राजनीति मुख्यमंत्री कमलनाथ के बिगड़े बोल

मुख्यमंत्री कमलनाथ के बिगड़े बोल

प्रमोद भार्गव मध्य-प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कमलनाथ ने स्थानीय बनाम बाहरी मुद्दा उछालकर ‘आ बैल मुझे मार‘ कहावत चरितार्थ कर दी है। कमलनाथ ने उद्योग…

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राजनीति भाजपा जागे और भाजपाई चेतें

भाजपा जागे और भाजपाई चेतें

मनोज ज्वाला हमारे देश के मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ व राजस्थान सहित पांच राज्यों में हुए विधान-सभा चुनावों के जो अप्रत्याशित परिणाम आए हैं, उनकी चर्चा अमेरिका…

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राजनीति संसद में शोर-शराबा

संसद में शोर-शराबा

डॉ. वेदप्रताप वैदिकसंसद का आखिरी सत्र है और इसकी हालत क्या है ? पूरा एक सप्ताह गुजर गया और वह शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया।…

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राजनीति रेलवे आरक्षण : कितना विश्वसनीय?

रेलवे आरक्षण : कितना विश्वसनीय?

निर्मल रानी भारतीय रेल द्वारा नित नई ऊंचाईयों को छूने का समाचार हमें अक्सर मिलता रहता है। भारतीय रेल के संदर्भ में इससे बढ़कर सुखद…

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राजनीति क़र्ज़ माफ़ी सत्ता की चाबी

क़र्ज़ माफ़ी सत्ता की चाबी

डॉ नीलम महेंद्र तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों के नतीजों के परिणामस्वरूप कांग्रेस की सरकार क्या बनी, न सिर्फ एक मृतप्राय अवस्था में पहुंच चुकी पार्टी को…

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न्यूज़ -गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली का वार्षिकोत्सव सोल्लास सम्पन्न- यज्ञ से पर्यावरण की शुद्धि सहित आत्मा की उन्नति  व तृप्ति भी होती हैः स्वामी आर्यवेश

-गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली का वार्षिकोत्सव सोल्लास सम्पन्न- यज्ञ से पर्यावरण की शुद्धि सहित आत्मा की उन्नति व तृप्ति भी होती हैः स्वामी आर्यवेश

मनमोहन कुमार आर्य, गुरुकुल गौतमनगर दिल्ली का 85वां वार्षिकोत्सव एवं 39वां चतुर्वेद ब्रह्म पारायण यज्ञ 3 दिसम्बर, 2018 से आरम्भ होकर 16 दिसम्बर 2018 को…

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धर्म-अध्यात्म “ईश्वर उपासना से सहनशीलता प्राप्त होती हैः डॉ. सोमदेव शास्त्री”

“ईश्वर उपासना से सहनशीलता प्राप्त होती हैः डॉ. सोमदेव शास्त्री”

–मनमोहन कुमार आर्य, देहरादून।                 हमें दिनांक 15-12-2018 की सायं गुरुकुल पौंधा-देहरादून के आचार्य डॉ. धनंजय जी के साथ डॉ. सोमदेव शास्त्री, मुम्बई से मिलने…

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गजल शीर्षक: आँखों में सँभालता हूँ पानी

शीर्षक: आँखों में सँभालता हूँ पानी

डॉ. रूपेश जैन ‘राहत’ आँखों में सँभालता हूँ पानी आया है प्यार शायद ख़ुशबू कैसी, झोंका हवा का घर में बार बार शायद रात सी ये ज़िंदगी और ख़्वाब हम यूँ बिसार गए बार बार नींद से जागे टूट गया है ए’तिबार शायद सिमटके सोते हैं अपने लिखे ख़तों की सेज बनाकर माज़ी की यादों से करते हैं ख़ुद को ख़बरदार शायद कुछ रोज़ की महफ़िल फिर ख़ुद से ही दूर हो गए लम्बी गईं तन्हाई की शामें दिल में है ग़ुबार शायद हमारा दिल है कि आईना देख के ख़ुश हुआ जाता है सोचता है वो आये तो ज़िंदगी में आये बहार शायद उठाए फिरते हैं दुआओं का बोझ और कुछ भी नहीं वक़्त में अब अटक गए हैं हौसले के आसार शायद सारी उम्र इन्तिज़ार करें तो कैसे बस इक आहट की अरमाँ तोड़ने का ‘राहत’ करता है कोई व्यापार शायद

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राजनीति और ‘ सज्जनों ‘ को कब मिलेगी सजा

और ‘ सज्जनों ‘ को कब मिलेगी सजा

राकेश कुमार आर्य (सम्पादक उगता भारत )नवम्बर 1984 के सिख दंगों में मारे गए निर्दोषों के हत्यारों को  34 वर्ष पश्चात दिल्ली उच्च न्यायालय ने…

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राजनीति इन तीनों को अब दिल्ली लाइए

इन तीनों को अब दिल्ली लाइए

डॉ. वेदप्रताप वैदिकमैं पहले ही लिख चुका हूं कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के भाजपा मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्य में काफी अच्छे काम किए थे…

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महत्वपूर्ण लेख राम का प्रण पूरा हुए बिना मन्दिर-निर्माण की विडम्बना

राम का प्रण पूरा हुए बिना मन्दिर-निर्माण की विडम्बना

                                    मनोज ज्वाला     लम्बे समय से चलते…

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व्यंग्य पहले वाले की दूसरी शादी

पहले वाले की दूसरी शादी

प्रियंका चोपड़ा का दूसरा विवाह भी मीडिया में कवरेज नहीं पा रहा है उनकी पीआर एजेंसी इस बात से बहुत दुखी है ,प्रियंका और निक…

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