राजनीति एकता मंचन में भी ‘एकल प्रस्तुति’ July 12, 2017 by अतुल तारे | Leave a Comment अत: कांग्रेस को वह शांति से खामोशी से देख रही है। वह देख रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एकता सम्मेलन में भी कटाक्ष करने से बाज नहीं आए। यही नहीं मंच पर बैठे सभी को अगला मुख्यमंत्री बताकर और खुद को रेस से बाहर कर वे इस आंतरिक संघर्ष को और हवा दे गए। लिखना प्रासंगिक होगा कि मध्यप्रदेश के चुनाव के संदर्भ में दिग्विजय सिंह महत्वपूर्ण कारक फिर होने वाले हैं। जनता की निगाह में वे पहले से ही खारिज हैं। कांग्रेस भी उनसे कहीं-कहीं किनारा करती है पर यह भी एक सच है कि उनके बगैर कांग्रेस का पार लगना भी मुश्किल है। Read more » Featured एकता सम्मेलन कांग्रेस की राजनीति पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह लहार सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया
राजनीति बर्बाद गुलिस्तां करने को बस एक ही ‘राहुल’ काफी है July 12, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  अवधूत दत्तात्रेय हर क्षण किसी से ज्ञान प्राप्त करने के लिए तत्पर रहा करते थे। वह पशु-पक्षियों एवं कीट पतंगों की गतिविधियों को बड़े ध्यान से देखा करते और विवेचना कर उनसे शिक्षा प्राप्त किया करते थे। दत्तात्रेय अक्सर कहा करते थे कि ”जिनसे मैं कोई भी शिक्षा लेता हूं वे […] Read more » Featured राजनीति राष्ट्रनीति राहुल
राजनीति नारी शक्ति और ममता बैनर्जी July 12, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment -''महिलाओं की स्थिति देखने के लिए दक्षिण एशिया के सोनागाछी घूमकर आइये जो कि यहां का सबसे बड़ा वेश्यालय है। कालीघाट, बहूबाजार, खिदिरपुर और लेबूतल्ला के वेश्यालय घूमकर आइये। महिलाएं किस प्रकार नारकीय परिवेश में यौनदासी का जीवन जीने को बाध्य हैं, देखकर आइये। किस तरह लड़कियों की तस्करी हो रही है, उनकी प्रतिदिन कोठे में बिक्री हो रही है, देखकर आइये। लड़कियां केवल दुष्कर्म की ही नहीं, सामूहिक दुष्कर्म की भी शिकार हो रही हैं। गली सडक़ों में उनका यौन उत्पीडऩ दिन-प्रतिदिन हो रहा है। घर में भी पति ससुराल वालों के किस प्रकार अत्याचार सह रही हैं-देखकर आइये। अत्याचार सहन नहीं करने पर आत्महत्या करने के लिए बाध्य हो रही हैं। Read more » Featured Mamata Banerjee तुष्टिकरण नारी शक्ति पश्चिमी बंगाल ममता बैनर्जी
राजनीति राजनीति में एक ‘नचकैंया भालू’ July 11, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य भारत लोकतंत्र की जन्मस्थली है। आज का ब्रिटेन और अमेरीका तो भारत के लोकतंत्र की परछाईं मात्र भी नहीं है। हमारे ‘शतपथ ब्राह्मणादि ग्रंथों’ में राजनीतिशास्त्रियों के लिए कई बातें अनुकरणीय रूप से उपलब्ध हैं। ‘शतपथ ब्राह्मण’ में राजकीय परिवार के लोगों के राजनीतिक अनुभवों से देश को लाभान्वित करने के उद्देश्य […] Read more » Featured भारत राजनीति लालू लोकतंत्र
राजनीति मुसीबत में लालू कुनबा July 11, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और रेल मंत्री रहे लालूप्रसाद यादव एक बार फिर सीबीआई के शिकंजे में हैं। लालू जब चारा घोटाले के मामले में अदालत में पेशी की तैयारी में थे, तभी उनके पटना स्थित आवास समेत 12 स्थलों पर सीबीआई के दस्तों ने दस्तक दी। यह छापामारी एक नए मामले में […] Read more » CBI Featured Lalu family लालू कुनबा
राजनीति कैसे हो सशक्त भारत का निर्माण July 11, 2017 by विनोद कुमार सर्वोदय | Leave a Comment पाकिस्तान को मोस्ट फेवरेट नेशन (MFN) न माना जाय और समझौता एक्सप्रेस, दिल्ली-लाहौर बस सेवा व अन्य जितने भी भारत-पाक यात्रा के रेल व सड़क मार्ग है सभी को प्रतिबंधित कर दिया जाना चाहिये। सांस्कृतिक, फ़िल्मी व खेल आदि के नाम पर आये हुए सभी पाकिस्तानियों को निसंकोच देश से निकाला जाये और भविष्य के लिए इस पर भी प्रतिबंध लगें। भारत की सम्पूर्ण सीमाओं पर घुसपैठियों व आतंकियों को रोकने के प्रभावी उपाय किये जाए। सीमा क्षेत्रों में अवैध मस्ज़िद व मदरसो पर न्यायायिक कार्यवाही करके उनको ध्वस्त किया जाये। देश में सरकार द्वारा घोषित 90 मुस्लिम बहुल जिलों में ही पिछले 30 वर्षो के पुलिस व गुप्तचर विभागों के अभिलेखों का ब्यौरा (रिकार्ड्स) देखें तो उसमें नकली करेंसी, अवैध हथियार, नशीले पदार्थ व अन्य देशद्रोही घटनाओं में लिप्त पाये जाने वाले अपराधी अधिकाँश मुसलमान ही मिलेंगे। Read more » Featured अमरीका ऐवटाबाद भारत का निर्माण सशक्त भारत सशक्त भारत का निर्माण
