समाज क्या वाकई हम वैसे हैं, जैसा कि खुद को कहते या समझते हैं ??

क्या वाकई हम वैसे हैं, जैसा कि खुद को कहते या समझते हैं ??

राजकुमार झांझरी दुनिया के लोग स्व-विवेक के बजाय औरों के थोपे गये विचारों के अनुरुप अपना जीवन संचालित करने का प्रयास करते हैं और यही…

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धर्म-अध्यात्म गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-91

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-91

राकेश कुमार आर्य   गीता का अठारहवां अध्याय योगीराज श्रीकृष्णजी अर्जुन को बताते हैं कि किसी भी देहधारी के लिए कर्मों का पूर्ण त्याग…

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धर्म-अध्यात्म गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-92

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-92

राकेश कुमार आर्य गीता का अठारहवां अध्याय अंग्रेजों के कानून ने किसी ‘डायर’ को फांसी न देकर और हर किसी ‘भगतसिंह’ को फांसी देकर मानवता…

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समाज ये कहा आ गये हम…..लडते लडते………

ये कहा आ गये हम…..लडते लडते………

शादाब ज़फ़र शादाब यह कैसा देश और समाज बना दिया है हमने,जहाँ हम हिंदू हैं या मुसलमान!या तो देशभक्त हैं या देशद्रोही!हमारी पीड़ाएँ तक बाँट…

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धर्म-अध्यात्म आदर्श गुरु स्वामी विरजानन्द और आदर्श शिष्य स्वामी दयानन्द

आदर्श गुरु स्वामी विरजानन्द और आदर्श शिष्य स्वामी दयानन्द

मनमोहन कुमार आर्य            आदर्श मनुष्य का निर्माण आदर्श माता, पिता और आचार्य करते हैं। ऋषि दयानन्द ने लिखा है कि वह सन्तान भाग्यशाली होती…

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कविता Default Post Thumbnail

देश के नौजवानों को आह्वान

कहनी है एक बात मुझे,इस देश के नौजवानों से मत बटने देना देश को,जाति धर्म के पैमानों से नेता तो अपनी दाल गलायेंगे,अब इन आधारों…

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महत्वपूर्ण लेख  तीसरे  विश्वयुद्ध की ओर दुनिया

 तीसरे विश्वयुद्ध की ओर दुनिया

तीसरे विश्वयुद्ध की ओर दुनिया प्रमोद भार्गव अमेरिकी राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा  के मुताबिक अमेरिका ने अपने मित्र देश  ब्रिटेन और फ्रांस के साथ…

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कविता ये अस्तपताल नहीं,बूचडखाने हैं

ये अस्तपताल नहीं,बूचडखाने हैं

ये अस्तपताल नहीं,बूचडखाने हैं जहाँ मरीजो को हलाल किया जाता है एक छोटी सी बिमारी के लिए हजारो रुपया वसूल किया जाता है मर्ज को…

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प्रवक्ता न्यूज़ इन पाँच वज़हों से होता हैं बलात्कार 

इन पाँच वज़हों से होता हैं बलात्कार 

देवेंद्रराज सुथार जम्मू के कठुआ में आठ साल की बच्ची आसिफा के बलात्कार के बाद नृशंस हत्या से पूरा भारत क्षुब्ध हैं। दरअसल ये कोई…

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समाज  ” राष्ट्रवाद मेरी नजर में “

 ” राष्ट्रवाद मेरी नजर में “

जालाराम चौधरी राष्ट्रवाद एक ऐसी अवधारणा हैं जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि होता है। एक सूत्र में पिरोने का कार्य राष्ट्रवाद की भावना ही करती है। राष्ट्रवाद…

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कविता कल रात की ताजा खबर

कल रात की ताजा खबर

कल रात की मै सच्ची घटना सुनाता हूँ तेज लाईटो में भी मै मोमबत्ती जलाता हूँ वैसे तो मै कांग्रेस दफ्तर अकबर रोड पर रहता…

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धर्म-अध्यात्म वेद और सत्यार्थप्रकाश के स्वाध्याय को जीवन का अंग बनायें

वेद और सत्यार्थप्रकाश के स्वाध्याय को जीवन का अंग बनायें

मनमोहन कुमार आर्य मनुष्य का जीवात्मा अल्पज्ञ होता है। अल्पज्ञ होने के कारण इसे ज्ञान अर्जित करना होता है। ज्ञान माता-पिता व आचार्यों सहित पुस्तकों…

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