खेत-खलिहान पर्यावरण प्रकृति की अव्यवस्था पर एक नज़र May 5, 2016 by मनोज श्रीवास्तव 'मौन' | 1 Comment on प्रकृति की अव्यवस्था पर एक नज़र पृथ्वी पर कोई भी जीव एकल जीवन व्यतीत नहीं कर सकता है इसलिए मानव और प्रकृति की परस्पर आत्मनिर्भरता एवं सद्भावनाओं को समाप्त करने से हमारा पारिस्थितिकी तंत्र डगमगा रहा है। पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण, वैभव और ऐश्वर्य प्राप्त करने के उतावलेपन और पर्यावरण पर विजय पाने की लालसा ने प्रतिकूल प्रभाव डाला […] Read more » climate change in India Featured nature change प्रकृति की अव्यवस्था
खेत-खलिहान पर्यावरण विविधा मौसमः अच्छी बारिश की बढ़ी उम्मीद April 18, 2016 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव इस बार मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने अच्छी बारिश की उम्मीद जगाई है। यदि यह अनुमान यथार्थ के धरातल पर सटीक बैठता है तो किसानों के चेहरे तो खिलेंगे ही,देश की सकल घरेलू उत्पाद दर भी बढ़ जाएगी। देश के जीडीपी में कृषि का योगदान 15 फीसदी है और खेती-किसानी भी देश का […] Read more » Featured अच्छी बारिश उम्मीद मौसम
खेत-खलिहान महत्वपूर्ण लेख विविधा बुंदेलखंड सहित पूरा यूपी सूखे से बदहाल April 13, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment सूखे के दर्द के बाद मिलेगी भरपूर मानसून की खुशी संजय सक्सेना सूरज से तपती धरती को मानसून जल्द तराबोर कर देगा।मौसम विभाग ने जब से दो साल के बाद अबकी बार पूरे देश में भरपूर वर्षा होने की बात कहीं है तब से देशवासी यही कह रहे है कि भगवान के घर देर हैं […] Read more » Featured बुंदेलखंड
खेत-खलिहान विविधा शख्सियत किसानों की आत्महत्या रोकने का रामबाण उपाय: जीरो बजट आध्यात्मिक कृषि April 5, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment आविष्कारक: कृषि ऋषि श्री सुभाष पालेकर कृषि वैज्ञानिक, किसान और लेखक कृषि ऋषि श्री सुभाष पालेकर एक भारतीय कृषक हैं, जिन्होने जीरो बजट आध्यात्मिक कृषि के बारे में अभ्यास किया है और कई पुस्तकें लिखी है। सुभाष पालेकर का जन्म वर्ष 1949 में भारत में महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बेलोरा नाम के एक छोटे […] Read more » Featured कृषि ऋषि श्री सुभाष पालेकर जीरो बजट आध्यात्मिक कृषि श्री सुभाष पालेकर
खेत-खलिहान शख्सियत समाज आदिवासी किसानो के गुरु जाफर हुसैन April 1, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment शैलेन्द्र सिन्हा हम अपनो किसानो के प्रति आभारी हैं कि वे हमारे देश की खादसुरक्षा के रीढ़ हैं। हमे खाद सुरक्षा से आगे सोचना होगा और अपने किसानो को आय सुरक्षा देनी होगी इसलिए सरकार खेत और खेती के क्षेत्रो मे कार्यवाही की दिशा बदलेगी ताकि 2022 तक किसानो की आमदनी दुगनी हो जाए, कृषि […] Read more » guru of adiwasi farmers guru zafar hussain guru zafar hussain जाफर हुसैन संथाल परगना मे रहने वाले किसान जाफर हुसैन सब्जीवाला किसान
खेत-खलिहान राजनीति दाल के कटोरे से निकला एक सम्मान March 20, 2016 by अनिल द्विवेदी | Leave a Comment अजीब संयोग रहा कि कल जब सारा देश भारत-पाक क्रिकेट मैच में क्रिकेटरों के चौके-छक्कों पर पागल था तब नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के किसान एक नया इतिहास रच रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में दाल के बम्पर उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ को दो करोड़ रूपये के राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से नवाजा […] Read more » छत्तीसगढ़ दाल दाल के कटोरे से निकला एक सम्मान दाल के बम्पर उत्पादन राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार
