कविता
उड़े तिरंगा बीच नभ
/ by डॉ. सत्यवान सौरभ
आज तिरंगा शान है, आन, बान, सम्मान।रखने ऊँचा यूँ इसे, हुए बहुत बलिदान।।नहीं तिरंगा झुक सके, नित करना संधान।इसकी रक्षा के लिए, करना है बलिदान।।देश प्रेम वो प्रेम है, खींचे अपनी ओर।उड़े तिरंगा बीच नभ, उठती खूब हिलोर।।शान तिरंगा की रहे, दिल में लो ये ठान।हर घर, हर दिल में रहे, बन जाए पहचान।।लिए तिरंगा […]
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