लेख शराब के लिये गांधी का उपयोग अक्षम्य है

शराब के लिये गांधी का उपयोग अक्षम्य है

-ः ललित गर्ग:- इजरायल की शराब बनाने वाली एक कंपनी ने शराब की बोतल पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तस्वीर छापकर आदर्शहीनता, मूल्यहीनता एवं तथाकथित…

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महत्वपूर्ण लेख स्वामी विवेकानन्द भारतीयता के पर्याय थे

स्वामी विवेकानन्द भारतीयता के पर्याय थे

-ललित गर्ग- स्वामी विवेकानंद भारतीय संस्कृति एवं भारतीयता के प्रखर प्रवक्ता, युगीन समस्याओं के समाधायक, अध्यात्म और विज्ञान के समन्वयक एवं आध्यात्मिक सोच के साथ…

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धर्म-अध्यात्म “वेद न होते तो राम, कृष्ण, दयानन्द तथा वैदिक धर्म भी न होता”

“वेद न होते तो राम, कृष्ण, दयानन्द तथा वैदिक धर्म भी न होता”

-मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून। वेद शब्द का अर्थ ज्ञान है। वेद नामी ज्ञान ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद एवं अथर्ववेद नाम की चार मन्त्र संहिताओं की संज्ञा…

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गजल देवी देवता सखा सहोदर

देवी देवता सखा सहोदर

देवी देवता सखा सहोदर सबके सब बेकार हो गये ज्योंही मां उतरी आंखों में सपने सब साकार हो गये|| जैसे गये रसोई में तो मां…

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कला-संस्कृति लुप्तप्राय हो रहे हैं पुरातन संसाधन

लुप्तप्राय हो रहे हैं पुरातन संसाधन

अनिल अनूप लोकजीवन में देसी परिवहन के साधनों में ‘बैलगाड़ी’ हमारी परम्परा एवं किसानी संस्कृति का ऐसा मजबूत आधार रही है, जिसके बिना किसान के…

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परिचर्चा हिन्दू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल

हिन्दू हृदय सम्राट महाराजा सूरजमल

-अशोक “प्रवृद्ध” उत्तर भारत में एक स्वतंत्र हिन्दू राज्य बनाकर इतिहास में गौरव स्थान प्राप्त करने वाले राजनीति कुशल, दूरदर्शी, सुन्दर, सुडौल और स्वस्थ वदन…

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पर्यावरण पर्यावरण संरक्षण के लिये सार्थक प्रयत्न

पर्यावरण संरक्षण के लिये सार्थक प्रयत्न

– आचार्य डाॅ. लोकेशमुनि- पर्यावरण के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने, उसकी रक्षा करने एवं उसे बचाने के उद्देश्य से हर वर्ष 5 जून 2019…

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स्‍वास्‍थ्‍य-योग नित्य करें योग

नित्य करें योग

तन-मन को रखना हो निरोग  तो नित्य करें योग  योग अगर है हमारे साथ  तो आरोग्य थाम लेगा हाथ।  योग करने से रहोगे स्वस्थ व…

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लेख भारत हुआ नशीला

भारत हुआ नशीला

-अनिल अनूप सुरा प्रेम में भारत का दर्जा दुनिया के अन्य कई देशों से बहुत ऊपर है। विश्व में हमारा खुशहाली सूचकांक गिर रहा है…

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कविता बिन आग के तू आग लगा देती

बिन आग के तू आग लगा देती

बिन आग के तुम आग लगा देती |बिन पानी के तुम इसे बुझा देती || सीखा है कहाँ से तुमने ये हूनर |मुझको भी जरा…

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धर्म-अध्यात्म राष्ट्रवाद को चुनौती देता “अल्पसंख्यकवाद”

राष्ट्रवाद को चुनौती देता “अल्पसंख्यकवाद”

अल्पसंख्यकवाद या मुस्लिम उन्मुखी राजनीति की विवशता आज राष्ट्रवादियों के समक्ष एक बड़ी चुनौती  बन रही है। जबकि स्वतंत्र भारत के नीति नियंताओं का ध्येय स्वस्थ…

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साहित्‍य सूरज है रूठा: नवगीत

सूरज है रूठा: नवगीत

अविनाश ब्यौहार वर्षा की पहली फुहार है। और हवा के आर पार है।। डाली में कोंपल फूटी है। आज तपन लगती झूठी है।। हरितिमा की…

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