कहानी साहित्य वर का शिकार March 14, 2016 by विजय कुमार | 1 Comment on वर का शिकार कुछ लोग कहते हैं कि रिश्ते ऊपर से ही बनकर आते हैं। फिर भी विवाह के विज्ञापनों का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। किसी समय उत्तर भारत में हर रेलमार्ग के किनारे दीवारों पर ‘रिश्ते ही रिश्ते’ जैसे विज्ञापन लिखे मिलते थे; पर अब इनकी जगह पत्र-पत्रिकाओं और इंटरनेट ने ले ली है। आजकल […] Read more »
कविता साहित्य एक हो जावें – पर्व होली का मनावें March 14, 2016 / March 14, 2016 by विमलेश बंसल 'आर्या' | Leave a Comment एक हो जावें, पर्व होली का मनावें, कुहुक रही हैं कोयल डालियाँ। फ़ाग गवावें, कृपा ईश्वर की पावें, झूम रही हैं जौ की बालियाँ।। एक हो जावें….. मासों में अंतिम मास फाल्गुन विदाई का। देने संदेशा आया, प्रेम और भलाई का। जगें जगावें, भेद हर दिल के मिटावें, पावन बनावें हृदय प्यालियाँ।। एक हो जावें […] Read more » Holi festival Poem on Holi होली होली पर्व
कविता साहित्य कैलिफ़ोर्निया में हिमपात March 11, 2016 by शकुन्तला बहादुर | 8 Comments on कैलिफ़ोर्निया में हिमपात टाहो झील पर – ************* हिमाच्छादित पर्वत-श्रेणी , शैलशिखर संग शोभित थी । ओढ़ रुपहली चूनर मानो , वधू सदृश वह गर्वित थी ं।। ऊपर नभ का था वितान और, पवन झकोरे मंगल गाते । खड़े संतरी से थे तरुवर , मानो थे पहरा देते ।। उत्सव सा था सजा हुआ , जो देख प्रकृति […] Read more » Poem by Shakuntala Bahadur कैलिफ़ोर्निया में हिमपात
लेख साहित्य गंगा तप की राह चला सन्यासी सानंद March 10, 2016 by अरुण तिवारी | Leave a Comment अरुण तिवारी प्रो जी डी अग्रवाल जी से स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद जी का नामकरण हासिल गंगापुत्र की एक पहचान आई आई टी, कानपुर के सेवानिवृत प्रोफेसर, राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय के पूर्व सलाहकार, केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रथम सचिव, चित्रकूट स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय में अध्यापन और पानी-पर्यावरण इंजीनियरिंग के नामी सलाहकार के रूप में […] Read more » Featured गंगा तप सन्यासी सानंद स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद
व्यंग्य साहित्य “आलसस्य परम सुखम “ March 10, 2016 by अमित शर्मा (CA) | 1 Comment on “आलसस्य परम सुखम “ प्राचीन काल से ही आलस को सामाजिक और व्यक्तिगत बुराई माना जाता रहा हैं. “जो सोवत हैं, वो खोवत हैं” जैसी कहावतो के माध्यम से आलसी लोगो को धमकाने और “अलसस्य कुतो विद्या” जैसे श्लोको के ज़रिये उनको सामाजिक रूप से ज़लील करने /ताने कसने के प्रयास अनंतकाल से जारी हैं. लेकिन फिर भी आज […] Read more » आलसस्य परम सुखम
लेख साहित्य लाल और नीली कटोरी : वामपंथ तथा अम्बेडकरवाद का प्रतीक March 10, 2016 by विजय कुमार | 2 Comments on लाल और नीली कटोरी : वामपंथ तथा अम्बेडकरवाद का प्रतीक इन दिनों दिल्ली का जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (ज.ने.वि.) काफी चर्चा में है। गत नौ फरवरी को वहां छात्रों तथा कुछ बाहरी लोगों ने पाकिस्तान जिन्दाबाद, भारत तेरे टुकड़े होंगे: इंशा अल्लाह, इंशा अल्लाह तथा भारत की बरबादी तक जंग चलेगी.. जैसे देशद्रोही नारे लगाये। वे अफजल गुरु, मकबूल बट तथा याकूब मेनन जैसे देशद्रोही […] Read more » Featured अम्बेडकरवाद अम्बेडकरवाद का प्रतीक कन्हैया कुमार जेएनयू नीली कटोरी लाल कटोरी वामपंथ वामपंथ का प्रतीक
