कविता तुम और मैं

तुम और मैं

तेरा रूठना, मनना, मनाना, मनुहार करना, तेरे-मेरे रहने तक यूँ ही चलता जाए। ये हँसी-ठिठोली, तेरी सुमधुर बोली, तेरी ऐसी अदाएँ, मेरा मन-बदन सिहर जाए।…

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कविता कुछ ऐसा काम करें !

कुछ ऐसा काम करें !

डॉ.सतीश कुमार आओ बैठें मिल जुलकर हम, प्रेम-प्यार की बात करें। कुछ कहें-सुने हम सब की, अपना भी इजहार करें। ना कुछ तेरा, ना कुछ…

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लेख राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों के साथ विहिप के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक हरिद्वार में प्रारम्भ

राष्ट्र हित के अनेक मुद्दों के साथ विहिप के केन्द्रीय मार्ग दर्शक मंडल की बैठक हरिद्वार में प्रारम्भ

हरिद्वार, जून 19, 2019. विश्व हिन्दू परिषद् के केंद्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक पूज्य स्वामी विवेकानन्द सरस्वती जी महाराज तथा युगपुरुष पूज्य महामण्डलेश्वर स्वामी परमानन्द जी महाराज…

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गए थे नवोदित खिलाड़ी से मिलने , याद आने लगे धौनी…!!

तारकेश कुमार ओझाकहां संभावनाओं के आकाश में टिमटिमाता नन्हा तारा और कहां क्रिकेट कीदुनिया का एक स्थापित नाम। निश्चित रूप से कोई तुलना नहीं। लेकिन…

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राजनीति ओम बिड़ला का लोकसभा अध्यक्ष बनना

ओम बिड़ला का लोकसभा अध्यक्ष बनना

– ललित गर्ग – नरेन्द्र मोदी उच्च पदों के लिये व्यक्तियों का चयन करते हुए न केवल अंचभित करते रहे हैं, चैंकाते रहे हैं, बल्कि…

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राजनीति कांग्रेस को चाहिए एक असली गांधी

कांग्रेस को चाहिए एक असली गांधी

भारत में कांग्रेस लम्बे समय तक शीर्ष पर रही; पर अब उसके अवसान के दिन हैं। उनका कहना है कि वे चिंतन-मंथन कर भावी सफलता…

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लेख अकबर बादशाह था या “गाज़ी” ?

अकबर बादशाह था या “गाज़ी” ?

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार क्या आप जानते हैं कि ‘गाज़ी’ एक पदवी है जो किसी काफिर को मारने से मिलती है ! जानिए कि ‘अकबर’ ने…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग योग से जीवन निर्माण का नया दौर

योग से जीवन निर्माण का नया दौर

 आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि- अनादिकाल से भारतभूमि योग भूमि के रूप में विख्यात रही है। यहां का कण-कण, अणु-अणु न जाने कितने योगियों की योग-साधना से…

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राजनीति प्रश्न संविधान के मंदिर की मर्यादा का

प्रश्न संविधान के मंदिर की मर्यादा का

सत्रहवीं लोकसभा अस्तित्व में आ चुकी है। इस बार की लोकसभा में जहाँ कई नए चेहरे चुनाव जीत कर आए हैं वहीं कई अतिविवादित लोगों…

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खान-पान बिहार के सार्वजनिक भोजन बनाम “भोज”

बिहार के सार्वजनिक भोजन बनाम “भोज”

अनिल अनूप किसी विशेष अवसर पर सामूहिक भोजन की परंपरा वैसे तो भारत के अनेकों हिस्सों में प्रचलित है पर अपने अनूठेपन और वृहत स्थर…

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चिंतन मनुष्य जीवन की उन्नति किन कर्तव्यों के पालन से होती है?

मनुष्य जीवन की उन्नति किन कर्तव्यों के पालन से होती है?

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। परमात्मा ने हमें मनुष्य बनाया है। मनुष्य का अर्थ होता है कि मनन करने वाला प्राणी। मनन पर विचार करें तो…

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कविता जीवन की कुछ सच्चाईयां

जीवन की कुछ सच्चाईयां

पांच तत्वों से बना है शरीर,इसमें ही मिल जायेगा ||न कुछ लाया था मानव,ना कुछ वह ले जायेगा ||फिर भी हाहाकार मचा है,बन्दे में कैसी…

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