राजनीति पुरानी दुश्मनी का बदला October 3, 2011 / December 5, 2011 by ललित कुमार कुचालिया | Leave a Comment उत्तर प्रदेश में पार्टी से नेताओ का निकाले जाने का सिलसिला लगातार बना हुआ है….. आये दिन कोई न कोई नेता बीएसपी पार्टी से निलंबित किया जा रहा है….. कोई हत्या के प्रकरण में शामिल है, तो कोई विवादों कों लेकर अपनी लोकप्रियता बटौर रहा है…. लेकिन इस बार मामला है उ. प्र. के मेरठ […] Read more »
राजनीति अफसरान को उपकृत करने का औचित्य October 1, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे तीस से चालीस बरस सरकार की सेवा करने के बाद सेवानिवृत हो जाते हैं सरकारी कर्मचारी। इसके बाद भी इनका मन नहीं भरता। आम क्लर्क या निचले दर्जे के कर्मचारी तो सेवानिवृत्ति के उपरांत भगवान में ध्यान रमाने लगते हैं पर आला अधिकारियों का सुविधाओं का मोह समाप्त नहीं होता है। सेवानिवृति के […] Read more »
राजनीति हाजी याक़ूब: बड़े बेआबरू होकर तेरे कूचे से हम निकले! October 1, 2011 / December 6, 2011 by इक़बाल हिंदुस्तानी | Leave a Comment ऐसे लोग सियासत में अपना कारोबार करने आते हैं! -इक़बाल हिंदुस्तानी पूर्व मंत्री और मेरठ शहर से विधायक हाजी याकूब कुरैशी को सिखों के खिलाफ घटिया टिप्पणी करने पर आखि़रकार बसपा से बाहर का रास्ता दिखाकर बहनजी ने उनको उनकी औकात बता ही दी। अपने विवादित बयानों और हरकतों के लिये पहले ही बदनाम हाजी […] Read more » हाजी याक़ूब
राजनीति चिटठी की चपेट में चिदंबरम October 1, 2011 / October 1, 2011 by प्रमोद भार्गव | Leave a Comment प्रमोद भार्गव बहुमूल्य तरंगों ;2 जी स्पेक्टमद्ध के आवंटन से जुड़ी चिटठी की चपेट में पी चिदंबरम भी आ गए हैं। चिटठी के जरिए होने वाले रहस्योदघाटन से यह कहावत चरितार्थ हुर्इ है कि कभी-कभी हाथी पर बैठे होने के बावजूद कुत्ता काट खाता है। हालांकि सोनिया और मनमोहन समेत लगभग पूरी कांग्रेस चिंदबरम के […] Read more » चिदंबरम
राजनीति प्रधानमंत्री पद के लिए बिछती शतरंजी बिसातें September 28, 2011 / December 6, 2011 by निर्मल रानी | Leave a Comment निर्मल रानी अगले लोकसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए सभी राजनैतिक दल मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के तरह-तरह के फार्मूले तलाश करने लगे हैं। कहीं लोकहितकारी उपाय अपनाए जा रहे हैं तो कहीं केवल लोकलुभावन उपायों से ही काम चलाने की कोशिश की जा रही है। कहीं विकास कार्य कराए जा रहे हैं […] Read more » Lal krishn Advani Narendra Modi नरेन्द्र मोदी नितीश कुमार राहुल गांधी लालकृष्ण आडवाणी
राजनीति भाजपा में विरासत की लड़ाई तेज हो रही है September 28, 2011 / December 6, 2011 by वीरेन्द्र जैन | Leave a Comment वीरेन्द्र जैन भाजपा ने यह भ्रम फैलाया हुआ था कि वह एक अलग तरह की पार्टी है जिसे अंग्रेजी में ‘पार्टी विथ ए डिफ्रेंस’ कहा गया था। बाद में जैसे जैसे उसके झगड़े सड़क पर आते रहे थे तो अंग्रेजी अखबारों ने उसे ‘पार्टी विथ डिफ्रेंसिज’ कह कर मजाक उड़ाया था। प्रारम्भिक भ्रम यह भी […] Read more » Bhajpa भाजपा
