गजल शख्सियत साहित्य मिर्जा ग़ालिब का जीवन व आगरा की हवेली January 3, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | 1 Comment on मिर्जा ग़ालिब का जीवन व आगरा की हवेली डा. राधेश्याम द्विवेदी जन्म व परिवार :- मिर्जा ग़ालिब का जन्म 27 दिसंबर सन् 1796 को आगरा के काला महल में हुई थी । गालिब ने अपनी जिंदगी का लंबा वक्त आगरा शहर के बाजार सीताराम की गली कासिम जान में बनी हवेली में गुजारा है। इस हवेली को संग्रहालय का रुप दे दिया गया […] Read more » मिर्जा गालिब
कविता यादेँ व उम्मीद :-सौरभ चतुर्वेदी December 31, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment मयस्सर डोर से फिर एक मोती झड़ रहा है , तारीखों के जीने से दिसम्बर उतर रहा है | कुछ चेहरे घटे , चंद यादें जुड़ीं गए वक़्त में, उम्र का पंछी नित दूर और दूर उड़ रहा है |… गुनगुनी धूप और ठिठुरती रातें जाड़ो की, गुजरे लम्हों पर झीना-झीना पर्दा गिर रहा है। […] Read more » यादेँ व उम्मीद
कविता साहित्य ऐसा ही कुछ करना होगा December 31, 2016 by शालिनी तिवारी | Leave a Comment लम्बे अर्से बीत चले हैं, इनसे कुछ सबक लेना होगा, उम्मीदों की सतत् कड़ी में, इस बार नया कुछ बुनना होगा, अपने समाज के अन्तिम जन को, अब तो बेहतर करना होगा, शिक्षित और जागरूक बनाकर, इनके हक में लड़ना होगा, कुछ न कुछ पाने का सबका, अपना अपना सपना होगा, सूख चुके आँसुओं को […] Read more » ऐसा ही कुछ करना होगा
लेख साहित्य तैमूर लंग को किसने हराया? December 29, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment डॉ विवेक आर्य हिन्दू समाज ने एकजुट होकर अक्रान्तायों का न केवल सामना किया अपितु अपने प्राणों की बाजी लगाकर उन्हें यमलोक भेज दिया। तैमूर लंग के नाम से सभी भारतीय परिचित है। तैमूर के अत्याचारों से हमारे देश की भूमि रक्तरंजित हो गई। उसके अत्याचारों की कोई सीमा नहीं थी। तैमूर लंग ने मार्च […] Read more » Featured Taimur Lang who defeated Taimur Lang तैमूर लंग तैमूर लंग पूर्णत: धर्मांध था तैमूर लंग
कला-संस्कृति लेख साहित्य चौसठ योगिनी मंदिर, जिसकी अनुकृति से भारतीय संसद भवन बना है December 29, 2016 / December 29, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा. राधेश्याम द्विवेदी योगाभ्यास करने वाली स्त्री को योगिनी या योगिन कहा जाता है। पुरुषों के लिए इसका समानांतर योगी है। अष्ट या चौंसठ योगिनियां प्रायः आदिशक्ति मां काली का अवतार या अंश होती है। घोर नामक दैत्य के साथ युद्ध करते हुए माता ने उक्त चौंसठ चौंसठ अवतार लिए थे । यह भी माना […] Read more » चौसठ योगिनी मंदिर
कविता साहित्य इस साल न हो पुर-नम आँखें December 28, 2016 by डॉ.कुमार विश्वास | Leave a Comment “इस साल न हो पुर-नम आँखें, इस साल न वो खामोशी हो इस साल न दिल को दहलाने वाली बेबस-बेहोशी हो इस साल मुहब्बत की दुनिया में, दिल-दिमाग की आँखें हों इस साल हमारे हाथों में आकाश चूमती पाँखें हों ये साल अगर इतनी मुहलत दिलवा जाए तो अच्छा है ये साल अगर हमसे हम […] Read more » इस साल न हो पुर-नम आँखें
दोहे दोहे December 26, 2016 by बीनू भटनागर | Leave a Comment नींद नहीं मेरी सखी,मुश्किल से है आय, चौक कर खुल जाय कभी,फिर नख़रा दिखलाय। सपनों का घर नींद है , निंदिया का घर नैन नींद नैन आवे नहीं , ना सपनों को चैन। कच्चा घर है नींद का , टूट कभी भी जाय बार- बार टूटे कभी , बन न निशा भर पाय। शाम रात […] Read more » दोहे
