Read more » Featured धन्वन्तरि महान आयुर्वेदाचार्य धन्वन्तरि
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार विविधा स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक दीपावली October 27, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment दीपावली स्वच्छता व प्रकाश का पर्व है। लोग कई दिनों पहले से ही दीपावली की तैयारियाँ आरंभ कर देते हैं, और सब अपने घरों, प्रतिष्ठानों आदि की सफाई का कार्य आरंभ कर देते हैं। दिवाली के आते ही घरों में मरम्मत, रंग-रोगन, सफेदी आदि का कार्य होने लगता है। लोग अपने घरों और दुकानों को साफ सुथरा कर सजाते हैं। इसके पीछे मान्यता है कि लक्ष्मी जी उसी घर में आती है यहाँ साफ-सफाई और स्वच्छता होती है। Read more » दीपावली स्वच्छता व प्रकाश की प्रतीक
कला-संस्कृति जन-जागरण धर्म-अध्यात्म पर्व - त्यौहार दीवाली उपहार है हिंदुत्व की परिभाषा की पुनर्स्थापना October 27, 2016 by प्रवीण गुगनानी | 1 Comment on दीवाली उपहार है हिंदुत्व की परिभाषा की पुनर्स्थापना हिन्दुस्थानियों के एक बड़े व महान पर्व दीवाली के एन पूर्व पिछले सप्ताह एक हलचल कारी घटना हुई , जिसनें हिन्दुओं की दीवाली पूर्व ही दीवाली मनवा दी हुआ यह कि देश केउच्चतम न्यायालय ने यह जांच प्रारम्भ की कि हिंदुत्व भारतीय जीवन शैली का हिस्सा है या फिर धर्म है. तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा दायर […] Read more » Deepawali Depawali Diwali Featured दीवाली हिंदुत्व हिंदुत्व की परिभाषा की पुनर्स्थापना
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म प्रकृति के रूप में महालक्ष्मी October 25, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment समुद्र-मंथन से लक्ष्मी तो प्रकट हुईं, लेकिन उल्लू के प्रकट होने का विवरण नहीं है। कहते हैं कि जब लक्ष्मी को धन की देवी के रूप में प्रतिष्ठा मिल गई, तो उनकी स्थान-स्थान पर पूजा होने लग गई। इस कारण उन्हें अलग वाहन की आवष्यकता अनुभव होने लगी। Read more » Featured महालक्ष्मी
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार अंधेरे पर प्रकाश की जीत का पर्व है दीपावली October 25, 2016 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment दीपावली का धार्मिक ही नहीं, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व भी है. दीपावली पर खेतों में खड़ी खरीफ़ की फसल पकने लगती है, जिसे देखकर किसान फूला नहीं समाता. इस दिन व्यापारी अपना पुराना हिसाब-किताब निपटाकर नये बही-खाते तैयार करते हैं. Read more » Featured अंधेरे पर प्रकाश की जीत का पर्व है दीपावली
कला-संस्कृति प्रवक्ता न्यूज़ लेख साहित्य पंचामृत October 24, 2016 / October 24, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment आयुर्वेद की दृष्टि से चरणामृत स्वास्थ्य के लिए बहुत ही अच्छा माना गया है। आयुर्वेद के अनुसार तांबे में अनेक रोगों को नष्ट करने की क्षमता होती है। यह पौरूष शक्ति को बढ़ाने में भी गुणकारी माना जाता है। तुलसी के रस से कई रोग दूर हो जाते हैं और इसका जल मस्तिष्क को शांति और निश्चिंतता प्रदान करता हैं। Read more » Featured पंचामृत
