Category: राजनीति

राजनीति

मोदी और अमित शाह के बाद अब योगी आदित्यनाथ सबसे ताकतवर !

| Leave a Comment

जीवन भर मुसलमानों के खिलाफ आग उगलनेवाले योगी आदित्यनाथ मुखिया ने शपथ ले ली है और अब वे यूपी के मुखिया हैं। उत्तर प्रदेश के 325 विधायकों ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने उनका चयन किया। उन्होंने चयन इसलिए किया, क्योंकि उनको उन्हीं के मुताबिक मुख्यमंत्री की तलाश थी। यूपी में 18 फीसदी मुसलमान हैं और हमारे हिंदुस्तान के इस सबसे बड़े प्रदेश की सरकार चलाने के लिए योगी के इस चयन से संकेत साफ हैं कि मोदी और शाह राजनीति को उसके परंपरागत और सहज स्वरूप में आजमाने के मुरीद नहीं हैं।

Read more »

राजनीति

वजूद के संकट में मायावती

| Leave a Comment

मायावती ने मूर्तियों के माध्यम से दैवीय प्रतीक गढ़ने की जो कवायद की, हकीकत में ऐसी कोशिशें ही आज तक हरिजन, आदिवासी और दलितों को कमजोर बनाए रखती चली आई हैं। उद्यानों पर खर्च की गई धन राशि को यदि बंुदेलखण्ड की गरीबी दूर करने अथवा दलितों के लिए ही उत्कृष्ठ विद्यालय व अस्पताल खोलने में खर्च की गई होती तो एक तरफ खेती-किसानी की माली हालत निखरती और दूसरी तरफ वंचितों को निशुल्क शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाएं मिलती। किंतु मायावती की अब तक की कार्य संस्कृति में मानक व आदर्श उपायों और नई दृष्टि का सर्वथा अभाव रहा।

Read more »

राजनीति

गलती कांग्रेस की, ठीकरा राज्यपाल पर

| Leave a Comment

भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद महात्मा गांधी ने कहा था कि देश को अब कांग्रेस की आवश्यकता नहीं है। इसलिए कांग्रेस को समाप्त कर देना चाहिए। पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर नजर डाली जाए तो यही परिलक्षित होता दिखाई देता है कि देश की जनता ने महात्मा गांधी की बात पर अमल करना प्रारंभ कर दिया है। क्योंकि इन पांच राज्यों में से चार राज्यों में भाजपा की सरकार बन चुकी है या बनने वाली है। वर्तमान में पूरा देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कांग्रेस मुक्त भारत बनाने के सपने को साकार करने के लिए अपने कदम बढ़ाता हुआ दिखाई दे रहा है।

Read more »

राजनीति

बिगड़ैल आज़म खान की सरकारी अकड़

| Leave a Comment

वैसे उनकी मानसिकता को समझने के लिए 8 फरवरी 2012 को पिछले चुनावों की गोरखपुर में हुई एक सभा में मुसलमानों को भड़काते हुए उन्होंने जो कहा था वह पर्याप्त है कि "बदलाव लाओ और सपा सरकार के गुजरे उस कार्यकाल (2002 से 2007) को याद करो जब थाने के लोग "दाढ़ी" पर हाथ धरने से डरते थे"।( दैनिक जागरण 08.02.2012)। आज़म खान प्रदेश में दादागिरी दिखाते हुए मुसलमानों को भी दबंग बने रहने के लिए कहते थे। वे अधिकारियों के लिए उनसे कहते थे कि "अधिकारी न आपके रिश्तेदार है और न मेरे, आप चाबुक हाथ मे रखिये वह सब सुनेंगे "।( दैनिक जागरण 31.01.2013) ।

Read more »