काबुल में अराजकता
Updated: July 31, 2019
डॉ. वेदप्रताप वैदिक एक तरफ तालिबान को पटाने के लिए अमेरिका इमरान खान को फुसलाने की कोशिश कर रहा है और दूसरी तरफ तालिबान ने…
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भगवान पार्श्वनाथ : जीवंत धर्म के संस्थापक
Updated: July 31, 2019
-ः ललित गर्ग:- भगवान पार्श्वनाथ निर्वाण दिवस- श्रावण शुक्ल सप्तमी 7 अगस्त 2019 पर विशेषः जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण दिवस श्रावण…
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“पं0 लेखराम न होते तो हम ऋषि दयानन्द के खोजपूर्ण जीवन चरित से वंचित रहते”
Updated: July 31, 2019
महर्षि दयानन्द जी का जन्म सन् 1825 में गुजरात राज्य के टंकारा नामक ग्राम में हुआ था। आपने अपनी आयु के चौदहवें वर्ष में शिवरात्रि…
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अमर सिंह के “अमर वचन “
Updated: July 31, 2019
निर्मल रानी अपने विवादित बयानों,शेरो-शायरी,फ़िल्मी गानों के मुखड़ों के द्वारा तथा व व्यंगात्मक लहजे में अपनी बात कहने वाले नेता अमर सिंह अपनी इन्हीं “विशेषताओं”…
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कुछ कुंडलिया
Updated: July 31, 2019
आर के रस्तोगी लता ओट में छिप गये,कान्हा नन्द किशोर |रही ढूँढती गोपिया,कहाँ गये चित चोर ||कहाँ गये चित चोर,उनका मन ना लागे |बंशी धुन…
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खुद मियाँ फजीहत…
Updated: July 30, 2019
चार…………..एक ऐसा माध्यम जिसके जरिये हर कोई आसानी से सुर्खियों में रहता है। इसे प्रचार और आत्म प्रचार का जुग कहा जा सकता है। अपना…
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भ्रमजाल में फंसी आधुनिकता की धारणा
Updated: July 30, 2019
-अनिल अनूप हमारा समाज संक्रमण के जिस दौर से गुजर रहा है, उसमें हम परम्परा और आधुनिकता के बीच चुनाव के द्वंद्व में फंसे हैं.…
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“पं0 लेखराम न होते तो हम ऋषि दयानन्द के खोजपूर्ण जीवन चरित से वंचित रहते”
Updated: July 30, 2019
-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। महर्षि दयानन्द जी का जन्म सन् 1825 में गुजरात राज्य के टंकारा नामक ग्राम में हुआ था। आपने अपनी आयु के…
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हिंदी गजल
Updated: July 30, 2019
हवा बहुत बदगोई है। रात कलप कर रोई है।। उनने अपने जीवन में, केवल कटुता बोई है। गर तुम हो जर्किन पहने, वह भी ओढ़े…
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रौशनी के बिना शिक्षा की लौ नहीं जलती
Updated: July 30, 2019
बशारत अख़्तर कुपवाड़ा, कश्मीर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट प्रस्तुत करते हुए मोदी सरकार की जिन महत्वाकांक्षी योजनाओं पर विशेष ध्यान दिया है…
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हिंदी ग़ज़ल
Updated: July 30, 2019
अविनाश ब्यौहार गरज गरज कर अंबुद बरसे। औ सावन प्यासा ही तरसे।। अषाढ़-सावन-भादों में है, हरीतिमा के खुले मदरसे। याद आते त्यौहार में अब, माँ…
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ज्ञान-विज्ञान के भारतीय स्रोत पुनः प्रवाहित होने चाहिए
Updated: July 30, 2019
मनोज ज्वाला एक प्रसिद्ध ग्रंथ ‘स्टोरी ऑफ सिविलाइजेशन’ के अमेरिकी लेखक और इतिहासकार विल डुरांट ने भारत को दुनिया की समस्त सभ्यताओं की जननी कहा…
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