कला-संस्कृति लेख साहित्य अमृत कलश में भरे सोम रस का रहस्य October 23, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव श्रावकों, कलश में भरे इस अमृत को अगर आप अलौकिक पेय द्रव्य न मानकर चलें, तो आपको इस पदार्थ को समझने में ज्यादा आसानी होगी। हम सभी सुनते-पढ़ते चले आ रहे हैं कि वैदिक देवता सोमरस पीते थे। प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में इसे सोमलता नामक वनस्पति से बनाने का उल्लेख है। इसलिए सोमलता […] Read more » Featured अमृत कलश सोम रस सोम रस का रहस्य
कला-संस्कृति समाज हिंदू धर्म के मंगल प्रतीक October 21, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी हिंदू धर्म में मंगल प्रतीकों का खासा महत्व है। इनके घर में होने से किसी भी कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं होती। सभी कार्य मंगलमय तरीके से संपन्न होते हैं। सर्वप्रथम तो आपका घर वास्तु अनुसार होना चाहिए यदि नहीं है तो उसमें कुछ सुधार कर लें। घर में मंगल प्रतीकों या […] Read more » Featured हिंदू धर्म के मंगल प्रतीक
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म कहाँ से आई हिन्दू धर्म में संख्या १०८ October 13, 2016 by भुवन जोशी | Leave a Comment भगवान शिव सम्पूर्ण श्रिष्टि का मूल आधार हैं ! भगवान शिव ही सर्व्यापक परमात्मा हैं जिनकी शक्ति से सम्पूर्ण जगत व्याप्त है ! भगवान शिव ही आदिनाथ, भगवान शिव ही भोलेनाथ और भगवान शिव ही गोरक्षनाथ हैं ! शिव तत्व संसार के कण कण में व्याप्त है ! यही शिव तत्व ब्रह्म है जिसको मैंने प्रथम रहस्य के रूप में आज आपको समझाया ! भगवान शिव के १२ ज्योतिर्लिंग भारत देश में स्थापित हैं ! Read more » Featured हिन्दू धर्म में संख्या १०८
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म अंधविश्वास की अनोखी परंपरा: अराधना के नाम बच्चों का रक्तबलि October 12, 2016 / October 12, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment यहां पर हर साल नवरात्रि के नवमी तिथि को पूरे इलाके के हजारों क्षत्रिय दुर्गा मंदिर में अपने शरीर का रक्त मां को चढाते है. रक्त का यह चढ़ावा 15 दिन के बच्चे से लेकर 100 साल तक के बुजुर्गों तक के शरीर के पांच जगहों से काटकर दिया जाता है. कटने पर शरीर के कई जगहों से रक्त निकलने से मासूम बच्चे रोते बिलखते हैं पर आस्था के नाम पर उनके घाव पर किसी दवा को नहीं बल्कि भभूत मल दिया जाता है. Read more » अंधविश्वास की अनोखी परंपरा अराधना बच्चों का रक्तबलि
कला-संस्कृति धर्म-अध्यात्म वर्त-त्यौहार असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक का विजयादशमी October 11, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment अपने देश में आज भी आसुरी शक्तियां सक्रिय हैं जो देशविरोधी गतिविधियां चला रही हैं। इन सभी प्रकार की शक्तियों का विनाश करने के लिए प्रत्येक को अपने अंदर की बुद्धि, भावना एवं शक्ति को केंद्रित करना होगा ताकि अपने समाज और देश को सुखी ,वैभवशाली और विजयी जीवन प्राप्त हो सके। विजयदशमी के पर्व से विजय की अदम्य प्रेरणा उत्पन्न होती है। Read more » Featured विजयादशमी
कला-संस्कृति ज्योतिष टॉप स्टोरी कुछ टोटके :- October 9, 2016 by पंडित दयानंद शास्त्री | 1 Comment on कुछ टोटके :- शनिवार की शाम को भोजपत्र पर लाल चंदन से किरायेदार का नाम लिखकर शहद में डुबो दें। संभव हो, तो यह क्रिया शनिश्चरी अमावस्या को करें। कुछ ही दिनों में किरायेदार घर खाली कर देगा। ध्यान रहे, यह क्रिया करते समय कोई टोके नहीं। Read more » कुछ टोटके