राजनीति विरोध की कमजोर नींव पर खड़ी विपक्षी एकता

विरोध की कमजोर नींव पर खड़ी विपक्षी एकता

देश के वर्तमान राजनैतिक पटल पर लगातार तेजी से बदलते घटनाक्रमों के अनर्तगत ताजा घटना  आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर वित्तमंत्री अरुण…

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समाज काशी विश्वनाथ मन्दिर में पूजा में रूकावट ने  स्वामी श्रद्धानन्द को नास्तिक बना दिया था

काशी विश्वनाथ मन्दिर में पूजा में रूकावट ने स्वामी श्रद्धानन्द को नास्तिक बना दिया था

मनमोहन कुमार आर्य, सन् 1876 की घटना है। स्वामी श्रद्धानन्द जी पूर्व नाम मुंशीराम के पिता काशी में पुलिस अधिकारी थे। वह अपने पिता के…

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धर्म-अध्यात्म ईश्वर यदि पाप क्षमा करेगा तो संसार में अव्यवस्था फैल जायेगी

ईश्वर यदि पाप क्षमा करेगा तो संसार में अव्यवस्था फैल जायेगी

मनमोहन कुमार आर्य हम जिस संसार में रहते है वह संसार ईश्वर का बनाया हुआ है व उसी ईश्वर के शाश्वत नियमों के अनुसार चल…

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धर्म-अध्यात्म भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव-चेटीचंड

भगवान झूलेलाल का जन्मोत्सव-चेटीचंड

झूलेलाल उत्सव चेटीचंड, जिसे सिन्धी समाज सिन्धी दिवस के रूप में मनाता चला आ रहा है, इस वर्ष यह 19 मार्च सोमवार को मनाया जा रहा है व इसी दिन सिंधियों…

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धर्म-अध्यात्म देश का आजाद कराने का मन्त्र किसने दिया?

देश का आजाद कराने का मन्त्र किसने दिया?

मनमोहन कुमार आर्य, भारत संसार का सबसे पुराना देश है। इसका पुराना नाम आर्यावर्त था। सृष्टि के आदिकाल में ईश्वर ने तिब्बत में मनुष्यों को…

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राजनीति सियासत की प्रयोगशाला बनी पंडित नेहरू की विरासत  

सियासत की प्रयोगशाला बनी पंडित नेहरू की विरासत  

प्रभुनाथ शुक्ल राजनीति की परिभाषा बदलती दिख रहीं है । वह खास विचारधारा के खोल से बाहर निकल विकल्प के नये मिथक गढ़ रही है…

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समाज वे दुखडा न गाएंगे ,न तुम, अनुमान कर पाओगे ! 

वे दुखडा न गाएंगे ,न तुम, अनुमान कर पाओगे ! 

डॉ. मधुसूदन (एक) माता-पिता सेवा का आदर्श: भक्त पुण्डलिक से भेंट करने भगवान कृष्ण जब पहुँचे, पुण्डलिक माता-पिता- की सेवा में व्यस्त थे. पुण्डलिक ने…

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धर्म-अध्यात्म यदि ऋषि दयानन्द न आते?

यदि ऋषि दयानन्द न आते?

मनमोहन कुमार आर्य ऋषि दयानन्द का जन्म 12 फरवरी, 1825 को गुजरात राज्य के मोरवी जिले के टंकारा कस्बे में हुआ था। उनके पिता का…

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समाज नारी के सशक्तिकरण से ही पुरुष का सशक्तिकरण संभव है ’

नारी के सशक्तिकरण से ही पुरुष का सशक्तिकरण संभव है ’

स्ंासार की आधी आबादी महिलाओं की है। अतः विश्व की सुख-शांति और समृद्धि में उनकी भूमिका भी विशेष रुप से रेखांकनीय हैं। भारतीय-चिन्तन-परम्परा में यह…

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समाज नारी पूजनीय तो अत्याचार क्यों?

नारी पूजनीय तो अत्याचार क्यों?

-ललित गर्ग- विश्व महिला दिवस महिलाओं के अस्तित्व एवं अस्मिता से जुड़ा एक ऐसा दिवस है जो नारी शक्ति की सार्थक अभिव्यक्ति देता है। इसमें…

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व्यंग्य बैंकों का घुमावदार सीढ़ियां … !!

बैंकों का घुमावदार सीढ़ियां … !!

तारकेश कुमार ओझा तब तक शायद बैंकों का राष्ट्रीयकरण नहीं हुआ था। बचपन के बैक बाल मन में भारी कौतूहल और जिज्ञासा का केंद्र होते…

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समाज स्वच्छ तन, स्वच्छ मन से बनता नया समाज

स्वच्छ तन, स्वच्छ मन से बनता नया समाज

-अशोक “प्रवृद्ध” दो अक्टूबर 2019 तक देश के हर परिवार को शौचालय सहित स्वच्छता-सुविधा उपलब्ध कराने, ठोस और द्रव अपशिष्ट निपटान व्यवस्था, गाँव में सफाई…

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