महत्वपूर्ण लेख राजनीति राजनीतिक जजिया की तैयारी September 27, 2011 / December 6, 2011 by शंकर शरण | 5 Comments on राजनीतिक जजिया की तैयारी शंकर शरण प्रस्तावित ‘सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा निरोधक (न्याय और क्षतिपूर्ति मिलने) विधेयक, 2011’ खुले तौर पर बहुसंख्यक-अल्पसंख्यक समुदायिक आधार पर बनाया गया है। सांप्रदायिक हिंसा रोकने के नाम पर यह एक ऐसे कानून का प्रस्ताव है, जो किसी आगामी सांप्रदायिक हिंसा के लिए सदैव हिंदुओं को दोषी मानकर चलता है। किसी अज्ञात व्यक्ति की […] Read more » political jajia राजनीतिक जजिया सांप्रदायिक और लक्षित हिंसा निरोधक (न्याय और क्षतिपूर्ति मिलने) विधेयक
राजनीति नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल सद्भावना September 27, 2011 / December 6, 2011 by जगदीश्वर चतुर्वेदी | 2 Comments on नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल सद्भावना जगदीश्वर चतुर्वेदी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 दिन का उपवास रखा लेकिन समय से पहले ही खत्म कर दिया। कायदे से 72 घंटे का उपवास था जो आजतक टीवी चैनल के अनुसार 55 घंटे में ही खत्म हो गया। मोदी ने यह उपवास क्यों किया इस पर खूब बहस हुई है। संघ की […] Read more » Narendra Modi नरेन्द्र मोदी सांप्रदायिकता
राजनीति ‘विसल-ब्लोअर’ जेल नहीं, अभिनन्दन के पात्र September 27, 2011 / December 6, 2011 by लालकृष्ण आडवाणी | Leave a Comment लालकृष्ण आडवाणी अगस्त, 2005 में राष्ट्रपति ने ‘लोक प्रशासनिक प्रणाली को पुनर्गठित करने हेतु एक विस्तृत ब्लूप्रिंट तैयार करने‘ के उद्देश्य से श्री वीरप्पा मोइली की अध्यक्षता में दूसरा प्रशासनिक सुधार आयोग गठित किया था। आयोग की चौथी रिपोर्ट का शीर्षक है ‘शासन में नैतिकता‘। इस रिपोर्ट की प्रस्तावना में सबसे ऊपर महात्मा गांधी का […] Read more »
राजनीति सुब्रह्मण्यम स्वामी > भाजपा + कांग्रेस + कम्युनिस्ट + अन्य….. September 27, 2011 / December 6, 2011 by विपिन किशोर सिन्हा | 6 Comments on सुब्रह्मण्यम स्वामी > भाजपा + कांग्रेस + कम्युनिस्ट + अन्य….. – विपिन किशोर सिन्हा कहावत है – अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता। लेकिन सुब्रह्मण्यम स्वामी ने इसे झूठा सिद्ध कर दिखाया है। कुछ वर्ष पूर्व जब उन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी बैंकों में जमा अकूत धन के विषय में लेख लिखा, प्रधान मंत्री को पत्र लिखा और प्रेस कान्फ़रेन्स में अपनी बात दुहराई, तो कांग्रेसियों […] Read more » Subramanyam Bharti सुब्रमण्यम स्वामी
राजनीति अन्ना ‘क्रांति को भुनाने की पाखंडपूर्ण राजनीति September 27, 2011 / December 6, 2011 by तनवीर जाफरी | 1 Comment on अन्ना ‘क्रांति को भुनाने की पाखंडपूर्ण राजनीति तनवीर जाफ़री भारत में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध जिस प्रकार पिछले दिनों देश का दु:खी व असंगठित समाज अन्ना हज़ारे के पीछे एकजुट होकर सड़कों पर उतर आया इस घटना ने वास्तव में देश के लगभग सभी राजनैतिक दलों के सरबराहों के कान खड़े कर दिए। अब राजनैतिक दलों द्वारा इस बात की पूरी कोशिश […] Read more » Lal krishn Advani अन्ना हजारे लालकृष्ण आडवाणी
राजनीति ये है दिल्ली मेरी जान September 27, 2011 / December 6, 2011 by लिमटी खरे | Leave a Comment लिमटी खरे अमर से डरा दुनिया का चौधरी सियासी गलियारों में इन दिनों यह चर्चा जोरों पर है कि चलो दुनिया के चौधरी को किसी से डर तो लगा। अमेरिका को डर है तो बड़बोले राजनेता अमर सिंह से। दरअसल अमर सिंह के पास कुछ एसे राज हैं जिनके उजागर होते ही भारत के टॉप […] Read more »