विविधा दम तोड़ती भारत की जीवित जीवनदायिनी मैया यमुना March 22, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment इसका बड़ा कारण यह है कि दिल्ली के करीब 50 फीसद इलाकों में सीवर नेटवर्क नहीं है। जल बोर्ड के सीवरेज शोधन संयंत्रों की क्षमता करीब 604 एमजीडी है, लेकिन प्रतिदिन करीब 450 एमजीडी सीवरेज शोधित हो पाता है। जल बोर्ड ने 1962 करोड़ रुपये की लागत से इंटरसेप्टर सीवर लाइन का निर्माण वर्ष 2011 में शुरू कराया था। अभी तक इसका एक पैकेज पूरा हुआ है। इसके पांच पैकेजों का काम अधूरा है। इसके अलावा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर छोटे नालों के गंदे पानी के शोधन के लिए 14 सीवरेज शोधन संयंत्र लगाने की योजना बनी थी। Read more » जीवित जीवनदायिनी मैया यमुना दम तोड़ती मैया यमुना भारत यमुना
विविधा नदी जीवंतता को मिला अदालती आधार March 22, 2017 by अरुण तिवारी | Leave a Comment योगेन्द्र नाथ नसकर बनाम आयकर आयुक्त कोलकोता मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था कि हिदुओं की देव प्रतिमायें न्यायाधिकार धारण करने की क्षमता रखने वाली सत्ता हैं। इसलिए समाज की आस्था और उसकी मान्यता की रक्षा करने के लिए गंगा और यमुना को जीवित व्यक्ति या न्यायाधिकार प्राप्त व्यक्ति के रूप मेें घोषित करने की ज़रूरत है। नदियों की जीवंतता को संवैधानिक दर्जा दिलाने के विचार और मांग की पूर्ति का संकल्प पहली बार तब सार्वजनिक हुआ, जब वर्ष 2013 के इलाहाबाद कुंभ के दौरान ’गंगा संसंद आयोजित की गई। Read more » Featured Ganga declared human entities. Yamuna rivers have now been declared human entities. गंगा-यमुना मैया को जीवित मानव जैसा अधिकार नदी जीवंतता को मिला अदालती आधार
विविधा गंगा-यमुना मैया को जीवित मानव जैसा अधिकार मिला March 22, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment न्यायालय ने आठ सप्ताह के भीतर केंद्र सरकार को गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाने का आदेश भी दिया है। यह महत्वपूर्ण एवं दूरगामी आदेश हरिद्वार निवासी मोहम्मद सलीम नामक व्यक्ति की एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति श्री राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति श्री आलोक सिंह की संयुक्त खंडपीठ ने जारी किया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि पूर्व सुनवाई में केंद्र सरकार को पांच दिसंबर तक गंगा मैनेजमेंट बोर्ड बनाए जाने के निर्देश दिए गए थे। पिछले साल पांच दिसंबर को कोर्ट ने तीन माह के भीतर गंगा प्रबंधन बोर्ड बनाने व परिसंपत्तियों का बंटवारा करने के आदेश पारित किए थे। अभी तक इस आदेश का पालन नहीं किया गया है। Read more » Featured गंगा-यमुना मैया गंगा-यमुना मैया को जीवित मानव जैसा अधिकार
