समाज दुनिया को बचाना है तो बच्चों को बचाइए    

दुनिया को बचाना है तो बच्चों को बचाइए    

अनिल पांडेय इक्कीसवीं सदी में विकास और आधुनिकता के तमाम दावों के बावजूद बच्चे सबसे ज्यादा उपेक्षित हैं। जबकि दुनिया का भविष्य इन्हीं के कंधों…

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राजनीति ईवीएम के हटते ही क्या निष्पक्ष हो जाएंगे चुनाव?

ईवीएम के हटते ही क्या निष्पक्ष हो जाएंगे चुनाव?

राजू पाण्डेय ईवीएम की विश्वसनीयता का प्रश्न विश्व के सर्वाधिक विशाल लोकतंत्र के सवा सौ करोड़ नागरिकों के जीवन की दशा और दिशा तय करने…

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विविधा चुनौतियों के बीच हिन्दी रंगमंच 

चुनौतियों के बीच हिन्दी रंगमंच 

विश्व रंगमंच दिवस पर विशेष मनोज कुमार वैश्विक परिदृश्य में हर उत्सव के लिए एक दिन निश्चित किया गया है. इस क्रम में रंगमंच के…

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व्यंग्य माफी के मजे… !!

माफी के मजे… !!

तारकेश कुमार ओझा क्या पता महाभारत काल में धृतराष्ट्र पुत्र दुर्योधन को अंधे का पुत्र अंधा… जैसा संबोधन कहने के बाद उत्पन्न कटुता को दूर…

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कविता आज का ताजा खबरे 

आज का ताजा खबरे 

लालू को 14 साल  की सजा नितीश को 14 का मजा पहले जो  लालू नितीश से सटा था अब नितीश लालू से बिलकुल हटा है…

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राजनीति नक्सलवाद का सिकुड़ता लाल गलियारा

नक्सलवाद का सिकुड़ता लाल गलियारा

दुलीचन्द रमन नक्सलवाद आंतरिक सुरक्षा का नासूर बन गया है। सुरक्षाबल एक लंबे अर्से से इस समस्या से जुझ रहे है। लेकिन फिर भी नक्सलवादी…

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विविधा संघ समर्पित रामलखन सिंह

संघ समर्पित रामलखन सिंह

संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री रामलखन सिंह का जन्म 15 जुलाई, 1939 को ग्राम धंधापार (जिला सिद्धार्थ नगर, उ.प्र.) के एक सामान्य कृषक श्री रामनारायण…

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धर्म-अध्यात्म रामराज:  आधुनिक भारत की सर्वोपरि आवश्यकता

रामराज:  आधुनिक भारत की सर्वोपरि आवश्यकता

राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट. ये वाक्य न जानें कहनें वाले ने किन अर्थों में किस आव्हान को करते हुए कहा…

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विविधा युद्ध और शांति के बीच जल – भाग दो

युद्ध और शांति के बीच जल – भाग दो

( प्रख्यात पानी कार्यकर्ता श्री राजेन्द्र सिंह के वैश्विक जल अनुभवों पर आधारित एक शृंखला ) सीरिया, दुष्काल के चंगुल में  प्रस्तुति : अरुण तिवारी 20…

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कविता उनकी माँग भरने की सजा 

उनकी माँग भरने की सजा 

उनकी माँग भरने की सजा आज तक मै काटता रहा मांगें पूरी करते करते उनकी अपनी इच्छाओ को मरता रहा माँग उनकी एक नहीं अनेक…

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लेख धर्मपालन के आदर्श प्रतिमान हैं – श्रीराम

धर्मपालन के आदर्श प्रतिमान हैं – श्रीराम

रामचरित के प्रथम गायक आदिकवि वाल्मीकि ने राम को धर्म की प्रतिमूर्ति कहा है। उनके अनुसार -‘रामो विग्रहवान धर्मः।’ अर्थात राम धर्म का साक्षात श्री-विग्रह…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-76

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-76

राकेश कुमार आर्य   गीता का चौदहवां अध्याय और विश्व समाज श्रीकृष्णजी कहते हैं कि प्रकृति से उत्पन्न होने वाले सत्व, रज, तम-गुण इस…

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