विविधा आतंकवादः जरूरी है खबरों की गेटकीपिंग

आतंकवादः जरूरी है खबरों की गेटकीपिंग

आज भारत जैसा देश आतंकवाद के अनेक रूपों से टकरा रहा है। एक तरफ पाक पोषित आतंकवाद है तो दूसरी ओर वैश्विक इस्लामी आतंकवाद है…

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राजनीति ‘लहरी’ नही ‘प्रहरी’ बनें जनप्रतिनिधि

‘लहरी’ नही ‘प्रहरी’ बनें जनप्रतिनिधि

सत्ता में अपने लिए 'प्रबंध' और दूसरे के लिए 'प्रतिबंध' का खेल चलता रहता है। जो थोड़े से मुखर जनप्रतिनिधि होते हैं वे इस खेल…

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राजनीति नेहरू, चीन और शांतिपूर्ण सह -अस्तित्व की अवधारणा

नेहरू, चीन और शांतिपूर्ण सह -अस्तित्व की अवधारणा

नेहरूजी की विदेश नीति की समीक्षा आवश्यक है। विशेषत: तब जबकि हमारी विदेश नीति कई बार हमारे हितों को संरक्षित करने में असफल रही है।…

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कला-संस्कृति बुद्ध (वैशाख) पूर्णिमा 10 मई 2017 पर 297 साल बाद बनेगा बुधादित्य महासंयोग—

बुद्ध (वैशाख) पूर्णिमा 10 मई 2017 पर 297 साल बाद बनेगा बुधादित्य महासंयोग—

हमारी सनातन या वैदिक संस्कृति में वैशाख मास को बहुत ही पवित्र माह माना जाता है इस माह में आने वाले त्यौहार भी इस मायने…

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विज्ञान इसरो ने रचा इतिहास

इसरो ने रचा इतिहास

संदर्भः- इसरो ने एक साथ 104 उपग्रह अंतिरक्ष में प्रक्षेपित किए प्रमोद भार्गव भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) ने एक साथ 104 उपग्रह अंतरिक्ष में…

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लेख माहिष्‍मती के समृद्ध इतिहास को कौन नहीं बूझना चाहता

माहिष्‍मती के समृद्ध इतिहास को कौन नहीं बूझना चाहता

उस समय मुस्‍लिम थे ही कहां? और जब मुस्‍लिम थे ही नहीं तो फिल्‍म में मुस्‍लिम किरदार कैसे घुसाया जाता? घुसा भी दिया जाता तो…

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दोहे प्राण की आहुति कोई देता !

प्राण की आहुति कोई देता !

प्राण की आहुति कोई देता, समझ बलिदान कहाँ कोई पाता; ताक में कोई है रहा होता, बचा कोई कहाँ उसे पाता ! रही जोखिम में…

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धर्म-अध्यात्म वेद ही मनुष्य मात्र के परम आदरणीय व माननीय धर्म ग्रन्थ क्यों?

वेद ही मनुष्य मात्र के परम आदरणीय व माननीय धर्म ग्रन्थ क्यों?

वेदों की उत्पत्ति और उनके विषय में कुछ तथ्यों पर भी दृष्टिपात कर लेते हैं। सृष्टि के आरम्भ काल में ईश्वर ने मनुष्य आदि प्राणियों…

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गजल मेरे लफ़्ज तुझसे यकीं माँगें

मेरे लफ़्ज तुझसे यकीं माँगें

शालिनी तिवारी झुरमुट में दिखती परछाइयाँ घुँघुरू की मद्दिम आवाज लम्बे अर्से का अन्तराल तुझसे मिलने का इन्तजार चाँद की रोशन रातों में पल हरपल…

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विधि-कानून निर्भया को आखिर मिला इंसाफ

निर्भया को आखिर मिला इंसाफ

स्त्री की इस परिपक्वता और न्यायपालिका के दायित्व निर्वहन के बाद अब समाज की जिम्मेबारी बनती है कि वह समाज में उस मानसिकता को बदलने…

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मनोरंजन मोदी के दौर की फिल्म है बाहुबली

मोदी के दौर की फिल्म है बाहुबली

अगर सत्यजीत रे का सिनेमा नेहरु के दौर का प्रतिनिधित्व करता है तो बाहुबली मोदी के दौर का सिनेमा है जिसमें साहस है, शौर्य है,…

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धर्म-अध्यात्म पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-12

पूजनीय प्रभो हमारे……भाग-12

राकेश कुमार आर्य छोड़ देवें छल-कपट को मानसिक बल दीजिए गतांक से आगे…. यहीं जाग्रत साधक को अत्यानुभूति होती है, स्वानुभूति होती है, इसे ही…

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