पर्यावरण विविधा सार्थक पहल यमुना का प्रदूषण और उमा भारती के प्रयास March 22, 2017 by ब्रह्मानंद राजपूत | Leave a Comment उमा भारती के अनुसार उन्होंने यमुना के लिए जो प्लान किया है उसमे दिल्ली से गंदा पानी अब मथुरा में नहीं आ पायेगा। नमामि गंगे प्रोजेक्ट में दिल्ली से आने वाला गंदा पानी ट्रीट होकर मथुरा की यमुना नदी में शुद्ध होकर आयेगा। जिसके लिए दिल्ली में भी कई प्रोजेक्ट्स को पहले ही लांच किया जा चुका है। इसके अलावा उमा भारती ने दिल्ली में यमुना को हाइब्रिड एन्यूटी पर ले जाकर पूरी की पूरी यमुना और उसके घाटों को ठीक करने की बात कही है। अगले चरण में आगरा की यमुना नदी को भी इस योजना का हिस्सा बनाने की बात की गयी है।’’ अब आगे देखने वाली बात होगी कि केंद्रीय मंत्री उमा भारती यमुना का कितना जीर्णोद्धार या कायाकल्प कर पाती हैं। Read more » Featured pollution in river yamuna and efforts of uma bharti उमा भारती के प्रयास यमुना का प्रदूषण
विविधा बर्लिन अकादमी:*आदर्श-भाषा-स्पर्धा-(१७९४)* का इतिहास March 22, 2017 by डॉ. मधुसूदन | 2 Comments on बर्लिन अकादमी:*आदर्श-भाषा-स्पर्धा-(१७९४)* का इतिहास भाषा, उसके प्रयोगकर्ताओं की मानसिकता का दर्पण होता है। उस में, उस भाषा के प्रयोग-कर्ताओं का, बौद्धिक एवं नैतिक सार व्यक्त होता है। संक्षेप में, जंगली भाषाएं स्थूल और रूक्ष, होती हैं; और सभ्य भाषाएँ कोमल, और परिमार्जित होती है। (२)आगे कहता है, *क्षण-विशेष की माँग के अनुरूप अर्थ व्यक्त करने की क्षमता भाषा में होनी चाहिए। * उसी प्रकार *सूक्ष्म भाव एवं विचारों को भी अभिव्यक्त करे ऐसी भाषा ही आदर्श भाषा का पद प्राप्त कर सकती है।* (३) येनिश भाषा के चार गुण गिनाता है। Read more » Featured बर्लिन अकादमी
विविधा भगवा योगी की जय ! अर्थात, सफेद-आतंकियों की पराजय March 20, 2017 by मनोज ज्वाला | 6 Comments on भगवा योगी की जय ! अर्थात, सफेद-आतंकियों की पराजय खुद ‘सफेद आतंक’ बरपाते रहे इन समाजवादियों-कांग्रेसियों द्वारा मुस्लिम-वोटबैंक पर अपनी पकड बनाये रखने के लिए साम्प्रदायिक तुष्टिकरण-आधारित विभेदकारी शासन से बहुसंख्यक समाज में उत्त्पन्न असंतोष-अक्रोश ने योगी आदित्यनाथ के हिन्दूत्ववादी तेवर को धार देने और पूरे प्रदेश में उसे चमकाने का काम किया । Read more » Featured धर्मनिरपेक्षता भगवा आतंक भगवा योगी मुस्लिम-तुष्टिकरणवादी सफेद-आतंकियों की पराजय
विविधा अंततः योगी अंततः हिंदुत्व March 20, 2017 by प्रवीण गुगनानी | Leave a Comment सतत 5 लोस चुनाव जीतनें वाले योगी 2009 का चुनाव दो लाख वोटों से व 2014 का लोकसभा चुनाव तीन लाख मतों के अंतर से जीत चुकें हैं. लगातार पांच बार सांसद रहना, फायर ब्रांड हिन्दू नेता होना, अपनें तर्कों के माध्यम से सदा हावी रहना आदि ऐसे तर्क थे जिन्होंने भाजपा आलाकमान को योगी के पक्ष में मुख्यमंत्री की आसंदी देनें का निर्णय करवाया. योगी सदा आक्रामक रहते हुए भी एक विशिष्ट प्रकार की विनम्रता को कठोरता से अपनाए रहते हैं यही उनके व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशिष्टता है. Read more » Featured Yogi Adityanath योगी आदित्यनाथ
