हास्य-व्यंग्य/ जयराम रमेश मंदिर नहीं शौचालय जाएंगे?
Updated: October 9, 2012
बेटा: पिताजी! पिता: हाँ, बेटा। बेटा: ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने कहा है कि शौचालय हमारे मंदिरों से कहीं ज़्यादा शुद्ध और स्वच्छ हैं।…
Read more
दलदल की गवाही
Updated: October 9, 2012
आज दादाजी फिर कहानी सुनाने बैठ गये| गरमी का समय था,बढ़िया कूलर की हवा का आनंद लेते हुये सब बच्चे उन्हें घेर कर बैठे थे|कहानी…
Read more
कविता – असल में
Updated: October 9, 2012
मोतीलाल हमने समय की क्रूरता देखी देखी आदमी की गति समय के गति से भागते हुए । अगली तारीख में रोटियां गर्म नहीं हो…
Read moreविदेशी पूंजी निवेश और संसदीय गरिमा ?
Updated: October 9, 2012
प्रमोद भार्गव खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष पूंजी निवेश के विरोध की परवाह न करते हुए केंद्र सरकार ने आर्थिक सुधारों के बहाने निवेश के नए…
Read more
सत्य की राह कठिन जरूर है,
Updated: October 9, 2012
सत्य की राह कठिन जरूर है, पर है असली आनंद देने वाली डॉ. दीपक आचार्य सत्य जीवन का सर्वोपरि कारक है जिसका आश्रय ग्रहण कर…
Read more
तू , तुम,आप, मै, हम ,वह और वे
Updated: October 9, 2012
‘’तू, ‘’ तुम,’’ ‘’आप,’’ ‘’ मै’’ और ‘’हम’’’ ये सब सर्वनाम हैं ये तो हम सभी जानते हैं। हिन्दी भाषा मे इनके प्रयोग अलग अलग…
Read more
अब तो शर्म करें कलमाड़ी
Updated: October 9, 2012
सिद्धार्थ शंकर गौतम पिछले दिनों केंद्र सरकार ने कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटाले के आरोपी सुरेश कलमाड़ी और २जी स्पेक्ट्रम घोटाले में आरोपी ए राजा और…
Read more
कुशल वैद्य होते हैं बच्चे
Updated: October 9, 2012
चित्त उदास और मन चंचल, हो तो यह कर डालें| चलकर किन्हीं सड़क गलियों में, बच्चा गोद गोद उठा लें| बच्चे को गुदगुदी लगाकर,…
Read more
चुहिया रानी
Updated: October 9, 2012
बिल से निकली चुहिया रानी, लगी चाल चलने मस्तानी| बोली मैं हूँ घर की मुखिया, दुनिया है मेरी दीवानी| मेरी मर्जी से ही मिलता, सबको…
Read more
चांद पे बुढ़िया रहती क्यों है
Updated: October 9, 2012
चांद युवाओं की बस्ती है चांद पे बुढ़िया क्यों रहती है पता नहीं युवकों की पीढ़ी यह गुस्ताखी सहती क्यों है | पूर्ण चंद्र पर…
Read more
हम रिश्वत न खायेंगे
Updated: October 9, 2012
‘ पापा अगर आज आप ,रिश्वत के रुपये लायेंगे, तो निश्चित ही आज शाम का ,खाना हम न खायेंगे| यदि गरीब निर्बलों से न,रिश्वत लेना…
Read more
दादी को समझाओ जरा
Updated: October 9, 2012
मुझे कहानी अच्छी लगती कविता मुझको बहुत सुहाती पर मम्मी की बात छोड़िये दादी भी कुछ नहीं सुनातीं पापा को आफिस दिखता है मम्मी किटी…
Read more