Category: साहित्‍य

व्यंग्य

लालबत्ती का फ्यूज हो जाना

| Leave a Comment

लालबत्ती हटाकर सरकार न केवल उस महान वीआईपी परंपरा ,जिसे कई नेताओ और अधिकारियों ने अपनी कार और अहंकार से सजाकर इस मुकाम तक पहुँचाया है, को लांछित करने का प्रयास कर रही है बल्कि आम आदमी की छवि को धूमिल करने का प्रयास भी कर रही है। क्योंकि जब तक समाज में वीआईपी रहेंगे तब तक आम आदमी उनको देखकर अपने को छोटा महसूस करता रहेगा और सरकारे उसके उत्थान हेतु कदम उठाती रहेगी। अगर समाज से वीआईपी सभ्यता ख़त्म होकर सभी आम आदमी हो गए तो सरकारे आम आदमी के कल्याण के लिए कहाँ से प्रेरणा लेगी। असली समाजवाद लाने के लिए देश में विशिष्ट और विशिष्टता का रहना अत्यंत आवश्यक है। विशिष्टता का शिष्टता में बदल जाना लोकतांत्रिक और सामाजिक मूल्यों के लिए खतरा है।

Read more »

व्यंग्य साहित्‍य

सफ़र के हमसफ़र

| Leave a Comment

माता-पिता और गुरुओ के बाद मुझे बस कंडक्टर ही सबसे प्रेरणास्पद व्यक्तित्व लगता है क्योंकि वो भी तमाम कठिनाईयो के बावजूद आपको हमेशा "आगे बढ़ने" की प्रेरणा देता है। मुझे हमेशा से ही कंडक्टर नाम का व्यक्तित्व असामान्य और अद्भुत लगता रहा है क्योंकि जब रजनीकांत जैसा "महामानव असल ज़िंदगी में "कंडक्टर" की भूमिका निभा चुका हो तो कंडक्टर एक सामान्य व्यक्ति भला कैसे हो सकता है! मेरी राय में कंडक्टर किसी पार्टी हाई-कमान से कम हैसियत नहीं रखता है क्योंकि पार्टी हाई-कमान के बाद कंडक्टर ही एक ऐसा ऐसा व्यक्ति है जो "टिकट"देने में सबसे ज़्यादा आनाकानी करता है। विज्ञान के लिए टच-स्क्रीन पद्धति भले ही नई हो लेकिन कंडक्टर तो सदियो से "टच-पद्धति" का उपयोग कर खचाखच भरी बस में भी किसी भी कोने सेे किसी भी कोने तक पहुँचते रहे है। कंडक्टर के पास समय और "छुट्टे" की हमेशा किल्लत रहती है।

Read more »

लेख साहित्‍य

सिकंदर लोदी बारादरी पर मरियम उज-जमानी का मकबरा

| Leave a Comment

शाहजहां ने अपनी प्रेमिका मुमताज के लिए ताजमहल बनवाया, तो वहीं शाहजहां के पिता जहांगीर ने अपनी मां की याद में एक भव्य स्मारक बनवाया। नेशनल हाईवे दो पर अकबर टॉम्ब से महज 500 मीटर की दूरी पर यह मथुरा सड़क पर बायीं ओर तथा अकबर का मकबरा, सिकंदरा से पश्चिम की ओर मरियम का मकबरा स्थित है। मरियम उज-जमानी की मृत्यु 1622 में हुई और उसके बेटे जहांगीर ने उनके नाम पर इस महल का निर्माण करवाया था। यह महल अकबर के मकबरे के करीब ज्योति नगर में तंतपुर रोड पर स्थित है। पहले इस महल का निर्माण पर्दे में रहने वाली शाही औरतों के आवास के रूप में किया गया था। इस महल के प्रांगण के चारों ओर कई सारे कमरे बने हुए हैं।

Read more »