समाज संवेदनहीन होता समाज February 1, 2018 by देवेंद्रराज सुथार | Leave a Comment अक्सर बच्चे गलती करते हैं और बच्चों की गलती सुधारने के लिए इस दुनिया में माता-पिता होते हैं, बच्चे की पहली पाठशाला भी माता-पिता ही होते हैं, जहां से बच्चा शिष्टाचार सीखता है। माता-पिता वह तोहफा है जो हमें हर गलत काम करने से रोकते हैं और हमें सही राह दिखाते हैं, लेकिन किसी गलती […] Read more » Featured society getting emotionless समाज संवेदनहीन संवेदनहीन समाज
शख्सियत समाज संत रैदास: धर्मांतरण के आदि विरोधी – घर वापसी के सूत्रधार January 31, 2018 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment प्रवीण गुगनानी लगभग सवा छः सौ वर्ष पूर्व 1398 की माघ पूर्णिमा को काशी में जन्में संत रविदास यानि संत रैदास को निस्संदेह हम भारत में धर्मांतरण के विरोध में स्वर मुखर करनें वाली और स्वधर्म में घर वापसी करानें के प्रथम या प्रतिनिधि संत कह सकतें है. धर्मांतरण हिन्दुस्थान में सदियों से एक चिंतनीय विषय रहा […] Read more » Featured घर वापसी के सूत्रधार धर्मांतरण के आदि विरोधी संत रैदास
कला-संस्कृति महत्वपूर्ण लेख समाज डार्विन का सिद्धांत और दशावतारों की अवधारणा January 30, 2018 by प्रमोद भार्गव | 1 Comment on डार्विन का सिद्धांत और दशावतारों की अवधारणा संदर्भः केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह का डार्विन के सिद्धांत पर दिया बयान- प्रमोद भार्गव दुनिया बदल रही है और बदलती दुनिया में अपने आप को बनाए रखने के लिए परिवर्तन आवश्यक है। दुनिया के इस बदलते स्वभाव की विडंबना है कि दुनिया तो स्थिर है, किंतु परिवर्तन अस्थाई हैं। इसी परिवर्तनशील आचरण […] Read more » Darwin's theory Featured the concept of spectroscopic डार्विन का सिद्धांत डार्विन के सिद्धांत पर दिया बयान दशावतारों की अवधारणा संदर्भः केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह
शख्सियत समाज आजाद हिन्द फौज के सेनानी आनंद मोहन सहाय January 30, 2018 by कुमार कृष्णन | Leave a Comment पुण्य तिथि 13 फरवरी पर विशेष कुमार कृष्णन आनंद मोहन सहाय एक ऐसे व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने 25 वर्ष की उम्र में ही अपनी मातृभूमि को गुलामी की जंजीर से मुक्त कराने के लिये विदेश चल पड़े एवं जापान सहित अन्य दक्षिण-पुर्व एशियायी एवं निकटवर्ती यूरोपीय देशों में रह रहे भारतीयों को वतन की आजादी के […] Read more » Featured आजाद हिन्द फौज आनंद मोहन सहाय
समाज सिनेमा क्या भंसाली निर्दोष हैं? January 29, 2018 by डॉ नीलम महेन्द्रा | Leave a Comment 26 जनवरी 2018, देश का 69 वाँ गणतंत्र दिवस, भारतीय इतिहास में पहली बार दस आसियान देशों के राष्ट्राध्यक्ष समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित, पूरे देश के लिए गौरव का पल, लेकिन अखबारों की हेडलाइन क्या थीं? समारोह की तैयारियाँ? विदेशी मेहमानों का आगमन और स्वागत? जी नहीं ! “देश भर में […] Read more » Featured padmavat Padmavati भंसाली निर्दोष
समाज ग्राम स्वराज का अर्थ आत्मबल का होना January 29, 2018 by मनोज कुमार | Leave a Comment –मनोज कुमार महात्मा गांधी का मानना था कि अगर गांव नष्ट हो जाए, तो हिन्दुस्तान भी नष्ट हो जायेगा। दुनिया में उसका अपना मिशन ही खत्म हो जायेगा। अपना जीवन-लक्ष्य ही नहीं बचेगा। हमारे गांवों की सेवा करने से ही सच्चे स्वराज्य की स्थापना होगी। बाकी सभी कोशिशें निरर्थक सिद्ध होगी। गांव उतने ही पुराने […] Read more » Featured Gram Swaraj self-being ग्राम स्वराज
