राजनीति भारत को असली ख़तरा आतंकवादियों से नहीं उनके मददगारों से है November 2, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | 6 Comments on भारत को असली ख़तरा आतंकवादियों से नहीं उनके मददगारों से है जेल में कैदियों की क्षमता से अधिक संख्या अव्यवस्था को जन्म देती है जिस कारण जेल के भीतर ही कैदियों का एक दूसरे से संघर्ष या फिर जेल के गार्डों पर हमला कर देने की घटनाएं होती रहती हैं। यह भी सत्य है कि कैदियों को जेल के भीतर ही मोबाइल, नशीले पदार्थ व अन्य "सुविधाएं" जेल अधिकारियों की सहायता के बिना उपलब्ध नहीं हो सकती। लेकिन ये कैदी आम नहीं थे क्योंकि यह सभी एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन से ताल्लुक रखते थे और इनमें से तीन इससे पहले भी जेल से फरार हो चुके थे , इस सब के बावजूद इनका फिर जेल से भागने में सफल होना जेल प्रशासन की लापरवाही दर्शाता है Read more » Featured india is unsafe with terrorists helpers आतंकवादि प्रतिबंधित संगठन सिमी भारत मददगार सिमी आतंकवादि
राजनीति नागरिकता कानून में संशोधन को लेकर हायतौबा… November 1, 2016 by वीरेंदर परिहार | Leave a Comment निस्संदेह यदि हिंदुओं के अलावा कोई मुसलमान या ईसाई भी सच्चे अर्थों में अत्याचार और अन्याय के चलते देश में आता है, तो उसे भी यहां रहने का हक है। लेकिन प्रख्यात बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन जब भारत में शरण लेती हैं, तो इन्हीं तथाकथित धर्मनिरपेक्ष तत्वों को यह भी बर्दाश्त नहीं हुआ था। Read more » Featured uniform civil code नागरिकता कानून में संशोधन
राजनीति इस तिलिस्म के रचनाकार ख़ुद मुलायम ही तो नहीं! November 1, 2016 by प्रवक्ता ब्यूरो | 1 Comment on इस तिलिस्म के रचनाकार ख़ुद मुलायम ही तो नहीं! उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी सियासी पार्टी सपा इन दिनों अन्र्तकलह से जूझ रही है। पहली नज़र में तो प्रतीत हो रहा है कि जैसे मुलायम सिंह यादव अपने ही बनाये हुए चक्रव्यूह में फंस गये हैं मगर परदे के पीछे किसी बड़ी शतरंज की चाल होने से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। धरतीपुत्र […] Read more » Featured मुलायम
राजनीति कश्मीर घाटी में आतंकी संगठनों की नई रणनीति November 1, 2016 / November 1, 2016 by डॉ. कुलदीप चन्द अग्निहोत्री | Leave a Comment लेकिन महबूबा मुफ़्ती ने आतंकियों के राजनैतिक दबाब और आतंक के भय में आने से इन्कार कर दिया । उन्होंने स्पष्ट कहा कि आतंकी और उनके समर्थक अपने बच्चों को तो बाक़ी प्रदेशों में पढ़ने के लिए भेज रहे हैं और ग़रीब के बच्चों को आगे करके उनका दोहन कर रहे हैं । सैयद अहमद शाह गिलानी की पोती के हाथ में पोथी और लाल चौक में ज़मीन पर बैठ कर सब्ज़ी बेचने वाले के बेटे के हाथ में पत्थर । Read more » Featured आतंकी संगठनों की नई रणनीति कश्मीर घाटी
राजनीति माया ‘मोह’ में सपा का मुस्लिम वोटर October 28, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment 2007 के विधान सभा में बड़ी तादात में मुस्लिम वोटर बसपा का दामन थाम चुके हैं, जिसके बल पर मायावती सत्ता की दहलीज चढ़ने में सफल रहीं थीं। इसी बार भी मायावती मुस्लिमों को लुभाने के लिये सभी तरह के दांवपेंच चल रही है। इसी लिये जैसे ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महोबा की रैली में तीन तलाक को मुस्लिम महिलाओं के हितों के खिलाफ बताया मायावती ने प्रेस रिलीज जारी कर तीन तलाक का विरोध शुरू कर दिया। Read more » माया ‘मोह’ मुस्लिम वोटर सपा
राजनीति समाजवादी पार्टी में भाई-भाई का विरासत संघर्ष October 28, 2016 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment मार्च सन् 2012 में मुख्यमंत्री बनने पर अखिलेश यादव शुरू में साधना गुप्ता को कतई घास नहीं डालते थे। इससे मुलायम नाराज़ हो गए और अखिलेश को झुकना पड़ा। इस तरह साधना गुप्ता ने मुलायम के ज़रिए मुख्यमंत्री पर शिकंजा कस दिया और अपने चहेते अफ़सरों को मन पसंद पोस्टिंग दिलाने लगीं। ‘द संडे गार्डियन’ ने सितंबर 2012 में साधना गुप्ता की सिफारिश पर मलाईदार पोस्टिंग पाने वाले अधिकारियों की पूरी फेहरिस्त छाप दी, तब साधना गुप्ता पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आईं। Read more » Featured भाई-भाई का विरासत संघर्ष समाजवादी पार्टी
