शख्सियत श्री श्रीकान्त जोशी जी – आप सो गये दास्ताँ कहते-कहते – डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री

श्री श्रीकान्त जोशी जी – आप सो गये दास्ताँ कहते-कहते – डॉ. कुलदीप चंद अग्निहोत्री

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री श्रीकान्त जोशी जी का आठ जनवरी को प्रातःकाल पाँच बजे ७६ साल की आयु में मुम्बई में निधन…

Read more
शख्सियत इस कठिन समय में उनके बिना : डॉ. मयंक चतुर्वेदी

इस कठिन समय में उनके बिना : डॉ. मयंक चतुर्वेदी

व्यक्ति जब तक हमारे आसपास होता है, उसका अहसास होते हुए उसके द्वारा किए गए कार्यों की महत्ता को हम श्रेष्ठतम रूप से कई बार…

Read more
शख्सियत बहु आयामी व्यक्तित्व के धनी – श्रीयुत् श्रीकान्त जोशी

बहु आयामी व्यक्तित्व के धनी – श्रीयुत् श्रीकान्त जोशी

विनोद बंसल श्रीयुत् श्री कान्त जोशी जी का स्मरण करते ही एक सहज स्वभाव का स्वछंद मन, हंस मुख चहरा व अपनी ध्येय साधना के…

Read more
विविधा नामधारी सम्प्रदाय की विरासत – डा कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

नामधारी सम्प्रदाय की विरासत – डा कुलदीप चन्द अग्निहोत्री

नामधारी सम्प्रदाय के सदगुरु जगजीत सिंह जी १२ दिसम्बर को पंचतत्व में विलीन हो गये ।१९२० में पैदा हुये , ९३ वर्ष के जगजीत सिंह…

Read more
टॉप स्टोरी देश की बेटी ने जगा दिया देश

देश की बेटी ने जगा दिया देश

जिन लोगों ने अपनी कलम बेची उन्होंने ही ईमान बेचा और जिन्होंने ईमान (धर्म परिवर्तन किया) बेचा उन्होंने ही हिंदुस्तान बेचा। बाहर से आने वाले विदेशी लोगों…

Read more
टॉप स्टोरी न गोपाल काँडा डरता है न राम सिंह – डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री

न गोपाल काँडा डरता है न राम सिंह – डा कुलदीप चंद अग्निहोत्री

जिस दिन दीपिका की मौत हुई उस दिन गोपाल काँडा को उसके जन्म दिन पर बधाई देने वाले विज्ञापन समाचार पत्रों में प्रकाशित हुये ।…

Read more
समाज रेपः कानून व्यवस्था ही नहीं समाज को भी बदलने की ज़रूरत है!

रेपः कानून व्यवस्था ही नहीं समाज को भी बदलने की ज़रूरत है!

इक़बाल हिंदुस्तानी लड़कियों के साथ पक्षपात घर से ही ख़त्म करना शुरू करें? बलात्कार के कुल मामलों में 94.2 प्रतिशत बलात्कारी परिचित होते हैं। इसका…

Read more
शख्सियत वाहो – वाहो गुरू गोबिन्द सिंह…

वाहो – वाहो गुरू गोबिन्द सिंह…

परमजीत कौर कलेर. वाहो वाहो प्रगटिओ मरद अगंमड़ा वरियाम अकेला…वाहु वाहु गुरू गोबिन्द सिंह आपे गुरू चेला…इस शब्द के बोल सुनकर तो आप समझ ही…

Read more
कविता पराकाष्ठा

पराकाष्ठा

  विजय निकोर आज जब दूर क्षितिज पर मेघों की परतें देखीं लगा मुझको कि कई जन्म-जन्मान्तर से तुम मेरे जीवन की दिव्य आद्यन्त “खोज”…

Read more
कविता कविता – हम कैसे बता दें

कविता – हम कैसे बता दें

मोतीलाल हम यह भी नहीं बता सकते कितने कंकड़-पत्थर हर अफरा-तफरी में महाद्वीप में तब्दील हो जाते हैं ।   कब से मंच के पीछे…

Read more
विविधा वाह रजा बनारस !

वाह रजा बनारस !

…..लीक से हटकर भारतवर्ष ! उसका एक बड़ा और अहम् हिस्सा उत्तर-प्रदेश ! और उत्तर-प्रदेश का बेहद अहम् हिस्सा वाराणसी/ काशी / बनारस ! मोक्ष…

Read more
जन-जागरण भारत और इंडिया के सन्दर्भ में क्या गलत कहा संघ प्रमुख नें??

भारत और इंडिया के सन्दर्भ में क्या गलत कहा संघ प्रमुख नें??

दिल्ली के दामिनी गेंग रेप काण्ड के बाद पूरा देश अपनी बेटियों की चिंता में झुलस रहा है और नित नए और चित्र विचित्र चर्चा…

Read more