लेख उन्नाव पीड़िता के इस हालत के दोषी कौन !

उन्नाव पीड़िता के इस हालत के दोषी कौन !

अर्चना त्रिपाठी उन्नाव पीड़िता के इस हालत के दोषी कौन ! अर्चना त्रिपाठी (पत्रकार, लेखिका) उन्नाव पीड़िता के साथ क्या वाकई हुआ है न्याय, या…

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समाज ‘तीन-तलाक’ से मुक्ति, राष्ट्रीय एकात्मता की एक युक्ति

‘तीन-तलाक’ से मुक्ति, राष्ट्रीय एकात्मता की एक युक्ति

‘तीन तलाक’ से मुक्ति, राष्ट्रीय एकात्मता की एक युक्ति मनोज ज्वाला भारतीय मुस्लिम समाज को राष्ट्र की मुख्य-धारा से अलग-थलग किये रखने वाली ‘तीन-तलाक प्रथा’…

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राजनीति बिहार के राजनेताओं पर नीतीश सरकार मेहरबान, पटना के पॉश इलाके में चंद रुपयों में उपलब्ध कराएगी जमीन

बिहार के राजनेताओं पर नीतीश सरकार मेहरबान, पटना के पॉश इलाके में चंद रुपयों में उपलब्ध कराएगी जमीन

 -मुरली मनोहर श्रीवास्तव गरीबों के मसीहा कहे जाने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब रसूख वाले नेताओं को पटना में ही दो-दो कट्ठा जमीन…

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कविता वो जिन्दगी ही क्या,जो छाँव छाँव चली

वो जिन्दगी ही क्या,जो छाँव छाँव चली

आर के रस्तोगी हद-ए-शहर से निकली तो गाँव गाँव चली |कुछ सुनेहरी यादे,मेरे संग पाँव पाँव चली || सफर धूप का किया,तो ये तजुर्बा हुआ…

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चिंतन “ईश्वर सभी शुभ-अशुभ कर्मों का फलदाता होने से न्यायाधीश है”

“ईश्वर सभी शुभ-अशुभ कर्मों का फलदाता होने से न्यायाधीश है”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। संसार में तीन अनादि एवं नित्य सत्तायें हैं ईश्वर, जीव एवं प्रकृति। संसार की यह तीन सत्तायें सनातन एवं शाश्वत् हैं।…

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लेख उन्नाव की त्रासदी की उपजे सवाल

उन्नाव की त्रासदी की उपजे सवाल

– ललित गर्ग- उत्तर प्रदेश के उन्नाव में बलात्कार पीड़ित युवती और उसके परिवार के साथ जिस तरह की त्रासद एवं खौफनाक घटनाएं घटी हैं,…

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राजनीति नेता, नीति, नीयत और नियति

नेता, नीति, नीयत और नियति

संसद का काम नीति बनाना है; पर ये नेताओं की नीयत पर निर्भर है। चूंकि नेता, नीति और नीयत के मेल से ही नियति का…

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कविता कही फिसल न जाऊ,तेरे ख्यालो में चलता चलते

कही फिसल न जाऊ,तेरे ख्यालो में चलता चलते

कही फिसल न जाऊ,तेरे ख्यालो में चलते चलते |अपनी यादो को रोको,कही मर न जाऊ रोते रोते || मत आया करो मेरे ख्यालो में,ये बारिश…

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दोहे दोहे

दोहे

अविनाश ब्यौहार मानवता कुबड़ी हुई, पैसा सबका बाप। मात, पिता, भाई, बहिन, झेल रहे संताप।। दफ्तर सट्टाघर हुए, पैसा चलता खूब। अब बरगद के सामने,…

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लेख बदहाल रिक्शा बेहाल रिक्शा चालक

बदहाल रिक्शा बेहाल रिक्शा चालक

-अनिल अनूप  कभी आने-जाने का एकमात्र साधन माने जाने वाला सामान्य साइकिल रिक्शा अब लोगों की पसंद नहीं है. बढ़ते शहरीकरण और आधुनिकरण के इस…

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विधि-कानून कानूनों से ज्यादा जरूरी है लोगों का मन बदलना

कानूनों से ज्यादा जरूरी है लोगों का मन बदलना

– ललित गर्ग- उन्नाव और कठुआ रेप मामलों में देशव्यापी राजनीतिक एवं जन-असंतोष को भांपकर सरकार ने 12 साल तक की बच्चियों से दुष्कर्म के…

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राजनीति राजनीतिक पारदर्शिता के हिमायती थे जयपाल रेड्डी

राजनीतिक पारदर्शिता के हिमायती थे जयपाल रेड्डी

विकलांगता के बावजूद राजनीति में सदैव सक्रिय रहे रेड्डी योगेश कुमार गोयल पिछले कई दिनों से बीमार चल रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व…

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