राजनीति

अशोक चक्रधर को लेकर हंगामा क्यों बरपा है ?

हिन्दी अकादमी में विवाद गहराने लगा है। वजह बनी है एक ऐसा शक्स, जिस पर आरोप लगायें जा रहे है कि वह गंभीर नहीं है बल्कि हास्यवादी है। जो अपने चिंता और चिंतन को माथे के सिकन की लकीरों में तबदील होने नहीं देता बल्कि अपनी चुटिली अंदाजों से पल में हवा कर देता है। जी हाँ हम बात कर रहे है डाॅ. अशोक चक्रधर जी की।

एक कॉमरेड व्यथा गाथा …

कल मंडीहॉउस में कॉमरेड संतोष से मिला । मुलाकात कब वाद-प्रतिवाद के ऊपर बहस में बदल गई तनिक भी पता न चला । वामपंथ की प्रासंगिकता से शुरू हुए इस बहस के अंत तक पहुँचते -पहुँचते इसकी असलियत पर ही प्रश्न चिन्ह खड़ा हो गया।

भाजपा को संघ से अलग करने में जुटा अमेरिका: राकेश उपाध्याय

सन् 2004 की अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की रिपोर्ट कई मामलों में चैंकाने वाली है। क्या कोई मान सकता है कि भारतीय जनता पार्टी में चल रही वैचारिक कलह के तार इस रिपोर्ट से भी जुड़े हुए हैं। भारतीय जनता पार्टी में आरएसएस और हिंदुत्व विचारधारा के विरोधी विचारक तत्व भले ही इस बात को माने या ना माने लेकिन सच्चाई यही है कि…..

अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा के बीच हो रहा है दो दलीय राजनीति का धुवीकरण

अरुणाचल प्रदेश की राजनीति पिछले कुछ वर्षों से दो दलों के ध्रुवीकरण की ओर बढ रही है और शायद पूर्वोत्तर भारत में यह पहला राज्य है जहां यह ध्रुवीकरण कांग्रेस और भाजपा की बीच हो रहा है। पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में इस प्रकार का ध्रुवीकरण कांग्रेस और वहां के क्षेत्रीय दलों में विद्यमान है।