राजनीति सिक्का और पर्ची न्याय

सिक्का और पर्ची न्याय

प्रायः शर्मा जी मेरे घर नहीं आते। बुजुर्ग व्यक्ति हैं, इसलिए मैं ही दूसरे-चौथे दिन उनके घर चला जाता हूं; पर आज ठीक से सुबह…

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लेख गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-37

गीता का कर्मयोग और आज का विश्व, भाग-37

राकेश कुमार आर्य   गीता का छठा अध्याय और विश्व समाज योगेश्वर श्रीकृष्णजी ऐसे पाखण्डियों के विषय में कह रहे हैं कि ऐसे लोग…

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लेख मोटापा वीरस्य भूषणम

मोटापा वीरस्य भूषणम

अमित शर्मा (CA) मोटापा ऊपरवाले की देन है जिसे वो आलस और पेटूपन जैसे अपने अंडरकवर एजेंट्स की सहायता से धरती पर रवाना करता है। …

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प्रवक्ता न्यूज़ जानिए वैवाहिक जीवन में तनाव के कारण

जानिए वैवाहिक जीवन में तनाव के कारण

विवाह हमारे पारम्परिक सोलह संस्कारों में से एक है, जीवन के एक पड़ाव को पार करके किशोरावस्था से युवास्था में प्रवेश करने के बाद व्यक्ति…

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विविधा धर्म भारत की आत्मा

धर्म भारत की आत्मा

डा.राधेश्याम द्विवेदी धर्म की व्यापकता – जीवन के सभी क्षेत्रों में धर्म व्याप्त है और धर्म के बिना जीवन जिया ही नहीं जा सकता। इसी…

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कविता मरी हुई संवेदना

मरी हुई संवेदना

मर चुकी हैं संवेदना नेताओं की शिक्षकों की और चिकित्सकों की भी, साहित्यकारों की जो सिर्फ व्यापारी है, जिनकी नहीं मरी हैं उनको मारने की कोशिश जारी है क्योकि उनसे ख़तरा है व्यापारी को। आज बात करूंगी शब्दों के सौदागर की जो साहित्यिक व्यापारी हैं। शब्दों के तराशते है मरी हुई है संवेदना के साथ, राज्य सभा की सीट या कोई पद, इनका लक्ष्य………कोई सरकारी पद पद मिलते ही विदेशों में हिन्दी सम्मेलन, यहां फोटो वहां फोटो शब्दों की जोड़ी तोड़ लो जी गया काम हो गया काम हो गया काम नाम, पर साहित्य शून्य, भाषा शून्य, कल्पना शून्य, शून्य संवेदना शून्य। ये है उनके पूरब की संस्कृति, जी भर कर लिखेगें पर बच्चे कहीं संस्कृत नहीं पढ़ेंगे आक्सफोर्ड में पढेगें…

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विज्ञान प्रार्थनाएं धर्म की नहीं, भारतीयता की प्रचारक

प्रार्थनाएं धर्म की नहीं, भारतीयता की प्रचारक

– लोकेन्द्र सिंह देश के लगभग एक हजार केंद्रीय विद्यालयों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को संस्कृत और हिंदी में प्रार्थना कराई जाती हैं। वर्षों से यह…

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पर्यावरण बेलगाम ध्वनि प्रदूषण:नियंत्रण ज़रूरी

बेलगाम ध्वनि प्रदूषण:नियंत्रण ज़रूरी

निर्मल रानी हमारे देश में आम जनता स्वतंत्रता को कुछ अपने ही तरीके से परिभाषित करने में लगी रहती है। आज़ादी का अर्थ पराधीनता से…

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विविधा डाॅक्टरी पेशे की प्रतिष्ठा पर संकट

डाॅक्टरी पेशे की प्रतिष्ठा पर संकट

संदर्भ: निजी अस्पतालों की लूट पहले मैक्स, फिर फोर्टिस और फिर मेदान्ता। आरोप लगा कि मौतें इलाज में लापरवाही के कारण हुई। डेंगू पीड़ित बच्चे के…

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विधि-कानून उ. प्र. में न्याय पंचायतों का खात्मा एक अनुचित निर्णय

उ. प्र. में न्याय पंचायतों का खात्मा एक अनुचित निर्णय

स्वयं को भारतीय संस्कृति और परम्पराओं का पोषक दल बताने वाले भारतीय जनता पार्टी के विचारकों के लिए यह आइना देखने की बात है कि…

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समाज नाजायज़ शोर की बंधुआगिरी

नाजायज़ शोर की बंधुआगिरी

किसी भी धर्म का मर्म व्‍यक्‍ति की अंतध्‍वर्नि को जाग्रत करने में निहित है  ताकि धर्माचरण के बाद प्रवाहित होने वाली तरंगें व्‍यक्‍ति व समाज…

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समाज लिखी गईं नई इबारतें…कि ये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैं…

लिखी गईं नई इबारतें…कि ये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैं…

आज के विषय पर सबसे पहले पढ़िए मेरे चंद अशआर….. ये परेशानियां जिस्‍मानी नहीं हैं ये ख्‍वाहिशें रूमानी नहीं हैं और ये खिलाफतें भी रूहानी…

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