समाज आज के स्वेच्छाचारी वक्ता January 26, 2018 by पण्डित परन्तप प्रेमशंकर | Leave a Comment पण्डित परन्तप प्रेमशंकर आजकल के आध्यात्म वक्ता वडे स्वच्छन्दी एवं पाखंडी हो गए हैं । इस परिपेक्ष्य मे इनको सत्य दर्शन कराना संतो एवं विद्वानों का परम कर्तव्य है, उपासना है और जनसेवा भी है । अनुकरणशील मनीषावाले जनमानस को भ्रमित होते रोकना भी परमात्मा की सेवोपासना से कम नहीं । उनके प्रभाव को बढनेका […] Read more » Featured स्वेच्छाचारी स्वेच्छाचारी वक्ता
समाज क्यों नहीं रुक रही भ्रूण हत्या और लिंगभेद ? January 25, 2018 by अरुण तिवारी | Leave a Comment 24 जनवरी – भारतीय राष्ट्रीय बालिका सशक्तिकरण दिवस पर विशेष लिंगानुपात में बराबरी का स्वप्न और सत्य लेखक : अरुण तिवारी क़ानूनी तौर पर अभी लिंग परीक्षण, एक प्रतिबंधित कर्म है। ”इसकी आज़ादी ही नहीं, बल्कि अनिवार्यता होनी चाहिए।” – श्रीमती मेनका गांधी ने बतौर महिला एवम् बाल विकास मंत्री कभी यह बयान देकर, भ्रूण हत्या रोक […] Read more » Featured gender discrimination stop the fetus discrimination भ्रूण हत्या लिंगभेद
समाज साख पर आंच! January 25, 2018 by शिव शरण त्रिपाठी | Leave a Comment अपनी कौस्तुभ जयंती मनाने की ओर अग्रसर भारतीय गणतंत्र की पीड़ा तो उसकी आत्मा ही समझ सकती हैं। हां उसकी पीड़ा वे भी शिद्दत से महसूस करते होंगे जिन्हे उस पर हमेशा से नाज रहा है। उसकी पीड़ा अनायास नहीं है। हालांकि उसे अपनी पीड़ा तब तक सह रही जब तक यदा-कदा देश के आमजन […] Read more » Judiciary legislature shahbano case triple talaq अघोषित आपातकाल से जूझता देश गणतंत्र दिवस न्यायपालिका विधायिका
समाज अकेलेपन की समस्या से जूझता समाज January 25, 2018 by ललित गर्ग | Leave a Comment – ललित गर्ग- संचार के बढ़ते साधनों के बीच अकेलापन आधुनिक जीवन की त्रासदी बनती जा रही है। विडम्बनापूर्ण एवं भयावह अकेलापन आधुनिक जीवन की एक बड़ी सच्चाई है। यह न केवल भारत की समस्या है बल्कि दुनिया भी इससे त्रस्त एवं पीड़ित है। समस्या इतनी बड़ी है कि इससे निपटने के लिए ब्रिटिश सरकार […] Read more » Featured loneliness problem of loneliness Society Society struggling with the problem of loneliness
समाज भविष्य के हाथों में खंजर देकर देख लिया, अब गिरेबां में झांकने का वक्त January 25, 2018 / January 25, 2018 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment बच्चों में फैलती हिंसा पर पिछले कुछ दिनों में इतने लेख लिखे गए हैं कि समस्या पीछे छूटती गई और लेखकों के अपने विचार हावी होते गए। लेखकों में से कोई सरकारी नीतियों को, तो कोई परिवारों के विघटन को और कोई सामाजिक ताने बाने को ध्वस्त करते टीवी मोबाइल को दोषी ठहराने में लगा […] Read more » Featured In the hands of the future now the time of peeping school students getting violent we have seen the dugout गिरेबां में झांकने का वक्त बच्चा जेल की अवधारणा बच्चों में फैलती हिंसा बाल सुधारगृह भविष्य के हाथों में खंजर
समाज whatsapp पर तैरते इस विराट झूठ का कड़वा सच क्या January 25, 2018 by अलकनंदा सिंह | Leave a Comment …कि इस समय मेरी जिह्वा पर जो एक विराट् झूठ है वही है–वही है मेरी सदी का सब से बड़ा सच ! …ये उस कविता की पंक्तियां हैं जिसे कवि केदारनाथ सिंह ने अपनी एक लंबी कविता ”बाघ” में उद्धृत किया है। कवि ने ‘समय के सच’ का माप ‘झूठ की ऊंचाई’ के समकक्ष खड़ा करके निर्णय […] Read more » Featured lie floating on whatsapp What is the bitter truth whatsapp whatsapp videos spreading lie विराट झूठ का कड़वा सच