आलोचना साहित्य शिव योगी हैं नशेडी नहीं | March 10, 2016 by अनुज अग्रवाल | Leave a Comment हाल ही में महाशिवरात्रि का पर्व बीत गया | यानि कि भगवान् आशुतोष का दिन | कई मित्रो के मेसेज आये शिवरात्रि की शुभकामनाये प्रेषित करते हुए | सभी का धन्यवाद सभी को शुभकामनाये | रूद्र आप सबकी रक्षा करे | पर मन उस तरह प्रफुल्लित हुआ जिस तरह एक त्यौहार पर होना चाहिए | […] Read more » शिव शिव नशेडी नहीं शिव योगी हैं शिव योगी हैं नशेडी नहीं
कविता साहित्य स्वामी विवेकानन्द जी की पुण्य-स्मृति मे – श्रद्धांजलि March 8, 2016 by शकुन्तला बहादुर | 2 Comments on स्वामी विवेकानन्द जी की पुण्य-स्मृति मे – श्रद्धांजलि भारत-भू पर हुए अवतरित, एक महा अवतार थे । थी विशेष प्रतिभा उनमें, वे ज्ञानरूप साकार थे ।। तेजस्वी थे, वर्चस्वी थे , महापुरुष थे परम मनस्वी । था व्यक्तित्व अलौकिक उनका, कर्मयोग से हुए यशस्वी ।। भारत के प्रतिनिधि बनकर वे, अमेरिका में आए थे । जगा गए वे जन जन को , युग-धर्म […] Read more » स्वामी विवेकानन्द जी की पुण्य-स्मृति मे
व्यंग्य साहित्य प्रौढ़ शिक्षा केंद्र और राजनीती के अखाड़े March 7, 2016 by अमित शर्मा (CA) | Leave a Comment स्कूल और कालेजो को शिक्षा का मंदिर कहाँ जाता हैं। मंदिर इस देश की राजनीती को बहुत भाते हैं फिर चाहे वो इबादत के हो या शिक्षा के। शिक्षा के मंदिरो में राजनैतिक दल जितनी आसानी से घुस जाते हैं उतनी आसानी से तो अवैध बांग्लादेशी भी भारत में नहीं घुस पाते हैं। नेताओ को […] Read more » प्रौढ़ शिक्षा केंद्र प्रौढ़ शिक्षा केंद्र और राजनीती के अखाड़े राजनीती के अखाड़े
लेख समाज साहित्य राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाली रानी जय राजकुमारी March 7, 2016 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment संत और राष्ट्र जागरण जब-जब देश-धर्म की हानि हुई है तब-तब भारत के संत महात्माओं ने भी अपने राष्ट्रधर्म का पालन करते हुए धर्म जागरण और राष्ट्र जागरण करने का पुनीत कार्य करने में अग्रणी भूमिका निभाई है। वैसे भी राष्ट्र में शांति और सुव्यवस्था का सुंदर परिवेश ही व्यक्ति को धर्मशील बनाता है, और […] Read more » Featured Rani Jairajkumari sacrificed for rammandir रानी जय राजकुमारी राम मंदिर के लिए बलिदान देने वाली रानी जय राजकुमारी
कहानी साहित्य एक नंबर March 7, 2016 by विजय कुमार | Leave a Comment छात्रों के लिए एक नंबर का बड़ा महत्व है। कोई एक नंबर से पास हो जाता है, तो कोई फेल। किसी को एक नंबर की महिमा से छात्रवृत्ति मिल जाती है, तो किसी को नौकरी; पर एक नंबर के चक्कर में किसी को पत्नी मिली हो, ऐसी बात शायद आपने नहीं सुनी होगी; पर मेरे […] Read more » एक नंबर
आलोचना साहित्य और भाषण बाज नहीं चाहिए ! March 7, 2016 by कीर्ति दीक्षित | Leave a Comment कीर्ति दीक्षित क्षत विक्षत है भारत भूमि का अंग अंग बाणों से । त्राहि त्राहि का नाद निकलता है असंख्य प्राणों से । । दिनकर साहब की ये पंक्तियाँ आज के परिदृश्य में कितनी सफल होकर उतरती हैं, आज ये भारत भूमि यदि कोई मानवी रूप धारित किये होती तो कितने ही बार प्राण तज दिए […] Read more » और भाषण बाज नहीं चाहिए !