पर्यावरण विश्व में विकास की अंधी दौड़ से प्रकृति बढ रही विनाश की ओर

विश्व में विकास की अंधी दौड़ से प्रकृति बढ रही विनाश की ओर

आज विवाह, जन्मदिन, पार्टी और अन्य ऐसे समारोहों पर उपहार स्वरूप पौधों को देने की परंपरा शुरू की जाए। फिर चाहे वो पौधा, तुलसी का…

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प्रवक्ता न्यूज़ अंग्रेजी की पढ़ाईः बच्चों की तबाही

अंग्रेजी की पढ़ाईः बच्चों की तबाही

डॉ. वेदप्रताप वैदिक अंग्रेजी की अनिवार्य पढ़ाई हमारे बच्चों को कैसे तबाह कर रही है, उसके दो उदाहरण अभी-अभी हमारे सामने आए हैं। पहला तो…

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विविधा क्‍या कश्‍मीर के पत्‍थर बाजों का असर भोपाल में भी दिखने लगा है ?

क्‍या कश्‍मीर के पत्‍थर बाजों का असर भोपाल में भी दिखने लगा है ?

डॉ. मयंक चतुर्वेदी कश्‍मीर सुलग रहा है, सरकार के लाख शांति और सद्भाव के प्रयासों के बाद भी घाटी में ऐसे लोगों की कोई कमी…

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समाज गरीबी के दुश्चक्र में इतनी बड़ी आबादी क्यों ?

गरीबी के दुश्चक्र में इतनी बड़ी आबादी क्यों ?

हम दिशा हीन शैली एवं दिशा हीन मार्ग पर कार्य कर रहे हैं। जिसके परिणाम आज यह दिखाई दे रहे हैं। एक लम्बी लाइन खिंची…

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व्यंग्य व्यंग : आप हमारे लीडर नही हो …!

व्यंग : आप हमारे लीडर नही हो …!

पहले दिल्ली और लखनऊ में टिकट के लिए हाथ फैलाते हैं फिर जनता के पास आकर वोट के लिए । अगर आपकी दिल्ली -लखनऊ में…

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राजनीति पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-2

पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-2

राकेश कुमार आर्य  मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी द्वारा ‘भारत हजारों वर्षों की पराधीनता एक औपनिवेशिक भ्रमजाल’ में बड़े शोधपूर्ण ढंग से हमें बताया…

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राजनीति पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-1

पत्थरबाजो! भारत छोड़ो,’ भाग-1

यह कितने दुख की बात है कि इस देश के सनातन स्वरूप की त्रिवेणी अर्थात सनातन इतिहास, सनातन संस्कृति और सनातन धर्म से प्रेम करने…

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विश्ववार्ता काबुल में बम फटते रहेंगे

काबुल में बम फटते रहेंगे

काबुल में हुए बम-विस्फोट में लगभग 100 लोग मारे गए और चार सौ घायल हुए। यह बम-विस्फोट पिछले 20 वर्षों में सबसे भयानक था। यह…

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विविधा चलो ना माँ अपने घर, जो घर “अपना” है

चलो ना माँ अपने घर, जो घर “अपना” है

सारे कश्मीरी पंडितो के घर के दरवाजो पर नोट लगा दिया जिसमें लिखा था, "या तो मुस्लिम बन जाओ” या “कश्मीर में अपनी बहु, बेटियों…

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दोहे चलि दिए विराट विश्व !

चलि दिए विराट विश्व !

चलि दिए विराट विश्व, लै कें फुरकैंया; ध्यान रह्यौ निज सृष्टा, नैनन लखि पैयाँ ! पैंजनियाँ बजति रहीं, देखत है मात रही; प्रकृति ललचात रही,…

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समाज भारत में जाति-सीमा को लांघना दो राष्ट्रों की सीमाओं का लांघना है!

भारत में जाति-सीमा को लांघना दो राष्ट्रों की सीमाओं का लांघना है!

 सजा-दलित पत्नी से विवाह से आहत पति की आत्महत्या! लेखक : डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’ पंजाब के संगरूर में एक 22 वर्षीय यवुक ने अपनी…

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कविता लपक लिए आम

लपक लिए आम

प्रभुदयाल श्रीवास्तव लपकी ने लपक लिए, थैले से आम। अम्मा से बोली है, आठ आम लूँगी मैं। भैया को दीदी को, एक नहीं दूँगी मैं।…

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