विश्ववार्ता अमेरिका की नई रक्षा नीति हथियारों की होड़ बढ़ाएगी

अमेरिका की नई रक्षा नीति हथियारों की होड़ बढ़ाएगी

डोनाल्ड ट्रंप जब से अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं, वो लगातार अमेरिकी नीतियों में बड़े बदलाव करते जा रहे हैं। ये बदलाव इतने बड़े हैं कि उनके जाने

Read more
मीडिया सच्चे पत्रकार मार्क टली को विनम्र श्रद्धांजलि

सच्चे पत्रकार मार्क टली को विनम्र श्रद्धांजलि

शम्भू शरण सत्यार्थी  अचानक विलियम मार्क टली का नाम सुनते ही समय जैसे पीछे लौट गया। नई दिल्ली में उनके निधन की खबर आई और उसके साथ…

Read more
राजनीति ‘एक भारत, एक कानून’ की नीतिगत कसौटी के सियासी निहितार्थ

‘एक भारत, एक कानून’ की नीतिगत कसौटी के सियासी निहितार्थ

कमलेश पांडेय विभिन्न तरह के पारस्परिक विरोधाभासों से जूझ रहे भारतीय गणतंत्र के लिए ‘एक भारत, एक कानून’ की अवधारणा बदलते वक्त की मांग है। इसलिए…

Read more
प्रवक्ता न्यूज़ चुनौतियों को अवसर में बदलते नरेंद्र मोदी

चुनौतियों को अवसर में बदलते नरेंद्र मोदी

डॉ. वेदप्रकाश          हाल ही में लंदन से प्रकाशित प्रतिष्ठित एवं अंतरराष्ट्रीय पत्रिका “द इकोनॉमिस्ट” की एक रिपोर्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक चुनौतियों…

Read more
मीडिया भरोसे एवं भारत की आवाज थे विरल पत्रकार मार्क टुली

भरोसे एवं भारत की आवाज थे विरल पत्रकार मार्क टुली

-ललित गर्ग- भारत की समकालीन इतिहास-यात्रा में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो केवल घटनाओं का वृत्तांत नहीं लिखते, बल्कि समय की चेतना में घुल-मिलकर…

Read more
लेख गणतंत्र का गौरव और राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

गणतंत्र का गौरव और राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ

77 वें गणतंत्र दिवस

Read more
लेख राष्ट्रीय संकट के समय राजपथ से संघ ने दिया एकजुटता का संदेश

राष्ट्रीय संकट के समय राजपथ से संघ ने दिया एकजुटता का संदेश

आज भी हम 1962 के भारत-चीन युद्ध को भूल नहीं पाते हैं। चीन ने भारत के विश्वास का कत्ल किया था। ‘हिन्दी-चीनी, भाई-भाई’ के हमारे नारे को धुंए में

Read more
लेख भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 

भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता 

26 जनवरी गणतंत्र दिवस विवेक रंजन श्रीवास्तव  भारतीय संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का संबंध लोकतंत्र की आत्मा से जुड़ा हुआ है। यह केवल एक कानूनी प्रावधान नहीं…

Read more
लेख संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व

संवैधानिक मूल्य : गणतंत्र की आत्मा और नागरिक दायित्व

26 जनवरी गणतंत्र दिवस बाबूलाल नागा    भारतीय संविधान केवल शासन चलाने का दस्तावेज नहीं, बल्कि एक जीवंत दर्शन है जो देश की आत्मा, उसकी चेतना और दिशा—तीनों को परिभाषित करता है। संविधान की उद्देशिका में निहित स्वतंत्रता, समता, समानता, बंधुता, संप्रभुता, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्य पूरे संविधान की वैचारिक रीढ़ हैं। ये मूल्य “हम भारत के लोग” द्वारा स्वयं को दी गई वह सामूहिक प्रतिबद्धता हैं जो प्रत्येक नागरिक को अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निरंतर स्मरण कराती है। संविधान का सच्चा सम्मान केवल औपचारिक आयोजनों से नहीं, बल्कि इन मूल्यों को अपने व्यवहार और सार्वजनिक जीवन में उतारने से होता है।    भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ मना रहा है। 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान को अंगीकार किया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे…

Read more
लेख गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ : हमारा दायित्व

गणतंत्र के सामने चुनौतियाँ : हमारा दायित्व

शम्भू शरण सत्यार्थी गणतंत्र केवल शासन-प्रणाली का नाम नहीं है, यह एक जीवित चेतना है जो नागरिकों के आचरण, सोच और साहस से जीवित रहती…

Read more
लेख ज्ञान-परंपरा से लौटती प्राचीन भारतीय गणतंत्र की गरिमा

ज्ञान-परंपरा से लौटती प्राचीन भारतीय गणतंत्र की गरिमा

संदर्भः गणतंत्र दिवस 26 जनवरी पर विशेष आलेख-प्रमोद भार्गवदुनिया के गणतंत्रों में भारत प्राचीन गणतंत्रों में से एक है। यहां के मथुरा, पद्मावती और त्रिपुरी…

Read more
राजनीति वंदे मातरम पर बवाल क्यों ?

वंदे मातरम पर बवाल क्यों ?

वंदे मातरम पर बवाल क्यों ?

Read more