आर्थिकी खेत-खलिहान विविधा बजट पर किसान परिचर्चा March 4, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment 1-किसानों की व्यथा मैथिली शरण गुप्त ने किसानों की व्यथा इस प्रकार व्यक्त की है- हो जाए अच्छी फसल पर लाभ कृषकों को कहां खाते खवाई बीज ऋण से है रंगे रक्खे जहां 2-बजट से आस बंधी आज भी कुछ ऐसा ही हाल है किसानों का। अगर प्रकृति की नजर टेढ़ी गुई तो फसल बरबाद। […] Read more » Featured बजट बजट पर किसान परिचर्चा
खेत-खलिहान विविधा समाज सार्थक पहल कारसेवा का करिश्मा : निर्मल कालीबेंई January 2, 2016 by अरुण तिवारी | 1 Comment on कारसेवा का करिश्मा : निर्मल कालीबेंई अरुण तिवारी होशियारपुर के धनोआ गांव से निकलकर कपूरथला तक जाती है 160 किमी लंबी कालीबंेई। इसे कालीबेरी भी कहते हैं। कुछ खनिज के चलते काले रंग की होने के कारण ’काली’ कहलाई। इसके किनारे बेरी का दरख्त लगाकर गुरुनानक साहब ने 14 साल, नौ महीने और 13 दिन साधना की। एक बार नदी में […] Read more » Featured कारसेवा का करिश्मा निर्मल कालीबेंई
खेत-खलिहान विविधा सूखा राहत में स्वराज की मांग December 27, 2015 by अरुण तिवारी | Leave a Comment सूखा राहतराज बनाम स्वराज यह बात कई बार दोहराई जा चुकी है कि बाढ़ और सुखाङ अब असामान्य नहीं, सामान्य क्रम है। बादल, कभी भी-कहीं भी बरसने से इंकार कर सकते हैं। बादल, कम समय में ढे़र सारा बरसकर कभी किसी इलाके को डुबो भी सकते हैं। वे चाहें, तो रिमझिम फुवारों से आपको बाहर-भीतर […] Read more » Featured सूखा राहत में स्वराज की मांग
खेत-खलिहान विविधा क्यों चुप रही सरकार ? आखिर क्या था दाल का खेल December 21, 2015 by अरूण पाण्डेय | 1 Comment on क्यों चुप रही सरकार ? आखिर क्या था दाल का खेल अरूण पाण्डेय आखिर दाल का खेल क्या था, हर बार, हर साल एक नयी चीज के दाम बढ जाते है, पहले प्याज सरकारों को खून के आंसू रूलाती रही , उसके बाद चाय से मिठास गायब हो गयी, फिर आलू के दाम आसमान छूने लगे और अब तिलहन रूला रही है। हर साल एक रोजमर्रा […] Read more » Featured दाल का खेल
खेत-खलिहान विविधा कृषि के क्षेत्र में गहराता संकट December 2, 2015 by प्रवक्ता ब्यूरो | 13 Comments on कृषि के क्षेत्र में गहराता संकट आतंकवाद, प्रदूषण, धार्मिक उन्माद, सामाजिक अंतद्र्वंद और महंगाई जैसी समस्याओं के मध्य कृषि प्रधान देश में कृषि की समस्याओं का मुद्दा हमेशा गौण रह जाता हैं। विगत वर्ष देश के अनेक हिस्से सूखाग्रस्त रहे। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो आने वाले समय में भी स्थिति कुछ अच्छी नहीं दिख रही है। भारत में कृषि पूरी […] Read more » Featured कृषि कृषि के क्षेत्र में गहराता संकट
खेत-खलिहान विविधा ऐसे भरेगा दाल का कटोरा November 2, 2015 by उमेश चतुर्वेदी | Leave a Comment उमेश चतुर्वेदी एक साल पहले हर-हर मोदी के नारे के विरोध में उठी आवाजों को दालों की महंगाई ने अरहर मोदी का नारा लगाने का मौका दे दिया है…80-85 रूपए प्रतिकिलो के हिसाब से तीन महीने तक बिकने वाली अरहर की दाल अब 200 का आंकड़ा पार कर चुकी है..दाल की महंगाई का आलम यह […] Read more » Featured भरेगा दाल का कटोरा