राजनीति एक पाती अखिलेश बचवा के नाम October 25, 2016 by विपिन किशोर सिन्हा | Leave a Comment बेटा तुममें एक छोड़कर कवनो कमी नहीं है। तुम आदमी पहचानने में थोड़ा ज्यादा टैम लेते हो। तुम्हारे पिता के केन्द्र में जाने के बाद तुम्हारा चाचा, अरे वही शिवपलवा, अपने को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी का असली अधिकारी मानता था। वह बन भी जाता कि बीच में तुम टपक पड़े। उस समय मुलायम भी तुमको एक आज्ञाकारी पुत्र के रूप में जानते थे। लेकिन इसमें कोई सन्देह नहीं कि शिवपलवा पहले ही दिन से तुमपर घात लगाए था। Read more » Featured एक पाती अखिलेश बचवा के नाम
राजनीति बीसीसीआई के गले में सुप्रीम कोर्ट की घंटी October 25, 2016 by जावेद अनीस | Leave a Comment हमारे देश में इस खेल के सबसे ज्यादा दर्शक हैं और यही बात इस खेल को कण्ट्रोल करने वाली संस्था बीसीसीआई को दुनिया का सबसे अमीर बोर्ड बना देती है. यहाँ बहुत सारा पैसा है और इसके साथ राजनीति भी. देश के ज्यादातर राजनीतिक दलों के प्रमुख नेता बीसीसीआई और राज्यों के बोर्डों पर काबिज है. उनके बीच काफी सौहार्द है और वे एक दुसरे की मदद करते हुए नजर आते हैं. यह ऐसे लोग है जिनका सीधे तौर पर क्रिकेट से कोई वास्ता नहीं है. लेकिन भले ही वे क्रिकेट की बारीकियों को ना समझते हों पर इसे नियंत्रण करना बखूबी जानते हैं. अनुराग ठाकुर,शरद पवार,अमित शाह,राजीव शुक्ला,ज्योतिरादित्य सिंधिया फारुख़ अब्दुल्ला जैसे नेता इस देश की राजनीति के साथ-साथ यहाँ के सबसे लोकप्रिय खेल क्रिकेट को भी चलते हैं . Read more » BCCI Featured जस्टिस मुद्गल बीसीसीआई श्रीनिवासन की टीम चेन्नई सुपर किंग्स सुप्रीम कोर्ट स्पॉट फिक्सिंग
राजनीति समाजवादी पार्टी की कलह पारिवारिक या राजनैतिक October 24, 2016 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment उप्र की राजनीति इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है । सत्ता की कुर्सी पर अखिलेश हैं लेकिन चाबी मुलायम सिंह के पास है। यह सत्ता की लड़ाई तो है ही पर विचारों की लड़ाई भी है । जहाँ एक तरफ अखिलेश को अपने काम और विकास पर पूरा भरोसा है […] Read more » dispute in akhilesh and Mulayam dispute in samajwadi party Featured अराजक राजनैतिक आचरण समाजवादी पार्टी की कलह समाजवादी पार्टी की कलह पारिवारिक
राजनीति न विचार न सिद्धांत: केवल सत्ता महान? October 24, 2016 by तारकेश कुमार ओझा | Leave a Comment हालांकि हमारे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में नेताओं को इस बात की आज़ादी है कि वे अपनी सुविधा अथवा राजनैतिक नफे-नुकसान के मद्देनज़र जब चाहें तब दल-बदल कर सकते हैं। परंतु जब देश में सिद्धांत आधारित राजनैतिक संगठन मौजूद हों और इन संगठनों से जुड़े लोग मात्र सत्ता के लोभ में दल-बदल करते दिखाई दें तो यह प्रश्र उठना स्वाभाविक है कि कल तक अपनी धर्मनिरपेक्षता की डुगडुगी बजाने वाला नेता आज आिखर उस दल में कैसे शामिल हो गया जिसे वही नेता स्वयं सांप्रदायिकतावादी संगठन कह कर संबोधित करता था? Read more » Featured न विचार न सिद्धांत सत्ता
राजनीति नेताजी के कुनबे में राजनीतिक भूचाल? October 24, 2016 / October 24, 2016 by अवनीश सिंह भदौरिया | Leave a Comment चाचा-भतीजे की लड़ाई में विपछी पार्टियां खूल चुटकियां ले रही हैं वहीं कुछ दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि मुलायम सिंह अपने कुनबे को तो सभाल नहीं पा रहे हैं तो यूपी क्या सभालेंगे। वे यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि पैर उतने ही पसारने चाहिए कि जितनी बड़ी चादर हो वरना ढंड लग जाएगी। Read more » Featured मुखिया मुलायम सिंह यादव राजनीतिक भूचाल शिवपाल शिवपाल सिंह यादव सपा समाजवादी पार्टी
राजनीति नवाज शरीफ ने भी दी भारत को हजार ज़ख्म देने के पुराने प्लान को फिर से हरी झंडी October 24, 2016 by ओंकारेश्वर पांडेय | Leave a Comment पाकिस्तान ने परंपरागत युद्ध में भारत को हराने की उम्मीद छोड़ दी है। अभी तक जिन जिहादियों के सहारे वह लड़ाई लड़ रहा था, वह अ ब अंतरराष्ट्रीय निगाहों में आ गया है और साथ साथ उस दुधारी तलवार ने पाकिस्तान को भी प्रभा वितकरना शुरू कर दिया है। अब पा किस्तान की आखिरी बड़ी उम्मीद भा रत के अंदर दरारें पैदा करने की है, जिससे वह भारत को धक्का पहुं चा सकता है । Read more » Featured नवाज शरीफ पाकिस्तान की नयी साजिश सर्जिकल स्ट्राइक