कहानी साहित्य डायल कुमार फॉर किलिंग December 26, 2016 by विजय कुमार सप्पाती | Leave a Comment “कुमार तुम्हारे कारण मेरी ज़िन्दगी खराब हुई और मैंने तुम्हें इस बात की सजा दी. एक महीने पहले उन तीनों ने मुझे जहर देकर मार डाला था और किरण ने ये इसलिए किया था ताकि वो मेरी दौलत के साथ तुमसे मिलकर जीवन जी सके. लेकिन जैसे कि कहते है कि बुरा करो तो वो वापस जरूर आता है. मेरी आत्मा भटकती रही और तुम्हारी राह देखती रही. किरण ने तुम्हें बुलाया और मैंने तुम्हारे बनाए हुए प्लान के अनुसार ही उन्हें डरा कर आत्महत्या करने पर मजबूर किया. वो हत्या भी थी और आत्महत्या भी और तुम्हें आज यहाँ तक पहुंचा दिया ! चलो जल्दी जाओ ! मैं तुम सबसे नफरत करता हूँ. तुम सब अब नरक में मिलना !” Read more » Featured डायल कुमार फॉर किलिंग
कविता शख्सियत साहित्य शमशेर की कविता December 24, 2016 / December 24, 2016 by पिन्टू कुमार मीणा | Leave a Comment पिन्टू कुमार मीणा शमशेर बहादुर सिंह दूसरे सप्तक के कवि है । इनके 1956 और 1961 में दो काव्य संग्रह प्रकाशित हुए- ‘कुछ कविताएँ’ और ‘कुछ और कविताएँ’ । शमशेर आधुनिक दौर के सबसे जटिल कवि माने जाते हैं । इसका कारण कविता को समझने की पाठक / आलोचक की वह पारंपरिक धारणा रही है […] Read more » Featured Shamsher Bahadur Singh शमशेर बहादुर सिंह
लेख साहित्य भारतीय समाज की विविधता का इतिहाय बयां करता फिल्मी दुनियां का सफर…. December 24, 2016 by अनिल अनूप | Leave a Comment -अनिल अनूप हिंदी सिनेमा का बीते सालों का इतिहास हम से बहुत कुछ कहता है । यह सिर्फ हिंदी सिनेमा का इतिहास नहीं अपितु भारतीय समाज के आर्थिक,सांस्कृतिक,धार्मिक एवं राजनीतिक नीतियों,मूल्यों और स्ंवेदनाओं का ऐसा इंद्र्धनुष है जिसमें भारतीय समाज की विविधता उसकी सामाजिक चेतना के साथ सामने आती है । भारतीय समाज का हर […] Read more » फिल्मी दुनियां का सफर.... भारतीय समाज की विविधता रतीय समाज की विविधता का इतिहाय बयां करता
कहानी साहित्य अकबर बीरबल के मुलाकात की दो प्रमुख प्रारम्भिक कहानियां December 21, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment डा.राधेश्याम द्विवेदी पहली कहानी अकबर को शिकार का बहुत शौक था. वह किसी भी तरह शिकार के लिए समय निकल ही लेते थे. बाद में वे अपने समय के बहुत ही अच्छे घुड़सवार और शिकरी भी कहलाये. एक बार राजा अकबर शिकार के लिए निकले, घोडे पर सरपट दौड़ते हुए उन्हें पता ही नहीं चला […] Read more » अकबर बीरबल
लेख साहित्य अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल और उनके तीन शहीद साथियों को सादर नमन और श्रद्धांजलि’ December 20, 2016 by मनमोहन आर्य | 1 Comment on अमर शहीद रामप्रसाद बिस्मिल और उनके तीन शहीद साथियों को सादर नमन और श्रद्धांजलि’ -मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। आज ऋषि दयानन्द के शिष्य और आर्यसमाज के अनुयायी अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल जी और उनके तीन साथी रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां तथा राजेन्द्र सिंह लाहिड़ी का शहीदी दिवस अर्थात् पुण्य तिथि है। इन चार देशभक्त सपूतों को सन् 1927 में गोरखपुर की जेल में आज ही के दिन […] Read more » Featured अशफाक उल्ला खां राजेन्द्र सिंह लाहिड़ी रामप्रसाद बिस्मिल रोशन सिंह