राजनीति सपा का नाटक और मुलायम की रणनीति October 28, 2016 by सुरेश हिन्दुस्थानी | Leave a Comment समाजवादी पार्टी की कमजोरी इस बात से भी परिलक्षित हो रही है कि उसके मुखिया मुलायम सिंह यादव सपा को पुन: सत्ता दिलाने के लिए राजनीतिक वैसाखी की तलाश में जुट गए हैं। बिहार की तर्ज पर उत्तरप्रदेश में भी महागठबंधन बनाने की तैयारी सपा की ओर से की जा रही है। भविष्य में सपा अपनी इस रणनीति में कितना सफल हो पाएगी, यह नहीं कहा जा सकता Read more » Featured मुलायम की रणनीति सपा का नाटक
राजनीति यादवी युद्ध में उत्तर प्रदेश October 27, 2016 by संजय द्विवेदी | Leave a Comment मुलायम सिंह यादव उप्र के एकमात्र ऐसे नेता हैं, जिन्हें उत्तर प्रदेश का मन, मिजाज और तेवर पता हैं। वे हर विधानसभा क्षेत्र के चरित्र और उसके स्वभाव को जानते हैं। कल्याण सिंह भी लगभग ऐसी ही जानकारियों से लैस राजनेता हैं, किंतु वे राजस्थान के राजभवन में बिठा दिए गए हैं। ऐसे में मुलायम सिंह इस घटनाचक्र के अगर प्रायोजक न भी हों तो भी उनकी इच्छा के विरूद्ध यह हो रहा है, कहना कठिन है। मुलायम सिंह यादव ने जिस तरह अपने ‘बेचारे’ कहे जा रहे बेटे को यह कहकर ताकत दी है कि “शिवपाल को मंत्री बनाने का मामला अखिलेश पर छोड़ता हूं” उसके बहुत बड़े संदेश हैं। Read more » Featured अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश यादवी युद्ध
राजनीति समाजिक समरसता और हमारा अनुसूचितजाति समाज October 27, 2016 by मयंक चतुर्वेदी | Leave a Comment '' अनुसूचित जाति उन्हीं बहादुर ब्राह्मण व क्षत्रियों के वंशज हैं, जिन्होंने जाति से बाहर होना स्वीकार किया, लेकिन मुगलों के जबरन धर्म परिवर्तन को स्वीकार नहीं किया। आज के हिंदू समाज को उनका शुक्रगुजार होना चाहिए, उन्हें कोटिश: प्रणाम करना चाहिए, क्योंकि उन लोगों ने हिंदू के भगवा ध्वज को कभी झुकने नहीं दिया, भले ही स्वयं अपमान व दमन झेला।'' Read more » Featured अनुसूचितजाति समाज समरसता समाजिक समरसता
राजनीति चाचा-भतीजे में पार्टी और सत्ता के वर्चस्व की जंग October 27, 2016 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश सूबे के सबसे बडे राजनैतिक परिवार में सत्ता घमासान चल रहा है। लगातार कई दिनों से मीटिंग पर मीटिंग हो रही हैं फिर भी अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है। झगडा यादव कुनबे का है इसलिए पार्टी का कोई भी सदस्य खुलकर नहीं बोल रहा है। जो […] Read more » Featured unquiet in samajwadi party चाचा-भतीजे सत्ता सत्ता के वर्चस्व की जंग
राजनीति उप्र में राहुल के मिशन को तगड़ा झटका ? October 25, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment अगर कांग्रेसी नेता रीता बहुगुणा जोशी पर अवसरवादिता का आरोप लगा रहे हैं तो यह गलत भी नहीं हैं। उनका राजनैतिक सफर 1991 से शुरू होता है जब वह सपा से सुल्तानपुर लोकसभा चुनाव लडी और पराजित हुई। इसके बाद 1995 से 2000 तक इलाहाबाद की मेयर रहीं। 2003 से अखिल भारतीय कांग्रेस की महिला अध्यक्ष रहीं। 2007 में इलाहाबाद से कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव हारीं। Read more » Featured उप्र खाट सभा राहुल के मिशन को तगड़ा झटका ?
राजनीति समाजवादी पार्टी अपने इस संकट के लिए अभिशप्त है October 25, 2016 by जावेद अनीस | Leave a Comment अनुभवी मुलायम सिंह यादव इस बात को समझते हैं कि अगला विधानसभा चुनाव अखिलेश के चेहरे के सहारे ही लड़ा जा सकता है लेकिन उन्हें यह भी पता है कि अकेले यही काफी नहीं होगा. इसके लिए शिवपाल की सांगठनिक पकड़ और अमर सिंह के “नेटवर्क” की जरूरत भी पड़ेगी. इसलिये चुनाव से ठीक पहले मुलायम का पूरा जोर बैलेंस बनाने पर है. लेकिन संकट इससे कहीं बड़ा है और बात चुनाव में हार-जीत के गुणा-भाग से आगे बढ़ चुकी है. अब मामला पार्टी और इसके संभावित वारिसों के आस्तित्व का बन चूका है. Read more » समाजवादी पार्टी समाजवादी पार्टी की कलह पारिवारिक