राजनीति सपा संघर्ष, न थमने वाला एक सिलसिला October 24, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment अब देखना यह है कि अखिलेश ‘शहीद’ होकर निकलेंगे या फिर स्वयं सपा से किनारा कर लेंगे। आज की तारीख में जनता अखिलेश की बातों पर मुलायम से अधिक विश्वास कर रही है। मुलायम द्वारा बुलाई गई बैठक का सबसे दुखद पहलू यह रहा की कहीं न कहीं मुलायम और उनकी पार्टी मुसलमानोें के नाम पर एक्सपोज होते भी दिखी। 2003 में बीजेपी के एक बड़े नेता के यहां अमर सिंह की मदद से मुलायम सरकार बनाने के लिये रणनीति बनाई गई थी, इस बात की गंूज सत्ता के गलियारों मेे दूर तक सुनने को मिलेगी। बीएसपी जो मुस्लिम वोट बैंक अपने पाले में करने को लेकर हाथ-पैर मार रही हैं। वह इस बात का पूरा फायदा उठाना चाहेगी। Read more » Featured सपा संघर्ष
राजनीति सपाः ‘बेटाजी’ जी सामने बौने पड़े नेताजी October 22, 2016 / October 22, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment पार्टी के भीतर की इस रस्साकसी से सबसे अधिक भ्रम में पार्टी के छोटे नेता ओर कार्यकर्ता हैं। उनके लिए तय करना मुश्किल हो रहा है कि वह किस पाले में बैठें। कल तक भले ही सपा में मुलायम की ही चलती रहती हो,लेकिन अब ऐसा नही है। इस समय सपा की सियासत कई कोणों में बंटी हुई नजर आ रही है। जानकारों का कहना है कि कुनबे की रार का मुकम्मल रास्ता न निकलते देख अखिलेश ने आगे बढ़ने का फैसला किया है,जो समय के हिसाब से लाजिमी भी है। अब इसमें वह कितना आगे जायेंगे यह देखने वाली बात होगी। Read more » ‘बेटाजी’ जी Featured नेताजी शिवपाल यादव सपा समाजवादी पार्टी
राजनीति कांग्रेस में बगावत, प्रशांत पर उठते सवाल October 22, 2016 by संजय सक्सेना | Leave a Comment रीता के बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करते ही बहुगुणा खानदान की गद्दारी के किस्से कांगे्रसियों की जुबान पर आ गये हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ओर रीता बहुगुणा के पिता हेमवती नंदन बहुगुणा,भाई और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा को लेकर रीता पर उंगलिया उठाई जाने लगी। 9 विधायकों के कांग्रेसछोड़ने के बाद कांग्रेसकी हैसियत 28 से 19 विधायकों पर आकर सिमट गई है। Read more » Featured कांग्रेस में बगावत प्रशांत पर उठते सवाल
राजनीति हिंदुत्व नहीं, थोक वोट पर बहस की जाए October 22, 2016 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment क्या हिंदुत्व को धर्म माना जा सकता है? वास्तव में हिंदुत्व न तो धर्म के वास्तविक हिसाब से धर्म है और न ही सांप्रदायिक अर्थ में धर्म है। यह शब्द ही अपने आप में एक पहेली है। हिंदू लोग जिन्हें अपने पवित्र धर्मग्रंथ मानते हैं, उनमें हिंदू शब्द का कहीं उल्लेख भर भी नहीं है। न वेदों में, न दर्शनों में, न उपनिषदों में, न गीता में! उल्लेख कहां से होता? Read more » Featured थोक वोट हिंदुत्व
राजनीति रामायण संग्रहालय का सराहनीय फैसला October 22, 2016 by लोकेन्द्र सिंह राजपूत | Leave a Comment सरकार के इस निर्णय में राजनीति देख रहे महानुभावों और राजनीतिक दलों को समझना चाहिए कि 'रामायण सर्किट' बनाने पर केन्द्र सरकार काफी पहले से विचार कर रही थी। रामलीला संग्रहालय उसी रामायण सर्किट का ही हिस्सा है। अक्षरधाम की तर्ज पर रामलीला संग्रहालय की घोषणा भी अभी नहीं की है, बल्कि पिछले साल जून में सरकार ने इसकी घोषणा की थी। Read more » Featured रामायण संग्रहालय
राजनीति परिवर्तन यात्रा के सहारे भाजपा क्या कर पायेगी परिवर्तन? October 22, 2016 by मृत्युंजय दीक्षित | Leave a Comment राजनैतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि प्रदेश के मुसलमानों के बीच समाजवादी सरकार व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लोकप्रियता कायम है। यदि सभी दल पूरी ताकत के साथ चुनाव लड़ते हैं तथा किन्ही न किन्ही कारणों से धर्मनिरपेक्ष दलों के मतों का बिखराव होता है तब उसका लाभ भाजपा को ही मिल सकता है। कारणसाफ है कि यूपी की 45 प्रतिशत से अधिक आबादी को केंद्र सरकार व पीएम मोदी पर अभी भी भरोसा व उम्मीद कायम है। Read more » परिवर्तन यात्रा भाजपा पायेगी परिवर्तन?