आर्थिकी लेख स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के चलते भारत की आर्थिक विकास दर में हो रही वृद्धि September 15, 2022 by प्रह्लाद सबनानी | Leave a Comment किसी भी देश में स्वस्थ नागरिक उस देश के लिए एक बहुत बड़ी पूंजी मानी जाती है। नागरिकों के स्वस्थ रहने से देश की अर्थव्यवस्था को सीधे सीधे दो लाभ होते हैं। एक, देश के स्वस्थ नागरिकों की उत्पादकता तुलनात्मक रूप से अधिक रहती है। दूसरे, यदि नागरिक बीमार हैं तो उनको स्वस्थ रखने के […] Read more » India's economic growth rate is increasing due to improvement in health services आर्थिक विकास दर में हो रही वृद्धि
लेख हे कागदेव ! पितृपक्ष में सद्बुद्धि दीजिए September 15, 2022 / September 15, 2022 by प्रभुनाथ शुक्ल | Leave a Comment प्रभुनाथ शुक्ल हे ! कागदेव आप कलयुग के पितृदेव हैं। हम आपकी श्रेष्ठता को नमन करते हैं। हम समदर्शी सृष्टि का भी अभिनंदन करते हैं, जिसने आपको पितृपक्ष यानी पखवारे भर के लिए श्रेष्ठ माना है। लेकिन आपका सम्मान देख इहलोकवासी पिताम्हों को ईर्ष्या […] Read more » O Kagdev! give wisdom in parenting
राजनीति लेख समाज सार्थक पहल बिना उपाधि के बनेंगे प्राध्यापक September 15, 2022 / September 15, 2022 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव विश्व-विद्यालय अनुदान आयोग (यूसीजी) ने एक क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब उच्च शिक्षण संस्थानों में एक नई श्रेणी ‘शिक्षक संकाय‘ के अंतर्गत प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों के रूप में ऐसे प्राध्यापक नियुक्त किए जाएंगे, जिनके पास प्रोफेसर बनने की पात्रता तो नहीं होगी, लेकिन वे संबंधित विषय के क्षेत्र में औपचारिक पात्रता, अनुभव […] Read more » become a professor without a degree
राजनीति लेख समाज साक्षात्कार हिंसक एवं असहिष्णु होते समाज की त्रासदी September 15, 2022 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग-भारतीय समाज हिंसक एवं असभ्य होता जा रहा है। समाज में बढ़ती हिंसकवृत्ति आदमी को एक दिन कालसौकरिक कसाई बना देती है, कंस बना देती है, रावण बना देती है। एक ऐसा हिंसक समाज बन रहा है, जिसमें कुछ लोगों को दिन भर में जब तक किसी को मार नहीं देते, उन्हें बेचैनी-सी […] Read more » The tragedy of a society becoming violent and intolerant हिंसक एवं असहिष्णु होते समाज की त्रासदी
कविता लेख पाटलिपुत्र का गुप्त राजवंशी सम्राट September 15, 2022 by विनय कुमार'विनायक' | Leave a Comment —विनय कुमार विनायकमहान मौर्य के शौर्य सूर्य काजब हुआ अवसानवैकि्ट्रया के ग्रीक, पार्थिया के पहलव,मध्य एशिया के शक-कुषाण सेक्रमशः देश हुआ आक्रांतशुंग-काण्व-सातवाहन-भारशिव-वाकाटक जैसेब्राह्मणी शक्तियों की यद्यपि थी निराली शानकिन्तु देश खंडित-जर्जर थाविदेशी दासता का भी डर थाकौन दिलाए देश को स्थायित्व खुशहालीऔर आक्रांताओं से त्राण? तभी एक चन्द्रवंशी वणिक कीफड़क उठी भुजाएंउठा तलवार विद्रोही-आक्रांताओं परदेश […] Read more »
लेख हिंदी दिवस हिन्दी बने राष्ट्र भाषा September 13, 2022 / September 13, 2022 by डॉ. सौरभ मालवीय | Leave a Comment डॉ. सौरभ मालवीय “हिन्दी संस्कृत की बेटियों में सबसे अच्छी और शिरोमणि है।“ ये शब्द बहुभाषाविद और आधुनिक भारत में भाषाओं का सर्वेक्षण करने वाले पहले भाषा वैज्ञानिक जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन के हैं। नि:संदेह हिन्दी देश के एक बड़े भू-भाग की भाषा है। महात्मा गांधी ने हिन्दी को जनमानस की भाषा कहा था। वह कहते […] Read more » Hindi became the national language हिन्दी बने राष्ट्र भाषा हिन्दी संस्कृत की बेटियों में सबसे अच्छी और शिरोमणि है