विविधा आगरा को सुधारने की जरुरत March 20, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment वर्तमान समय में इस शहर की सर्वधिक बड़ी समस्या जाम की है । सप्ताहान्त में बाहर के मुसाफिर आगरा में ज्यादा आ जाते है। कहीं कोई रैली का आयोजन हुआ तो भी भीड़ बढ जाती है। जब शहर में प्रतियागिता की कोई परीक्षाये होती हैं तो भी यह भीड़ देखी जा सकती हैं। इसके समाधान के लिए प्रशासन जो भी उपाय करता है वह पर्याप्त नहीं होता है। पुलिस की पेट्रोलिंग इस उद्देश्य से कभी नहीं की जाती है। टैम्पां व रिक्शे सवारियों के लिए आम जनता की सुविधाओं की अनदेखी करते रहते हैं। Read more » आगरा आगरा को सुधार
विविधा ऋषि-द्वय कह गए दुनिया से,युग-परिवर्तन नियति की नीयत है March 19, 2017 by मनोज ज्वाला | Leave a Comment दोनों उच्च कोटि के पत्रकार-सम्पादक थे । अंग्रेजी शासन के विरूद्ध अरविन्द अंग्रेजी में ‘वन्देमातरम’ निकालते थे , तो श्रीराम हिन्दी में ‘सैनिक’ । किन्तु बाद में किसी दिव्यात्मा के सम्पर्क से दोनों योग-साधना के बदौलत चेतना के उच्च शिखर पर पहुंच कर दैवीय योजना के तहत अपनी-अपनी भूमिका को तदनुसार नियोजित कर राष्ट्रीय चेतना जगाने-उभारने के आध्यात्मिक उपचार में संलग्न हो गए । Read more » Featured अरविन्द घोष युग-परिवर्तन युग-परिवर्तन नियति की नीयत श्रीराम शर्मा आचार्य । संत रामकृष्ण परमहंस संयासी विवेकानन्द
विविधा स्वास्थ्य नीति बेहतर बनाएं March 18, 2017 by डॉ. वेदप्रताप वैदिक | Leave a Comment सबसे ज्यादा जरुरी यह है कि इन चिकित्सा-पद्धतियों में नए-नए वैज्ञानिक अनुसंधानों को प्रोत्साहित किया जाए। यदि देश में डाक्टरों की कमी पूरी करनी हो तो मेडिकल की पढ़ाई स्वभाषाओं में तुरंत शुरु की जानी चाहिए। आज देश में एक भी मेडिकल कालेज ऐसा नहीं है, जो हिंदी में पढ़ाता हो। सारी मेडिकल की पढ़ाई और इलाज वगैरह अंग्रेजी माध्यम से होते हैं। यही ठगी और लूटपाट का सबसे बड़ा कारण है। Read more » स्वास्थ्य नीति
विविधा आगरा की नगर संरचना March 18, 2017 by डा. राधेश्याम द्विवेदी | Leave a Comment लाकृति- भवन, निवास एवं आवादी:-आगरा नगर का विकास किसी निश्चित योजना के अनुकूल ना होकर अव्यवस्थित- बेतरतीब रुप में हुआ है। यह पुराने तथा नये आबादी का अनूठा संयोग है। यह विभिन्न समयों में अस्तित्व में आने वाले स्थलों का संगुटीकरण है, जो विकास-प्रसार प्रक्रिया द्वारा एक हो गये हैं। यह शहर विस्तारित योजना के अनुरुप ना होकर अनेक ऊंची नीची भूमि , नदी के किनारे का ऊंचा टीला, तलहटी तथा ऊंचा नीचा विशेष स्थलाकृति की रुपरेखा मात्र है। Read more » आगरा
विविधा सार्थक पहल बिहार की ग्राम कचहरी का एक प्रत्यक्ष अनुभव March 18, 2017 / March 18, 2017 by डॉ. चंद्रशेखर प्राण | Leave a Comment बिहार के सन्दर्भ में ग्राम कचहरी में अब तक जो विवाद दाखिल हुए है और जिन पर कार्यवाही हुई है उनके सम्बन्ध में अब तक हुए अध्ययनों से जो तथ्य निकलते है उसमें जमींन सम्बन्धी विवाद 58% तथा घरेलु विवाद 20% है | इसमें से 85% विवाद दलित एवं पिछड़े वर्ग से सम्बंधित है | बिहार में ग्राम कचहरी में आये हुए इन विवादों का 90% हिस्सा समझौते के द्वारा तय हुआ है | अन्य 10% में 100 से 1000 रूपये तक का जुर्माना लगाया गया है | ज्यादातर मामलों में दोषी ने सहज रूप से जुर्माना भरा है | लगभग 03% विवाद ही ऊपर की अदालतों में अपील हेतु गए है | Read more » Featured ग्राम कचहरी बिहार की ग्राम कचहरी