कविता कब तक शहादत देते रहेगे हम,अपने वीर जवानो की

कब तक शहादत देते रहेगे हम,अपने वीर जवानो की

कब तक शहादत देते रहेंगे हम अपने वीर जवानो की उठो जवानो अब देर करो मत,कसम तुम्हे अपनी जवानी की काट लाओ धड सहित सर…

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समाज भारत की खाप पंचायतों के तालिबानी फरमान

भारत की खाप पंचायतों के तालिबानी फरमान

राकेश कुमार आर्य  भारत में प्रचलित खाप पंचायतों के विरुद्ध शिक्षित वर्ग और देश के न्यायालयों की कड़ी आपत्ति समय-समय पर आती रही है।…

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समाज फ़ादर्स डे बनाम तर्पण

फ़ादर्स डे बनाम तर्पण

मनोज कुमार रिश्ते में हम तेरे बाप लगते हैं, तब लगता है कि बाप कोई बड़ी चीज होता है लेकिन बाज़ार ने ‘फादर्स डे’ कहकर…

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समाज जीवन जीने की कला है योग

जीवन जीने की कला है योग

डॉ नीलम महेन्द्र योग के विषय में कोई भी बात करने से पहले जान लेना आवश्यक है कि इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह  है कि…

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कहानी आज आया लाँघता मैं ! आज की अभी की

आज आया लाँघता मैं ! आज की अभी की

गोपाल बघेल ‘मधु’ आज आया लाँघता मैं, ज़िन्दगी में कुछ दीवारें ; खोलता मैं कुछ किबाड़ें, झाँकता जग की कगारें ! मिले थे कितने नज़ारे, पास कितने आए द्वारे; डोलती नैया किनारे, बैठ पाते कुछ ही प्यारे ! खोजते सब हैं सहारे, रहे हैं जगती निहारे; देख पर कब पा रहे हैं, वे खड़े द्रष्टि पसारे ! क्षुब्ध क्यों हैं रुद्ध क्यों हैं, व्यर्थ ही उद्विग्न क्यों हैं; प्रणेता की प्रीति पावन, परश क्यों ना पा रहे हैं ! जा रहे औ आ रहे हैं, जन्म ले भरमा रहे हैं; ‘मधु’ घृत पी पा रहे हैं, नयन उनके खो रहे हैं ! ’

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धर्म-अध्यात्म “ऋषि दयानन्द का उद्देश्य सद्ज्ञान देकर आत्माओं को परमात्मा से मिलाना था”

“ऋषि दयानन्द का उद्देश्य सद्ज्ञान देकर आत्माओं को परमात्मा से मिलाना था”

मनमोहन कुमार आर्य, महाभारत के बाद ऋषि दयानन्द ने भारत ही नहीं अपितु विश्व के इतिहास में वह कार्य किया है जो संसार में अन्य…

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समाज बुखारी और दानव अधिकार आयोग

बुखारी और दानव अधिकार आयोग

डॉ. वेदप्रताप वैदिक कश्मीर के वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुखारी की निर्मम हत्या का अर्थ क्या है ? यह हत्या उस समय की गई है जबकि…

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राजनीति राज्य सरकार का सफलतम एक वर्ष

राज्य सरकार का सफलतम एक वर्ष

प्रदीप रावत उत्तराखण्ड राज्य अपनी विषम भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। राज्य निर्माण से पूर्व इन्हीं परिस्थितियों के चलते विकास की अपार संभावनायें…

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राजनीति भारत में दलितों का क्या होगा?

भारत में दलितों का क्या होगा?

देवेंद्रराज सुथार देश में दलितों के साथ हो रही हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। महाराष्ट्र के जलगांव में दो नाबालिग दलित लड़कों…

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राजनीति टोंटी में फंसे अखिलेश, नहीं थम रहा विवाद

टोंटी में फंसे अखिलेश, नहीं थम रहा विवाद

पारसमणि अग्रवाल देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के राजनैतिक गलियारों में सियाशी गोटें कब किसके पाले में आ जाये कुछ कहा नहीं जा…

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समाज ‘संतान के लिए सुरक्षा-कवच है पिता’

‘संतान के लिए सुरक्षा-कवच है पिता’

डॉ. कृष्णगोपाल मिश्र ‘पिता’ शब्द् संतान के लिए सुरक्षा-कवच है। पिता एक छत है, जिसके आश्रय में संतान विपत्ति के झंझावातों से स्वयं को सुरक्षित…

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कविता सोशल मीडिया का असर

सोशल मीडिया का असर

शेयर कर लेते है,सारी दुनिया को सोशल मीडिया के द्वारा शेयर नहीं कर पाते माँ-बाप से जिन्होंने दुनिया में उतारा माफ़ कर देते है माँ-बाप,अपने…

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