लेख दादा-दादी की भव्यता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है। September 13, 2022 / September 13, 2022 by डॉ. सत्यवान सौरभ | Leave a Comment 12 सितंबर – दादा-दादी दिवस दादा-दादी बच्चों के सबसे अच्छे दोस्त होते हैं, जिनके साथ वे अपने रहस्यों को खुलकर साझा कर सकते हैं। दादा-दादी भगवान का एक उपहार है जिसे हमें संजोना चाहिए। हम आज की दुनिया में अपने दादा-दादी के मूल्य को भूल गए हैं क्योंकि हम सभी को एकल परिवारों की जरूरत […] Read more » 12 सितंबर - दादा-दादी दिवस The grandeur of grandparents cannot be described in words. दादा-दादी की भव्यता
लेख हिंदी दिवस भारतीय भाषाओं के प्रति संघ का दृष्टिकोण September 13, 2022 / September 13, 2022 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment – लोकेन्द्र सिंह तुर्की जब स्वतंत्र हुआ, तब आधुनिक तुर्की के संस्थापक कमालपाशा ने जिन बातों पर गंभीरता से ध्यान दिया, उनमें से एक भाषा भी थी। कमालपाशा ने विरोध के बाद भी बिना समय गंवाए शिक्षा से विदेशी भाषा को हटा कर तुर्की को अनिवार्य कर दिया। क्योंकि, वह तुर्की के लोगों में राष्ट्रीयता की भावना का विस्तार […] Read more » sangh approach to Indian languages भारतीय भाषाओं के प्रति संघ का दृष्टिकोण
लेख महिलाओं के लिए संगीत की राह आसान बनाती रंजना September 13, 2022 / September 13, 2022 by चरखा फिचर्स | Leave a Comment सौम्या ज्योत्सना मुजफ्फरपुर, बिहार हर साल लगभग 3 करोड़ लोग विभिन्न तरह की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेते हैं मगर ऐसा जरूरी नहीं है कि हर शख्स इसमें तरक्की ही प्राप्त करे, हालांकि अधिकांश घरों में लोग अपने बच्चों को भी अफसर बनने की राह पर चलने के लिए प्रेरित कर रहे होंगे, लेकिन हर शख्स की चाहत एक-सी हो, ऐसा […] Read more »
लेख हिंदी दिवस हिंदी को ज़रूरत से जोड़ना ज़रूरी September 13, 2022 / September 13, 2022 by डॉ० शिबन कृष्ण रैणा | 1 Comment on हिंदी को ज़रूरत से जोड़ना ज़रूरी हिंदी-दिवस (१४ सितम्बर २२)पर विशेष डा० शिबन कृष्ण रैणा हिंदी-दिवस हर वर्ष १४ सितंबर को मनाया जाता है। सरकारी कार्यालयों में,शिक्षण-संस्थाओं में,हिंदी-सेवी संस्थाओं आदि में हिंदी को लेकर भावपूर्ण भाषण व व्याख्यान,निबन्ध-प्रतियोगिताएं,कवि-गोष्ठियां पुरस्कार-वितरण आदि समारोह धडल्ले से होते हैं । प्रश्न यह है कि इस तरह के आयोजन पिछले लगभग सत्तर-बहत्तर सालों से होते रहे […] Read more » Hindi Diwas Hindi needs to be added हिंदी-दिवस
राजनीति लेख बिशप के घर में अकूत संपत्ति और मतान्तरण का खेल September 13, 2022 / September 13, 2022 by मयंक चतुर्वेदी | 2 Comments on बिशप के घर में अकूत संपत्ति और मतान्तरण का खेल डॉ. मयंक चतुर्वेदी बिशप पी सी सिंह कक्षा बारहवीं बाद मतान्तरित हुआ और उसकी मज़हबी शिक्षा दिल्ली में हुई। दिल्ली से लौट कर उसने लगभग पांच वर्षों तक मध्य प्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर के एक चर्च में बतौर पादरी काम किया। इसके बाद उसे बिशप की पदवी दे दी गई। यहां तक तो सब ठीक […] Read more » A lot of property and the game of conversion in the house of the bishop बिशप पी सी सिंह
लेख ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी वाद में हिन्दू समाज सत्य को स्वीकारे September 12, 2022 / September 12, 2022 by दिव्य अग्रवाल | Leave a Comment – दिव्य अग्रवाल ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी वाद की सुनवाई सैकड़ो वर्षो बाद आज सम्भव हो पायी इसके कुछ मुख्य कारण हैं। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन जो प्रभु हनुमान की तरह धर्म स्थापना हेतु कार्यरत हैं याचिकाकर्ता वो पांच महिलाऐ जो प्रकृति के पांच तत्वों की तरह माँ जगदम्बा व् नंदी जी को अपने आराध्य महादेव […] Read more » Hindu society should accept the truth in Gyanvapi Shringar Gauri