राजनीति राष्ट्रपति के बजाय ‘राष्ट्राध्यक्ष’ हों राष्ट्र के प्रमुख July 11, 2017 by मनोज ज्वाला | 1 Comment on राष्ट्रपति के बजाय ‘राष्ट्राध्यक्ष’ हों राष्ट्र के प्रमुख मनोज ज्वाला भारतीय भाषाओं में ‘पति’ और ‘अध्यक्ष’ दो भिन्नार्थी शब्द हैं, समानार्थी तो कतई नहीं हैं । जबकि , अंग्रेजी का ‘प्रेसिडेण्ट’ शब्द भी पति का अर्थ प्रकट नहीं करता है , बल्कि इसका हिन्दी-अनुवाद है- ‘अध्यक्ष’ । किन्तु ‘राष्ट्राध्यक्ष’ अर्थात ‘प्रेसिडेण्ट आफ नेशन’ के लिए हिन्दी में इसे तभी से ‘राष्ट्रपति’ कहा जाने […] Read more » ‘राष्ट्राध्यक्ष’ Featured राष्ट्र के प्रमुख राष्ट्रपति
राजनीति निर्णायक कदम का लंबा इंतजार July 10, 2017 by प्रवक्ता ब्यूरो | Leave a Comment चीनी सामान के उपयोग पर पाबंदी का संकल्प तो हम स्वयं कर ही सकते हैं, लेकिन इसके आयात पर पूर्ण प्रतिबंध तो सरकार को ही लगाना होगा । जहाॅं तक पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों की बात है, भारत सरकार को केवल पाकिस्तान से समर्थन पा रहे आतंकवादियों के हमलों पर जवाबी हमले तक सिमटकर अपने फर्ज की इतिश्री नहीं मान लेनी चाहिए, बल्कि आगे रहकर ऐसी कठोर कार्रवाई करनी चाहिए जिससे वह दोबारा दुस्साहस न कर सके । Read more » China Featured pakistan निर्णायक कदम
राजनीति उपराष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार का दांव July 10, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी राजनीति में कब क्या हो जाए कुछ नहीं कहा जा सकता। विशेषकर बिहार की राजनीति के बारे में तो कहने ही क्या? वहां आज जो हो रहा है, हो सकता है भविष्य में वह नहीं हो। सिद्धांतों को ताक पर रखकर की जा रही ऐसी राजनीति के द्वारा हम देश को किस दिशा […] Read more » Featured उपराष्ट्रपति के चुनाव बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीरा कुमार राजग का समर्थन रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति चुनाव लालू प्रसाद यादव
राजनीति मोदी का ‘स्वच्छता अभियान’ और इजराइल July 10, 2017 by राकेश कुमार आर्य | Leave a Comment राकेश कुमार आर्य  आज से लगभग सवा पांच हजार वर्ष पूर्व भारत में महाभारत हुआ था और यहीं से भारत ‘गारत’ होने लगा था। यही वह बिन्दु है जिसके पश्चात विश्व के अन्य देशों की उल्टी-सीधी सभ्यताओं ने सांस लेना आरंभ किया। यही कारण है कि विश्व के अधिकांश तथाकथित विद्वान इस विश्व की […] Read more » Featured Israel Modi Modi and Israel इजराइल मोदी का 'स्वच्छता अभियान'
राजनीति संवैधानिक मर्यादा लांघती ममता की राजनीति July 9, 2017 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment सुरेश हिन्दुस्थानी वर्तमान में पश्चिम बंगाल के जो हालात हैं, वह किसी से छिपे नहीं हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि बंगाल में हिंसा को लेकर राज्य की सरकार द्वारा पक्षपाती राजनीति की जा रही है। सरकार का संचालन करने वाली ममता बनर्जी जहां अप्रत्यक्ष रुप से केन्द्र सरकार को आड़े हाथ ले रही […] Read more » Featured ममता की राजनीति संवैधानिक मर्यादा
आर्थिकी चुनाव राजनीति राजनीतिक चंदे के लिए निर्वाचन बाॅन्ड का औचित्य July 8, 2017 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment एक मोटे अनुमान के अनुसार देश के लोकसभा और विधानसभा चुनावों पर 50 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होते हैं। इस खर्च में बड़ी धनराशि कालाधन और आवारा पूंजी होती है। जो औद्योगिक घरानों और बड़े व्यापारियों से ली जाती है। आर्थिक उदारवाद के बाद यह बीमारी सभी दलों में पनपी है। इस कारण दलों में जनभागीदारी निरंतर घट रही है। अब किसी भी दल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को पार्टी का सदस्य नहीं बनाती हैं। मसलन काॅरपोरेट फंडिंग ने ग्रास रूट फंडिंग का काम खत्म कर दिया है। इस कारण अब तक सभी दलों की कोशिश रही है कि चंदे में अपारदर्शिता बनी रहे। Read more » Featured political donation जीएसटी निर्वाचन बाॅन्ड निर्वाचन बाॅन्ड का औचित्य नोटबंदी बेनामी संपत्ति पर अंकुश